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Udham Singh Nagar News: बैंक में गिरवी गहने नहीं लौटाना सेवा में कमी
Tue, 25 Aug 2026 01:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 25 Aug 2026 01:18 AM IST
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काशीपुर। बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा न करने और वापस न लौटाने को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सेवा में कमी माना। आयोग ने यूको बैंक को गोल्ड लोन में गिरवी रखे 94.640 ग्राम सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश दिया है। आभूषण लौटाने में असमर्थ होने पर गहनों का मूल्य ब्याज सहित भुगतान करने को कहा है।
जसपुर निवासी पंकज कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। इसके अनुसार उसने यूको बैंक की जसपुर शाखा में व्यक्तिगत गहने गिरवी रखकर दो लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। जनवरी 2019 में ब्याज सहित कुल 2,31,450 रुपये का भुगतान कर लोन चुका दिया गया। वर्ष 2023 में आभूषण वापस लौटाने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन बैंक ने न तो गहने लौटाए और न ही इसका वैध कारण बताया। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर आयोग में परिवाद दायर किया गया। बैंक की ओर से बताया गया कि 11 जुलाई 2018 को चपरासी ने चोरी की थी, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। बैंक ने 2,86,087 रुपये मुआवजे का समझौता पत्र डाक से भेजने की बात भी कही।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चंद्र चंदौला और डॉ. मनीला ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद इसे सेवा में कमी माना। आदेश दिया कि अगर चोरी के बाद आभूषण बैंक को प्राप्त हो गए हैं तो उन्हें 45 दिन के अंदर भीतर परिवादी को वापस किया जाए। जेवरात नहीं लौटाने पर बैंक को 31 जनवरी 2019 को सोने की मार्केट वैल्यू के अनुसार राशि छह प्रतिशत साधारण ब्याज सहित भुगतान करनी होगा।
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मारपीट करने के तीन आरोपी साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त
काशीपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (जूनियर डिविजन) पूनम टोडी की अदालत ने मारपीट करने के तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया। ग्राम गढ़ीगंज निवासी कन्यावती पत्नी अमर सिंह ने छह सितंबर 2015 को कुंडा थाने में गांव के ही राहुल, विजय, राजेश उर्फ कर्मा समेत दो अन्य किशोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। उसने इन सभी पर उसके पति अमर सिंह से मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन ने 10 में से सिर्फ दो गवाहों को परीक्षित कराया। संबंधित पक्षों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुुक्त करने का आदेश पारित किया। संवाद
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आरोपों से मुकरी पत्नी, पति को मिली क्लीन चिट
रुद्रपुर। पति पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाने वाली पत्नी न्यायालय में आरोप से मुकर गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत ने पति को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
चार फरवरी 2022 को कोतवाली ट्रांजिट कैंप में पीड़िता के भाई ने बहन के पति अमनदीप और उसके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि पांच मार्च 2018 को विवाह के बाद से ससुराल वालों ने उसकी बहन का शारीरिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न किया है। गलत दवाएं देकर गर्भपात कराने और मारपीट के भी आरोप लगाए थे। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने तहरीर में लगाए गए दहेज उत्पीड़न, गलत दवा देकर गर्भपात कराने या मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि पिता की मौत के सदमे और डिप्रेशन के कारण उन्होंने खुद ये बातें पुलिस को नहीं बताई थीं। उन्होंने बताया कि पति से अब तलाक हो चुका है। दोनों के बीच केवल घरेलू नोकझोंक थी जो आपसी समझौते से दूर हो गई है। संवाद
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न्यायालय में पेश नहीं हुए गवाह, आरोपी बरी
काशीपुर। .32 बोर के दो पिस्टलों के साथ पकड़े गए आरोपी को गवाहों के न्यायालय में नहीं पहुंचने का लाभ मिला। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (जू.डि) पूनम टोडी की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उसे दोषमुक्त किया।
आठ मार्च 2019 को एसआई विजय सिंह, कांस्टेबल कुलदीप ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम टाहमदन, रोशनपुर मुरादाबाद निवासी इमरान को .32 बोर के दो पिस्टल और एक जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस एक भी गवाह पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट के साहब सिंह बनाम पंजाब के अनुसार स्वतंत्र गवाह न पेश करना केस को कमजोर करता है। अभियोजन अपना केस संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। इसके आधार पर आरोपी को दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया गया। संवाद
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टैंकर की टक्कर से मौत मामले में चालक बरी
रुद्रपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह ने सड़क हादसे प्रकरण में अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही से दुर्घटना होने को साबित नहीं कर सका।
