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संभावित दावेदारों ने की ताकत दिखाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:24 AM IST
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काशीपुर में जनता का अभिवादन स्वीकारते सीएम
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस की सतत विकास परिवर्तन यात्रा में संभावित दावेदारों ने शक्ति प्रदर्शन किया। काशीपुर के अलावा जसपुर, रामनगर, गदरपुर और किच्छा से भी दावेदार समर्थकों के साथ सभास्थल में पहुंचे। कई समर्थकों ने हाथों में अपने नेता के नाम की तख्तियां थाम रखी थी। दावेदारों की होड़ मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को ताकत दिखाने की थी, लेकिन सभा देरी से शुरू होने की वजह से अधिकांश दावेदारों की हसरत पूरी नहीं हो सकी। नेताओं ने सभास्थल के भवनों को होर्डिंग से पाटते हुए मौजूदगी का अहसास कराने की जरूर कोशिश की।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस की विकास यात्रा का समापन उदयराज इंटर कॉलेज प्रेक्षागृह मैदान में जनसभा के रुप में होना था। जनसभा शुरू होने से पहले अपने-अपने विधानसभा में चुनाव लड़ने की इच्छा पाले दावेदार अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए सभास्थल पर पहुंचे। नेताओं के समर्थकों के हाथों में झंडे तो कांग्रेस के थे, लेकिन जुबां पर अपने नेता और मुख्यमंत्री के नारे थे। अपने समर्थकों के साथ रैली स्थल में पहुंचने वाले कमाबेश हर दावेदार ने हाथ हिलाकर अभिवादन जरूर किया।
सभी नेताओं की मंशा मंच पर बैठने वाले मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष और आला नेताओं को अपनी ताकत का अहसास दिलाने की थी। यही वजह थी कि बस, कार में दावेदार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और नारेबाजी, ढोल के साथ जुलूस के रुप में रैली स्थल तक आए। लेकिन तय समय से विलंब से जनसभा शुरू होने की वजह से वे मुख्यमंत्री सहित आला नेताओं को शक्ति प्रदर्शन नहीं दिखा सके। चंद ही दावेदार थे जो, मुख्यमंत्री सहित आला नेताओं के समक्ष अपनी ताकत दिखा सके। मुख्यमंत्री को अपना चेहरा और ताकत दिखाने की होड़ भी मची रही। इसके चलते कई दावेदार तो मंच और उसके आसपास ही मंडराते रहे।
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। उदयराज इंटर कॉलेज प्रेक्षागृह में बनाए मंच में बैठने के लिए 30 लोगों के नाम की सूची थी। सूची में जिन नेताओं का नाम नहीं था, उनको मंच पर नहीं जाने दिया गया। मंच में बैठने वालों में नाम नहीं होने पर पूर्व विधायक नारायण पाल बिफर पड़े। वे नाराजगी जताते हुए जाने लगे तो इसी बीच पूर्व सांसद महेंद्र पाल दौड़कर उनके पीछे गए और समझाकर मंच पर लाए और कुर्सी पर सम्मान से बिठाया। मंच की सूची में नाम नहीं होने पर आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष प्रयाग भट्ट ने भी नाराजगी जाहिर की।
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- कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कहा कि झूठे नारे देकर जनता को गुमराह करने वाली केंद्र की सरकार को जवाब देने का वक्त आ गया है। केंद्र ने लोकतांत्रिक सरकार को गिराने का प्रयास किया था तो जनता ने सड़क में उतरकर जवाब दिया था। जनता के आशीर्वाद से वर्ष 2017 में हरीश रावत सरकार दोबारा सत्ता पर काबिज होगी।
- महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री हरीश रावत को कोसने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। महंगाई से ध्यान बंटाने के लिए नोटबंदी कर दी। महिलाओं की जमा पूंजी को काला धन बताया जा रहा है। महिला शक्ति भाजपा को इसका करारा जवाब देगी।
- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आती है तो विकास कार्य रुक जाते हैं और कांग्रेस के आते ही विकास कार्य होने लगते हैं। यूएस नगर जिले के लोग भाजपा के जनप्रतिनिधियों से परेशान हो चुके हैं। जिले की सभी सीटें कांग्रेस जीतेगी। गरीब, किसान परेशान हैं। परिवर्तन यात्रा निकालने वालों का परिवर्तन जनता करेगी।
- कांग्रेस सहप्रभारी संजय कपूर ने कहा कि मोदी सरकार उत्तराखंड के साथ अन्याय कर रही है। केंद्र ने उत्तराखंड का विकास रोकने का काम किया है। सांप्रदायिक ताकतों को प्रदेश और देश से हटाना है। बहुमत के साथ फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।
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- पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कहा कि प्रदेश में हरीश रावत की सरकार ने तेजी से विकास कार्य किए हैं। चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।
- पूर्व सांसद केसी बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की अगुवाई में विकास तेजी से हुआ है। भाजपा विकास कार्यों से बौखला गई है। जनता में कांग्रेस के प्रति खूब उत्साह है।
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काशीपुर। जनसभा में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य भाषण दे रहे थे कि अचानक मंच से कुछ दूरी पर बैठे कुछ लोग खड़े हुए और हाथ में होर्डिंग थामकर दया करो दया करो के नारे लगाने लगे। अचानक लोगों के नारों से लोगों का ध्यान उनकी ओर खिंच गया। कर्मचारियों की मांग थी कि बंद हो चुकी शुगर मिल से बर्बाद हो चुके कर्मचारियों की सुनवाई करते हुए बकाया वेतन का भुगतान किया जाए। हालांकि करीब 3 मिनट तक नारेबाजी करने के बाद वे शांत होकर कुर्सियों में बैठ गए।
। मंच पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पहुंचे तो उत्साहित समर्थकों ने हरीश और यशपाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। ये सिलसिला रुक रुककर जारी रहा। यशपाल ने संबोधन किया तो समर्थक कई बार उनके नाम से नारेबाजी करते रहे। जब प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बोलने के लिए माइक थामा तो भी यशपाल समर्थकों ने नारेबाजी की। इससे किशोर उखड़ गए। उन्होंने खासतौर पर यशपाल आर्य का नाम लेते हुए सभी नेताओं को इशारे में कहा कि अपने लोगों को अनुशासित करने का काम करना चाहिए। जनता नारे सुनने नहीं बल्कि कांग्रेस ने देश के लिए क्या किया, यह सुनने आई है। उन्होंने अनुशासन रखने और नारेबाजी नहीं करने की गुजारिश की।
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जिले बनने की आस में बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला बनाओ के नारे लगाते हुए सभास्थल में पहुंचे थे। जैसे ही कोई नेता बोलता तो अधिवक्ता जिले को लेकर नारेबाजी करने लगते। कई कांग्रेसी नेताओं ने भाषण में अधिवक्ताओं को जिले के लिए उम्मीद की किरण भी जगाई। मुख्यमंत्री हरीश रावत के संबोधन के बीच में भी जिले को लेकर नारेबाजी हुई तो रावत ने धैर्य रखने की नसीहत भी दी। लेकिन जब मुख्यमंत्री ने जिले की घोषणा नहीं की तो अधिवक्ता निराश होकर मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सभास्थल से बाहर निकले। उन्होंने सभास्थल के बाहर काले कोट लहराते हुए नारेबाजी भी की।
