{"_id":"60c63ca28ebc3ec3d62f669c","slug":"three-caught-by-police-rudrapur-news-hld427610857","type":"story","status":"publish","title_hn":"हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हनी ट्रैपिंग के जरिये लड़कों को अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले शातिर गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गैंग में शामिल युवतियां युवकों को कॉल कर अपने पास बुलाती थीं। उसके बाद अन्य सदस्य दोनों को रंगेहाथ पकड़ने का ड्रामा रचकर उसे कार्रवाई का डर दिखाते थे। उसके बाद अवैध वसूली कर छोड़ देते थे। पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। दो युवतियां समेत तीन आरोपी फरार हैं।
सोमवार को रुद्रपुर कोतवाली में एसपी सिटी ममता बोहरा ने मामले का खुलासा कर बताया कि 10 जून को मोहम्मद यामीन निवासी गोला रोड लालकुआं के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से पूजा नाम की युवती ने कॉल किया और कहा कि वह उससे दोस्ती करना चाहती है। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हो गई। 12 जून को पूजा ने यामीन को कॉल कर कहा कि उसके माता-पिता नैनीताल गए हैं। वह घर पर अकेली है।
पूजा ने यामीन को रुद्रपुर आने के लिए कहा। यामीन पूजा के कहने पर अपने दोस्त जाहिद के साथ रुद्रपुर पहुंच गया। पूजा उसे विशाल मेगा मार्ट के सामने मिली। जहां से यामीन उसे अपने साथ बाइक पर लेकर चला गया और उसका दोस्त वहीं इंतजार करता रहा। पूजा यामीन को शांति विहार कॉलोनी के दो मंजिले मकान के भूतल वाले कमरे में ले गई। जहां कपड़े उतारते ही तीन व्यक्ति दाखिल हो गए और वीडियो बनाकर 10 लाख रुपये मांगे।
विज्ञापन
दुकान पर पहुंच गए पैसे लेने
रुद्रपुर। अपने जाल में फंसाकर यामीन को कमरे में ले जाने के बाद आरोपी पूजा ने कमरे की सिटकनी लगाने का बहाना बनाया, जबकि लॉक नहीं लगाया था। कुछ देर बाद तीन व्यक्ति कमरे में दाखिल हो गए और उन्हें आपत्तिजनकर स्थिति में देख वीडियो बनाने लगे। एक व्यक्ति ने खुद को पूजा का चाचा और दूसरे ने मकान मालिक बताया। हाथ में तमंचा लिए मकान मालिक और फर्जी चाचा यामीन से 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। इसी बीच कमरे में उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर एक व्यक्ति पहुंचा और उसने मारपीट, गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपये की मांग की। यामीन ने अपने दोस्त जाहिद को कॉल कर रुपये की व्यवस्था करने को कहा। उसने आरोपियों को बताया कि वह लालकुआं में रेडीमेड कपड़े की दुकान चलाता है। दुकान में सिर्फ 27 हजार रुपये हैं। आरोपी यामीन को उसकी दुकान पर अपनी कार से ले गए, जहां से 27 हजार रुपये लेकर रुद्रपुर आ गए। सिडकुल की अशोका लीलेंड के पास उसे उतार दिया। साथ ही उसकी बाइक और आधार कार्ड लौटा दिया। (संवाद)
दो युवतियों समेत छह के खिलाफ केस, तीन गिरफ्तार
12 जून को पुलिस ने यामीन की तहरीर के आधार पर कुलविंदर निवासी शांतिविहार कॉलोनी रुद्रपुर, मोनू निवासी सिरौली बरेली यूपी, दीवान सिंह निवासी कालाढूंगी, बलवीर निवासी धूमखेड़ा नानकमत्ता, दीपा निवासी नानकमत्ता और पूजा निवासी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। एसपी सिटी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने आरोपी कुलविंदर सिंह, मोनू और दीवान सिंह को भूरारानी रोड रेलवे फाटक से घटना में प्रयुक्त कार समेत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कुलविंदर से कार, 3500 रुपये, घटना में प्रयुक्त मोबाइल, मोनू के कब्जे से सात हजार रुपये, मोबाइल, दीवान के कब्जे से 3500 रुपये, एक मोबाइल व एक जोड़ी पुलिस की वर्दी बरामद हुई।
