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टोल प्लाजा पर किसानों का हंगामा, अफसर मौके से खिसके
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Mon, 27 Feb 2017 11:50 PM IST
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किच्छा हाईवे पर टोल प्लाजा के समक्ष नारेबाजी करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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किच्छा हाईवे पर स्थित बने टोल प्लाजा पर सोमवार को स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों में आक्रोश था कि मुआवजा मंजूर होने के बाद भी एनएचएआई ने अभी तक उनका मुआवजा नहीं दिया है, और स्वयं बिना नक्शा पास कराए एनएच ने अपना टोल प्लाजा का काम करीब 90 प्रतिशत पूरा कर दिया है। लंबे समय से मंजूर मुआवजा की राशि नहीं मिलने से ग्रामीण भड़क उठे और उन्होंने मौके पर ही टोल के निर्माण का काम रुकवा दिया। उधर ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर मौजूद एनएचएआई और कार्यदायी संस्था गल्फार के अधिकारी खिसक गए। ग्रामीणों ने एनएच और गल्फार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को लालपुर से डेढ़ किलोमीटर आगे ग्राम चुकटी देवरिया पर हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर वहां के ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि टोल प्लाजा के साथ लगती जमीन खसरा संख्या 8, 11, 15, 18, 272, 273 और 275 जो कि टोल से ही लगी है और उसका प्रतिकर मंजूर हो चुका है, बावजूद इसके एनएचएआई मुआवजे की धनराशि को दबाए बैठा है। इसी बात को लेकर ग्रामीण का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने टोल पर आकर हंगामा कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि हाईवे की जद में जहां उनकी जमीन आ रही है। उसकी सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी आखिर उनके मुआवजे पर क्यों एनएचएआई कुंडली मारे बैठा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि कार्यदायी संस्था गल्फार और एनएचएआई ने बिना नक्शा पास कराए ही टोल का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा कर दिया है।
उधर इस बारे में विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलओ) डीपी सिंह का कहना है कि जिस जगह पर एनएचएआई का टोल प्लाजा तैयार हो रहा है वह ग्राम चुकटी देवरिया में आता है, टोल के आसपास के लोगों का जिनकी जमीन खसरा संख्या 8, 11, 15, 18, 272, 273 और 275 में आती है उनका प्रतिकर (मुआवजा) स्वीकृत हो चुका है, बावजूद एनएचएआई क्यों उनका मुआवजा नहीं दे रहा है, इसके लिए वह एनएचएआई को निर्देशित करेंगे, ताकि किसानों का उनकी जमीन का प्रतिकर जल्द से जल्द मिल जाए।
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किच्छा हाईवे पर जहां टोल का निर्माण किया गया है कानूनी तौर पर वह अवैध निर्माण माना गया है। विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कार्यदायी संस्था गल्फार ने बिना नक्शा पास और बिना 3ए के टोल का निर्माण कर दिया है, जबकि यह गलत है। निर्माण से पहले नक्शा पास और 3ए की स्वीकृति होनी चाहिए थी, इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने टोल का पुरजोर विरोध किया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर हेरफेर का आरोप लगाया है।
सोमवार को लालपुर से डेढ़ किलोमीटर आगे ग्राम चुकटी देवरिया पर हाईवे पर बने टोल प्लाजा पर वहां के ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों का कहना था कि टोल प्लाजा के साथ लगती जमीन खसरा संख्या 8, 11, 15, 18, 272, 273 और 275 जो कि टोल से ही लगी है और उसका प्रतिकर मंजूर हो चुका है, बावजूद इसके एनएचएआई मुआवजे की धनराशि को दबाए बैठा है। इसी बात को लेकर ग्रामीण का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने टोल पर आकर हंगामा कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि हाईवे की जद में जहां उनकी जमीन आ रही है। उसकी सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी आखिर उनके मुआवजे पर क्यों एनएचएआई कुंडली मारे बैठा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि कार्यदायी संस्था गल्फार और एनएचएआई ने बिना नक्शा पास कराए ही टोल का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा कर दिया है।
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उधर इस बारे में विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलओ) डीपी सिंह का कहना है कि जिस जगह पर एनएचएआई का टोल प्लाजा तैयार हो रहा है वह ग्राम चुकटी देवरिया में आता है, टोल के आसपास के लोगों का जिनकी जमीन खसरा संख्या 8, 11, 15, 18, 272, 273 और 275 में आती है उनका प्रतिकर (मुआवजा) स्वीकृत हो चुका है, बावजूद एनएचएआई क्यों उनका मुआवजा नहीं दे रहा है, इसके लिए वह एनएचएआई को निर्देशित करेंगे, ताकि किसानों का उनकी जमीन का प्रतिकर जल्द से जल्द मिल जाए।
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किच्छा हाईवे पर जहां टोल का निर्माण किया गया है कानूनी तौर पर वह अवैध निर्माण माना गया है। विरोध कर रहे स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कार्यदायी संस्था गल्फार ने बिना नक्शा पास और बिना 3ए के टोल का निर्माण कर दिया है, जबकि यह गलत है। निर्माण से पहले नक्शा पास और 3ए की स्वीकृति होनी चाहिए थी, इसी को देखते हुए ग्रामीणों ने टोल का पुरजोर विरोध किया है। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर हेरफेर का आरोप लगाया है।