सभास्थल में यूएस नगर के साथ ही नैनीताल जिले की कई विधानसभाओं से भी नेता समर्थकों के साथ पहुंचे थे। सभा में मुख्य रुप से प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्य, जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, नैनीताल जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, दर्जा कैबिनेट मंत्री हरविंदर सिंह लाडी, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हाजी मौहम्मद अकरम, अनुपम शर्मा, शिल्पी अरोरा, संदीप सहगल, वेद प्रकाश तिवारी, डॉ. यूनुस चौधरी, मुकेश मेहरोत्रा, मुशर्रफ हुसैन, मनोज जोशी, बलबीर सहोता, विमला गुडिय़ा, ब्रहमा सिंह पाल, मुक्ता सिंह, विनोद वात्सल्य, संजय नेगी, रवि ढींगरा, गुरमुख सिंह, हुकुम सिंह कुंवर, बलबीर सहोता, खजान पांडे, राम सिंह कैड़ा मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को कांग्रेस की विकास यात्रा का समापन उदयराज इंटर कॉलेज प्रेक्षागृह मैदान में जनसभा के रुप में होना था। जनसभा शुरू होने से पहले अपने-अपने विधानसभा में चुनाव लड़ने की इच्छा पाले दावेदार अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए सभास्थल पर पहुंचे। नेताओं के समर्थकों के हाथों में झंडे तो कांग्रेस के थे, लेकिन जुबां पर अपने नेता और मुख्यमंत्री के नारे थे। अपने समर्थकों के साथ रैली स्थल में पहुंचने वाले कमाबेश हर दावेदार ने हाथ हिलाकर अभिवादन जरूर किया।
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सभी नेताओं की मंशा मंच पर बैठने वाले मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष और आला नेताओं को अपनी ताकत का अहसास दिलाने की थी। यही वजह थी कि बस, कार में दावेदार अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और नारेबाजी, ढोल के साथ जुलूस के रुप में रैली स्थल तक आए। लेकिन तय समय से विलंब से जनसभा शुरू होने की वजह से वे मुख्यमंत्री सहित आला नेताओं को शक्ति प्रदर्शन नहीं दिखा सके। चंद ही दावेदार थे जो, मुख्यमंत्री सहित आला नेताओं के समक्ष अपनी ताकत दिखा सके। मुख्यमंत्री को अपना चेहरा और ताकत दिखाने की होड़ भी मची रही। इसके चलते कई दावेदार तो मंच और उसके आसपास ही मंडराते रहे।
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। उदयराज इंटर कॉलेज प्रेक्षागृह में बनाए मंच में बैठने के लिए 30 लोगों के नाम की सूची थी। सूची में जिन नेताओं का नाम नहीं था, उनको मंच पर नहीं जाने दिया गया। मंच में बैठने वालों में नाम नहीं होने पर पूर्व विधायक नारायण पाल बिफर पड़े। वे नाराजगी जताते हुए जाने लगे तो इसी बीच पूर्व सांसद महेंद्र पाल दौड़कर उनके पीछे गए और समझाकर मंच पर लाए और कुर्सी पर सम्मान से बिठाया। मंच की सूची में नाम नहीं होने पर आपदा प्रबंधन के अध्यक्ष प्रयाग भट्ट ने भी नाराजगी जाहिर की।
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- कैबिनेट मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कहा कि झूठे नारे देकर जनता को गुमराह करने वाली केंद्र की सरकार को जवाब देने का वक्त आ गया है। केंद्र ने लोकतांत्रिक सरकार को गिराने का प्रयास किया था तो जनता ने सड़क में उतरकर जवाब दिया था। जनता के आशीर्वाद से वर्ष 2017 में हरीश रावत सरकार दोबारा सत्ता पर काबिज होगी।
- महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्यमंत्री हरीश रावत को कोसने के अलावा कोई काम नहीं कर रही है। महंगाई से ध्यान बंटाने के लिए नोटबंदी कर दी। महिलाओं की जमा पूंजी को काला धन बताया जा रहा है। महिला शक्ति भाजपा को इसका करारा जवाब देगी।
- पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आती है तो विकास कार्य रुक जाते हैं और कांग्रेस के आते ही विकास कार्य होने लगते हैं। यूएस नगर जिले के लोग भाजपा के जनप्रतिनिधियों से परेशान हो चुके हैं। जिले की सभी सीटें कांग्रेस जीतेगी। गरीब, किसान परेशान हैं। परिवर्तन यात्रा निकालने वालों का परिवर्तन जनता करेगी।