टीम में सीओ अमित कुमार, एसएसआई प्रवीण सिंह, दरोगा प्रदीप कुमार, पंकज कुमार, मनोज जोशी, सिपाही राकेश आजाद, संजीव कुमार व जोगेंद्र सिंह मौजूद रहे। इधर, मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी डीएस कुंवर ने ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
अनजान कॉलर से प्यार के बाद मुलाकात में हुआ शर्मसार
रुद्रपुर। हनी ट्रेप गैंग की युवतियां युवकों को तीन दिन में ही अपने झांसे में ले लेती थीं। अनजाने में युवतियों से प्यार करने वाले युवकों को उनसे मिलते ही शर्मसार होना पड़ता था। युवतियों और उनकी गैंग के सदस्य वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगते थे। युवकों को अपनी इज्जत बचाने के लिए गैंग के सदस्यों को मुंह मांगे रुपये देने पड़ते थे।
पेशे से किसान कुलविंदर सिंह, गेस्ट हाउस स्वामी मोनू और दीवान ने मिलकर मोटी कमाई के लिए हनी ट्रैप की योजना बनाई थी। इस काम के लिए तीनों ने बलवीर सिंह, दीपा और पूजा को शामिल कर लिया। 14 दिन पहले आरोपियों ने अपने काले धंधे की शुरुआत की। पहली कॉल दीपा ने काशीपुर के एक युवक को की। उसने युवक को बताया कि वह उसे अच्छी तरह जानती है। काफी समय से पसंद तो करती थी लेकिन कभी ऐसा मौका नहीं मिला कि उसे बता सके। युवक ने युवती की बात सुनी तो वह उसकी बातों में फंस गया। युवती ने दूसरे दिन ही उसे मिलने के लिए रुद्रपुर बुला लिया।
युवक से बाजार में मिलने के बाद वह उसे शांति विहार में एक कमरे में ले गई। जहां पर कुछ बातें करने के बाद अश्लील हरकतें करने लगे। इसी बीच कमरे में घुसे गैंग के अन्य सदस्यों ने वीडियो क्लिपिंग बना ली। इसके बाद युवक से 14 हजार रुपये ऐंठ लिए। पूजा ने इसी अंदाज में 10 दिन पहले बहेड़ी और शक्तिफार्म के दो युवकों को ब्लैकमेल किया। बहेड़ी के युवक की वीडियो बनाकर 20 हजार रुपये और शक्तिफार्म के युवक की वीडियो बनाकर 18 हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी तीनों युवकों को और रकम देने का दबाव बनाया गया। रुपये नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकियां दी जा रही थी। ठीक इसी अंदाज में पूजा ने 12 जून को लालकुआं के मो. यामीन को कमरे में बुलाकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद 10 लाख रुपये की डिमांड की गई। (संवाद)
गैंग का सरगना है मोनू
रुद्रपुर। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि गैंग का सरगना मोनू निवासी सिरौली बरेली है। मोनू गेस्ट हाउस का संचालक है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कारोबार बंद होने पर उसने गलत काम करना शुरू कर दिया। अपना गैंग बनाकर उसने युवतियों और युवकों को शामिल किया। इसके बाद उन लोगों को टारगेट किया जाता था, जिससे वह आसानी से मोटी रकम वसूल कर सकते थे। (संवाद)
कुलविंदर के घर में चलता था धंधा
रुद्रपुर। कुलविंदर सिंह के घर शांति विहार कॉलोनी में हनी ट्रैप का काला धंधा चलता था। सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि कुलविंदर का दो मंजिला मकान है। पहली मंजिल पर दो कमरे लंबे समय से खाली हैं, जबकि दूसरे मंजिल पर उसका परिवार रहता है। जिस दिन युवतियां युवकों को झांसे में लेकर कमरे में आती थीं वह उस दिन अपने परिजनों को घर से बाहर रिश्तेदारी या अन्य जगह भेज देता था। परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं थी। (संवाद)
यामीन नहीं, जाहिद ने दिखाई हिम्मत
रुद्रपुर। हनी ट्रैप में फंसा यामीन परिवार और समाज के डर से पूरे मामले को दबाने की कोशिश में रहा। यामीन के दोस्त जाहिद को यह बात जैसे ही पता लगी तो उसने यामीन को बताया कि इसका समाधान पुलिस को बताकर ही निकलेगा। जाहिद ने यामीन के साथ सीओ सिटी अमित कुमार से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। यह सुनकर सीओ भी हैरान रह गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़कर मामले का खुलासा किया। (संवाद)
पुलिस की वर्दी में सभी अटैचमेंट लगाकर आता था दीवान
रुद्रपुर। पीड़ित युवकों को दबाव में लेने के लिए गैंग ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। युवतियों के चाचा और मकान मालिक बनने के अलावा एक युवक पुलिस कर्मी बनकर पहुंचता था। वह कालाढूंगी में रहने वाला दीवान सिंह था। दीवान पुलिस की वर्दी में सभी अटैचमेंट लगाकर पहुंचता था। उसने डीएस पोखरियाल नाम का बैज भी लगा रखा था, जिसमें ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव अंकित था। (संवाद)
पूर्व में भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं
रुद्रपुर। कुछ समय पहले पुलिस ने ऐसे ही एक मामले का भंडाफोड़ कर एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो दिन पहले ही काशीपुर में लड़की बनकर बनकर युवक और तहेरे भाई के साथ मारपीट कर बाइक लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर तीन आरोपियों को जेल भेजा था। (संवाद)
विज्ञापन
सोमवार को रुद्रपुर कोतवाली में एसपी सिटी ममता बोहरा ने मामले का खुलासा कर बताया कि 10 जून को मोहम्मद यामीन निवासी गोला रोड लालकुआं के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से पूजा नाम की युवती ने कॉल किया और कहा कि वह उससे दोस्ती करना चाहती है। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू हो गई। 12 जून को पूजा ने यामीन को कॉल कर कहा कि उसके माता-पिता नैनीताल गए हैं। वह घर पर अकेली है।
विज्ञापन
पूजा ने यामीन को रुद्रपुर आने के लिए कहा। यामीन पूजा के कहने पर अपने दोस्त जाहिद के साथ रुद्रपुर पहुंच गया। पूजा उसे विशाल मेगा मार्ट के सामने मिली। जहां से यामीन उसे अपने साथ बाइक पर लेकर चला गया और उसका दोस्त वहीं इंतजार करता रहा। पूजा यामीन को शांति विहार कॉलोनी के दो मंजिले मकान के भूतल वाले कमरे में ले गई। जहां कपड़े उतारते ही तीन व्यक्ति दाखिल हो गए और वीडियो बनाकर 10 लाख रुपये मांगे।
विज्ञापन
दुकान पर पहुंच गए पैसे लेने
रुद्रपुर। अपने जाल में फंसाकर यामीन को कमरे में ले जाने के बाद आरोपी पूजा ने कमरे की सिटकनी लगाने का बहाना बनाया, जबकि लॉक नहीं लगाया था। कुछ देर बाद तीन व्यक्ति कमरे में दाखिल हो गए और उन्हें आपत्तिजनकर स्थिति में देख वीडियो बनाने लगे। एक व्यक्ति ने खुद को पूजा का चाचा और दूसरे ने मकान मालिक बताया। हाथ में तमंचा लिए मकान मालिक और फर्जी चाचा यामीन से 10 लाख रुपये की मांग करने लगे। इसी बीच कमरे में उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर एक व्यक्ति पहुंचा और उसने मारपीट, गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपये की मांग की। यामीन ने अपने दोस्त जाहिद को कॉल कर रुपये की व्यवस्था करने को कहा। उसने आरोपियों को बताया कि वह लालकुआं में रेडीमेड कपड़े की दुकान चलाता है। दुकान में सिर्फ 27 हजार रुपये हैं। आरोपी यामीन को उसकी दुकान पर अपनी कार से ले गए, जहां से 27 हजार रुपये लेकर रुद्रपुर आ गए। सिडकुल की अशोका लीलेंड के पास उसे उतार दिया। साथ ही उसकी बाइक और आधार कार्ड लौटा दिया। (संवाद)
