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छह में से तीन हाइड्रेंट खराब, एक जमींदोज

Tue, 25 Oct 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर Updated Tue, 25 Oct 2016 11:24 PM IST
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Three of the six worst hydrant, a flattened
काशीपुर के आवास विकास में खराब पड़ा हाइड्रेंट - फोटो : अमर उजाला

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दीपावली त्यौहार में शहर में होने वाली आग की घटनाओं से निपटने इंतजाम भगवान भरोसे हैं। शहर में यदि कहीं आग की घटना हो जाए तो उस पर काबू पाने के लिए अग्नि शमन विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।  शहर में 5 में से 3 हाईड्रेंट सालों से खराब पड़े हैं। एक जमींदोज हो चुका है।


आग की घटनाएं होने पर दमकल गाड़ियों को फैक्ट्रियों के भरोसे रहना पड़ता है। शहर में 12 नए हाइड्रेंट का प्रस्ताव कागजों में ही सिमटा हुआ है। यह हाल तब है जबकि पिछले दस महीने में क्षेत्र में आग की 110 घटनाएं हो चुकी हैं।
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दरअसल दीपावली के त्यौहार में आग की घटनाएं घटती हैं। आग की घटनाएं अधिकांश पटाखे और शार्ट सर्किट होता है। आग बुझाने के लिए दमकल वाहनों को पानी की जरूरत पड़ती है। इन घटनाओं से निपटने के लिए शहर में छह जगहों में स्थापित हाईड्रेंटों में से आवास विकास, पोस्टमार्टम हाउस के समीप और जसपुर बस अड्डे के समीप लगे हाइड्रेंट समेत तीन खराब पड़े हैं। बस अड्डे वाले हाइड्रेंट का अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। केवल पंत पार्क और नागनाथ मंदिर के पास हाइड्रेंट ही कामचलाऊ हालत में है।
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आग की घटना होने की दशा में अग्निशमन विभाग के सामने बड़ा सिरदर्द पानी का ही होता है। अग्निशमन विभाग लगातार जल संस्थान को हाइड्रेंट ठीक कराने के लिए पत्र लिख रहा है।  लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। नए हाइड्रेंट का प्रस्ताव भी फाइलों में सिमटा हुआ है।




एफएसओ नैन सिंह बोरा ने कहते हैं कि खराब पड़े तीन हाइड्रेंट ठीक कराने के लिए कई बार जलसंस्थान को पत्र भेजे जा चुके हैं। दीपावली को देखते हुए तीन दिन पहले भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। आग की घटनाएं होती हैं तो फैक्ट्री या फिर कार्यालय परिसर में बनाए टैंक से पानी लेना पड़ता है।


नए हाइड्रेंट के लिए कुंडेश्वरी तिराहा, चैती चौराहा, फायर स्टेशन, पॉलीटेक्निक, पीडब्लूडी गेस्ट हाउस, टांडा चौराहा, चीमा चौराहा, कटोराताल पुलिस चौकी, बूरा बताशा वाली गली तिराहा, मोहल्ला अल्ली खां तिराहा, कानूगोयान तिराहा, आवास विकास तिराहा को चिन्हित किया गया है। जिसका प्रस्ताव बीते फरवरी में जल संस्थान को भेजा गया था। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। दीपावली को देखते हुए विभाग पूरी तरह से सतर्क है।





जलसंस्थान के एसडीओ शिशुपाल यादव ने बताया कि बजट की कमी की वजह से हाइड्रेंट ठीक नहीं कराए जा सके हैं। हाइड्रेंट को ठीक करने के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलने पर ही उन्हें ठीक कराया जा सकेगा है। जिन जगहों को नए हाइड्रेंट के लिए चिन्हित किया गया है, वहां पेयजल लाइन ही नहीं है। ऐसे में वहां नए हाइड्रेंट लगाना संभव नहीं है।

 
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