पांच अक्तूबर 2016 की सुबह भाखड़ा पुल के पास बिलासपुर, रामपुर निवासी हरपाल सिंह को 10-टायरा टैंकर ने टक्कर मार दी थी। उसकी अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी और प्रत्यक्षदर्शी पाला सिंह ने अदालत में स्वीकार किया कि वह टैंकर चालक को पहले से नहीं जानता था। वह यह भी स्पष्ट नहीं कर सका कि हादसे के समय टैंकर रईस अहमद ही चला रहा था। ट्रांसपोर्ट फर्म के पार्टनर आशीष टंडन ने बताया कि उनकी फर्म में 50 टैंकर हैं। चालक वाहन बदल-बदल कर चलाते हैं। अदालत ने टैंकर के तकनीकी निरीक्षण में करीब सात माह की देरी को भी अहम माना और साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को मामले से बरी कर दिया। संवाद
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जसपुर निवासी पंकज कुमार ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया था। इसके अनुसार उसने यूको बैंक की जसपुर शाखा में व्यक्तिगत गहने गिरवी रखकर दो लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया था। जनवरी 2019 में ब्याज सहित कुल 2,31,450 रुपये का भुगतान कर लोन चुका दिया गया। वर्ष 2023 में आभूषण वापस लौटाने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन बैंक ने न तो गहने लौटाए और न ही इसका वैध कारण बताया। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर आयोग में परिवाद दायर किया गया। बैंक की ओर से बताया गया कि 11 जुलाई 2018 को चपरासी ने चोरी की थी, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। बैंक ने 2,86,087 रुपये मुआवजे का समझौता पत्र डाक से भेजने की बात भी कही।
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जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे, सदस्य नवीन चंद्र चंदौला और डॉ. मनीला ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद इसे सेवा में कमी माना। आदेश दिया कि अगर चोरी के बाद आभूषण बैंक को प्राप्त हो गए हैं तो उन्हें 45 दिन के अंदर भीतर परिवादी को वापस किया जाए। जेवरात नहीं लौटाने पर बैंक को 31 जनवरी 2019 को सोने की मार्केट वैल्यू के अनुसार राशि छह प्रतिशत साधारण ब्याज सहित भुगतान करनी होगा।
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मारपीट करने के तीन आरोपी साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त
काशीपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (जूनियर डिविजन) पूनम टोडी की अदालत ने मारपीट करने के तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया। ग्राम गढ़ीगंज निवासी कन्यावती पत्नी अमर सिंह ने छह सितंबर 2015 को कुंडा थाने में गांव के ही राहुल, विजय, राजेश उर्फ कर्मा समेत दो अन्य किशोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। उसने इन सभी पर उसके पति अमर सिंह से मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन ने 10 में से सिर्फ दो गवाहों को परीक्षित कराया। संबंधित पक्षों को सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुुक्त करने का आदेश पारित किया। संवाद
आरोपों से मुकरी पत्नी, पति को मिली क्लीन चिट
रुद्रपुर। पति पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाने वाली पत्नी न्यायालय में आरोप से मुकर गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत ने पति को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया।
चार फरवरी 2022 को कोतवाली ट्रांजिट कैंप में पीड़िता के भाई ने बहन के पति अमनदीप और उसके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि पांच मार्च 2018 को विवाह के बाद से ससुराल वालों ने उसकी बहन का शारीरिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न किया है। गलत दवाएं देकर गर्भपात कराने और मारपीट के भी आरोप लगाए थे। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने तहरीर में लगाए गए दहेज उत्पीड़न, गलत दवा देकर गर्भपात कराने या मारपीट के आरोपों की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि पिता की मौत के सदमे और डिप्रेशन के कारण उन्होंने खुद ये बातें पुलिस को नहीं बताई थीं। उन्होंने बताया कि पति से अब तलाक हो चुका है। दोनों के बीच केवल घरेलू नोकझोंक थी जो आपसी समझौते से दूर हो गई है। संवाद
न्यायालय में पेश नहीं हुए गवाह, आरोपी बरी
काशीपुर। .32 बोर के दो पिस्टलों के साथ पकड़े गए आरोपी को गवाहों के न्यायालय में नहीं पहुंचने का लाभ मिला। न्यायिक मजिस्ट्रेट/ सिविल जज (जू.डि) पूनम टोडी की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में उसे दोषमुक्त किया।
आठ मार्च 2019 को एसआई विजय सिंह, कांस्टेबल कुलदीप ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम टाहमदन, रोशनपुर मुरादाबाद निवासी इमरान को .32 बोर के दो पिस्टल और एक जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया गया था। सुनवाई के दौरान पुलिस एक भी गवाह पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट के साहब सिंह बनाम पंजाब के अनुसार स्वतंत्र गवाह न पेश करना केस को कमजोर करता है। अभियोजन अपना केस संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। इसके आधार पर आरोपी को दोषमुक्त करने का आदेश पारित किया गया। संवाद
टैंकर की टक्कर से मौत मामले में चालक बरी
रुद्रपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह ने सड़क हादसे प्रकरण में अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष आरोपी की लापरवाही से दुर्घटना होने को साबित नहीं कर सका।
पांच अक्तूबर 2016 की सुबह भाखड़ा पुल के पास बिलासपुर, रामपुर निवासी हरपाल सिंह को 10-टायरा टैंकर ने टक्कर मार दी थी। उसकी अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान वादी और प्रत्यक्षदर्शी पाला सिंह ने अदालत में स्वीकार किया कि वह टैंकर चालक को पहले से नहीं जानता था। वह यह भी स्पष्ट नहीं कर सका कि हादसे के समय टैंकर रईस अहमद ही चला रहा था। ट्रांसपोर्ट फर्म के पार्टनर आशीष टंडन ने बताया कि उनकी फर्म में 50 टैंकर हैं। चालक वाहन बदल-बदल कर चलाते हैं। अदालत ने टैंकर के तकनीकी निरीक्षण में करीब सात माह की देरी को भी अहम माना और साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को मामले से बरी कर दिया। संवाद