- कांग्रेस सहप्रभारी संजय कपूर ने कहा कि मोदी सरकार उत्तराखंड के साथ अन्याय कर रही है। केंद्र ने उत्तराखंड का विकास रोकने का काम किया है। सांप्रदायिक ताकतों को प्रदेश और देश से हटाना है। बहुमत के साथ फिर से कांग्रेस की सरकार बनेगी।
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- पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कहा कि प्रदेश में हरीश रावत की सरकार ने तेजी से विकास कार्य किए हैं। चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।
- पूर्व सांसद केसी बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की अगुवाई में विकास तेजी से हुआ है। भाजपा विकास कार्यों से बौखला गई है। जनता में कांग्रेस के प्रति खूब उत्साह है।
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काशीपुर। जनसभा में कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य भाषण दे रहे थे कि अचानक मंच से कुछ दूरी पर बैठे कुछ लोग खड़े हुए और हाथ में होर्डिंग थामकर दया करो दया करो के नारे लगाने लगे। अचानक लोगों के नारों से लोगों का ध्यान उनकी ओर खिंच गया। कर्मचारियों की मांग थी कि बंद हो चुकी शुगर मिल से बर्बाद हो चुके कर्मचारियों की सुनवाई करते हुए बकाया वेतन का भुगतान किया जाए। हालांकि करीब 3 मिनट तक नारेबाजी करने के बाद वे शांत होकर कुर्सियों में बैठ गए।
। मंच पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पहुंचे तो उत्साहित समर्थकों ने हरीश और यशपाल जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। ये सिलसिला रुक रुककर जारी रहा। यशपाल ने संबोधन किया तो समर्थक कई बार उनके नाम से नारेबाजी करते रहे। जब प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बोलने के लिए माइक थामा तो भी यशपाल समर्थकों ने नारेबाजी की। इससे किशोर उखड़ गए। उन्होंने खासतौर पर यशपाल आर्य का नाम लेते हुए सभी नेताओं को इशारे में कहा कि अपने लोगों को अनुशासित करने का काम करना चाहिए। जनता नारे सुनने नहीं बल्कि कांग्रेस ने देश के लिए क्या किया, यह सुनने आई है। उन्होंने अनुशासन रखने और नारेबाजी नहीं करने की गुजारिश की।
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जिले बनने की आस में बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला बनाओ के नारे लगाते हुए सभास्थल में पहुंचे थे। जैसे ही कोई नेता बोलता तो अधिवक्ता जिले को लेकर नारेबाजी करने लगते। कई कांग्रेसी नेताओं ने भाषण में अधिवक्ताओं को जिले के लिए उम्मीद की किरण भी जगाई। मुख्यमंत्री हरीश रावत के संबोधन के बीच में भी जिले को लेकर नारेबाजी हुई तो रावत ने धैर्य रखने की नसीहत भी दी। लेकिन जब मुख्यमंत्री ने जिले की घोषणा नहीं की तो अधिवक्ता निराश होकर मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए सभास्थल से बाहर निकले। उन्होंने सभास्थल के बाहर काले कोट लहराते हुए नारेबाजी भी की।
सभास्थल में यूएस नगर के साथ ही नैनीताल जिले की कई विधानसभाओं से भी नेता समर्थकों के साथ पहुंचे थे। सभा में मुख्य रुप से प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्य, जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, नैनीताल जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, दर्जा कैबिनेट मंत्री हरविंदर सिंह लाडी, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन हाजी मौहम्मद अकरम, अनुपम शर्मा, शिल्पी अरोरा, संदीप सहगल, वेद प्रकाश तिवारी, डॉ. यूनुस चौधरी, मुकेश मेहरोत्रा, मुशर्रफ हुसैन, मनोज जोशी, बलबीर सहोता, विमला गुडिय़ा, ब्रहमा सिंह पाल, मुक्ता सिंह, विनोद वात्सल्य, संजय नेगी, रवि ढींगरा, गुरमुख सिंह, हुकुम सिंह कुंवर, बलबीर सहोता, खजान पांडे, राम सिंह कैड़ा मौजूद रहे।