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Uttarakhand: फाटो जोन में सैलानियों के ठहरने को बनेंगी तीन और ईको हट, पर्यटक कर सकेंगे रात्रि विश्राम
Wed, 07 Feb 2024 03:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2024 03:12 PM IST
सार
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में आने वाले सैलानियों को कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर सहूलियत देने की कसरत की जा रही है। जोन में ट्री हाउस के बाद अब ईको हट बनाई जा रही हैं ताकि जंगल के बीच सैलानी रात्रि विश्राम कर सकें।
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तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो जोन में बना इको हट।
विस्तार
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो पर्यटन जोन में आने वाले सैलानियों को कार्बेट नेशनल पार्क की तर्ज पर सहूलियत देने की कसरत की जा रही है। जोन में ट्री हाउस के बाद अब ईको हट बनाई जा रही हैं ताकि जंगल के बीच सैलानी रात्रि विश्राम कर सकें।
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नवंबर 2021 को फाटो जोन को पर्यटकों की आवाजाही के लिए खोला गया था। जोन के भीतर रात्रि विश्राम के लिए सौ साल से अधिक पुराने वन विश्राम गृह के साथ ही ट्री हाउस की मौजूद है। सैलानियों की मांग को देखते हुए ईको हट तैयार किए जा रहे हैं। दो ईको हट बनाए जा चुके हैं, जबकि तीन ईको हट बनाने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग के अनुसार पांच ईको हट बनने के बाद सैलानियों के रात्रि विश्राम के लिए होने वाली दिक्कत दूर होगी।
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जैव विविधता को समेटे है फाटो जोन
जैवविविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे जोन में जंगल के राजा के साथ ही हाथी, सांभर, मोर, चीतल, तेंदुए के साथ ही सैकड़ों प्रजाति के परिंदों का ठिकाना है। जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों का दीदार कर सैलानी रोमांचित होते हैं। वहीं इन खूबियों की वजह से यह जोन सैलानियों के लिए पहली पसंद बन गया है। इस जोन में जसपुर की ओर से भी सफारी शुरू करने के लिए कसरत की गई थी लेकिन स्थानीय जिप्सी स्वामियों की ओर से आवेदन नहीं आने से यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है।
फाटो जोन में दो ईको हट बनाए जा चुके हैं और तीन ईको हट के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही इनका निर्माण कराया जाएगा और इसकी बुकिंग के लिए किराया तय किया जाएगा। ट्री हाउस में एडवांस बुकिंग लगातार जारी है। - प्रकाश चंद्र आर्य, डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग।
जैवविविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को समेटे जोन में जंगल के राजा के साथ ही हाथी, सांभर, मोर, चीतल, तेंदुए के साथ ही सैकड़ों प्रजाति के परिंदों का ठिकाना है। जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों का दीदार कर सैलानी रोमांचित होते हैं। वहीं इन खूबियों की वजह से यह जोन सैलानियों के लिए पहली पसंद बन गया है। इस जोन में जसपुर की ओर से भी सफारी शुरू करने के लिए कसरत की गई थी लेकिन स्थानीय जिप्सी स्वामियों की ओर से आवेदन नहीं आने से यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है।
फाटो जोन में दो ईको हट बनाए जा चुके हैं और तीन ईको हट के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। जल्द ही इनका निर्माण कराया जाएगा और इसकी बुकिंग के लिए किराया तय किया जाएगा। ट्री हाउस में एडवांस बुकिंग लगातार जारी है। - प्रकाश चंद्र आर्य, डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग।