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एमबीबीएस के तीन छात्र और एक एमआर गिरफ्तार
Thu, 07 Mar 2019 12:12 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Thu, 07 Mar 2019 12:12 AM IST
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पुलिस द्वारा पकड़े गए एमबीबीएस के छात्र व बरामद कार
- फोटो : amar ujala
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सिडकुल स्थित एक ड्रग कंपनी में पहुंचे तीन संदिग्ध एमबीबीएस के छात्रों सहित एक एमआर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवकों में से तीन यूक्रेन और रूस से एमबीबीएस की डिग्री ले रहे हैं, बल्कि एक रुद्रपुर में ही एमआर है। खुद को पीएमओ दफ्तर का कर्मचारी बताने वाले युवकों के पास से पुलिस ने भारत सरकार लिखी हुई एक कार भी बरामद की है।
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बृहस्पतिवार को सिडकुल चौकी में मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि तीन दिन पूर्व से भारत सरकार लिखी हुई कार में सवार होकर चार युवक सिडकुल स्थित दवा बनाने वाली कंपनियों में संपर्क कर रहे थे। बुधवार को उक्त युवक सिडकुल की ही कोरल क्लीनिक कंपनी में पहुंचे और यहां कंपनी प्रबंधन को प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात कर्मचारी के रूप में अपना परिचय देकर दवाओं का कांट्रेक्ट मांगा।
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कंपनी के एचआर हेड राजेश कुमार को जब युवकों पर संदेह हुआ तो उन्होंने सिडकुल चौकी पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे सिडकुल चौकी प्रभारी केजी मठपाल ने जब युवकों से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। एसपी सिटी पींचा ने बताया कि गली नंबर तीन मैन सागरपुर नई दिल्ली निवासी अंकित मोघा, मोहम्मदपुर भीखाजीकामा प्लेस नई दिल्ली निवासी नरेश नाथ, संत कबीर नगर गोरखपुर यूपी निवासी अभिषेक पांडे और आजादनगर ट्रांजिट कैंप निवासी सतेंद्र कुमार है।
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कहा कि अंकित, नरेश और अभिषेक यूक्रेन रसिया से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि सतेंद्र रुद्रपुर में ही एमआर है। उक्त युवक कंपनी में ठगी करने के इरादे से पहुंचे थे। फिलहाल सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा है। टीम में एसओ पंतनगर अशोक कुमार, कांस्टेबल किशोर फर्त्याल, कैलाश मनराल और प्रकाश चंद्र शामिल थे।
फर्जी आईकार्ड को निगल गया युवक
रुद्रपुर। कोरल कंपनी में ठगी के इरादे से पहुंचे युवकों से जब कंपनी प्रबंधन ने परिचय पत्र दिखाने को कहा तो एक युवक ने प्रधानमंत्री दफ्तर में तैनात सीएमओ के रूप में अपना परिचय पत्र दिखाया, लेकिन पुलिस पूछताछ के दौरान युवक प्लास्टिक परिचय पत्र को ही निगल गया। रुद्रपुर निवासी एमआर ने ही शहर के एक होटल में अपने साथियों के रुकने की व्यवस्था की थी।
पुलिस ने पूरा मामला समझा नहीं और कर दिया खुलासा
रुद्रपुर। सिडकुल की कंपनी में पहुंचे एमबीबीएस के छात्र कंपनी में ठगी करने पहुंचे थे या उनका कोई और इरादा था इस बात को पुलिस भी पूरी तरह से नहीं समझ पाई और पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र कंपनी से दवा का कांट्रेक्ट लेना चाहते थे और कंपनी प्रबंधन को दबाव में लेने के लिए उन्होंने पीएमओ दफ्तर का परिचय दिया। चूंकि छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे ऐसे में वहां कहां और कैसे दवाओं को बेचते इसका जवाब पुलिस के पास नहीं है।
वहीं पुलिस के कुछ अधिकारियों का कहना है कि युवक कंपनी प्रबंधन से गर्भपात के लिए इस्तेमाल होने वाली एमटीपी किट मांग रहे थे जो कि प्रतिबंधित होने से बाजार में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सवाल है कि युवकों को क्यों एमटीपी किट की जरूरत पड़ी और युवक किट को लेने के लिए लगातार कंपनियों के चक्कर लगाते रहे। साथ ही तीन दिन से भारत सरकार लिखी हुई संदिग्ध कार शहर भर में घूमती रही और कार के साथ युवक होटल में ठहरे भी लेकिन संदिग्ध कार पुलिस की नजर में नहीं आई।