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Udham Singh Nagar News: तीन शिक्षकों पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार
Tue, 19 May 2026 12:25 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 19 May 2026 12:25 AM IST
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रुद्रपुर। जिले में फर्जी दस्तावेज और गलत सूचनाओं के सहारे नौकरी हासिल करने की आशंका के बीच शिक्षा विभाग ने संदिग्ध नियुक्तियों की जांच तेज कर दी है। विभागीय जांच में कई अभिलेखों में गड़बड़ी सामने आने के बाद जिले के तीन शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है।
प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम शिक्षकों के शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। विभाग को आशंका है कि कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाणपत्रों और भ्रामक जानकारियों के आधार पर नियुक्ति पाई है।
बीते दिनों इसी कड़ी में एक शिक्षिका के दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी गई और एक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने अन्य नियुक्त शिक्षकों के रिकॉर्ड भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि तीन अन्य शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच अंतिम चरण में है।
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संबंधित विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों और बोर्डों से रिकॉर्ड मंगाकर सत्यापन कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारी पूरे मामले को बेहद गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। अगर जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम शिक्षकों के शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों का सत्यापन कर रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। विभाग को आशंका है कि कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाणपत्रों और भ्रामक जानकारियों के आधार पर नियुक्ति पाई है।
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बीते दिनों इसी कड़ी में एक शिक्षिका के दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसकी सेवा समाप्त कर दी गई और एक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने अन्य नियुक्त शिक्षकों के रिकॉर्ड भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि तीन अन्य शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच अंतिम चरण में है।
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संबंधित विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों और बोर्डों से रिकॉर्ड मंगाकर सत्यापन कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारी पूरे मामले को बेहद गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। अगर जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।