दो युवतियों समेत छह के खिलाफ केस, तीन गिरफ्तार
12 जून को पुलिस ने यामीन की तहरीर के आधार पर कुलविंदर निवासी शांतिविहार कॉलोनी रुद्रपुर, मोनू निवासी सिरौली बरेली यूपी, दीवान सिंह निवासी कालाढूंगी, बलवीर निवासी धूमखेड़ा नानकमत्ता, दीपा निवासी नानकमत्ता और पूजा निवासी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। एसपी सिटी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने आरोपी कुलविंदर सिंह, मोनू और दीवान सिंह को भूरारानी रोड रेलवे फाटक से घटना में प्रयुक्त कार समेत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कुलविंदर से कार, 3500 रुपये, घटना में प्रयुक्त मोबाइल, मोनू के कब्जे से सात हजार रुपये, मोबाइल, दीवान के कब्जे से 3500 रुपये, एक मोबाइल व एक जोड़ी पुलिस की वर्दी बरामद हुई।
टीम में सीओ अमित कुमार, एसएसआई प्रवीण सिंह, दरोगा प्रदीप कुमार, पंकज कुमार, मनोज जोशी, सिपाही राकेश आजाद, संजीव कुमार व जोगेंद्र सिंह मौजूद रहे। इधर, मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी डीएस कुंवर ने ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
अनजान कॉलर से प्यार के बाद मुलाकात में हुआ शर्मसार
रुद्रपुर। हनी ट्रेप गैंग की युवतियां युवकों को तीन दिन में ही अपने झांसे में ले लेती थीं। अनजाने में युवतियों से प्यार करने वाले युवकों को उनसे मिलते ही शर्मसार होना पड़ता था। युवतियों और उनकी गैंग के सदस्य वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगते थे। युवकों को अपनी इज्जत बचाने के लिए गैंग के सदस्यों को मुंह मांगे रुपये देने पड़ते थे।
पेशे से किसान कुलविंदर सिंह, गेस्ट हाउस स्वामी मोनू और दीवान ने मिलकर मोटी कमाई के लिए हनी ट्रैप की योजना बनाई थी। इस काम के लिए तीनों ने बलवीर सिंह, दीपा और पूजा को शामिल कर लिया। 14 दिन पहले आरोपियों ने अपने काले धंधे की शुरुआत की। पहली कॉल दीपा ने काशीपुर के एक युवक को की। उसने युवक को बताया कि वह उसे अच्छी तरह जानती है। काफी समय से पसंद तो करती थी लेकिन कभी ऐसा मौका नहीं मिला कि उसे बता सके। युवक ने युवती की बात सुनी तो वह उसकी बातों में फंस गया। युवती ने दूसरे दिन ही उसे मिलने के लिए रुद्रपुर बुला लिया।
युवक से बाजार में मिलने के बाद वह उसे शांति विहार में एक कमरे में ले गई। जहां पर कुछ बातें करने के बाद अश्लील हरकतें करने लगे। इसी बीच कमरे में घुसे गैंग के अन्य सदस्यों ने वीडियो क्लिपिंग बना ली। इसके बाद युवक से 14 हजार रुपये ऐंठ लिए। पूजा ने इसी अंदाज में 10 दिन पहले बहेड़ी और शक्तिफार्म के दो युवकों को ब्लैकमेल किया। बहेड़ी के युवक की वीडियो बनाकर 20 हजार रुपये और शक्तिफार्म के युवक की वीडियो बनाकर 18 हजार रुपये वसूल लिए। इसके बाद भी तीनों युवकों को और रकम देने का दबाव बनाया गया। रुपये नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकियां दी जा रही थी। ठीक इसी अंदाज में पूजा ने 12 जून को लालकुआं के मो. यामीन को कमरे में बुलाकर ब्लैकमेल किया। इसके बाद 10 लाख रुपये की डिमांड की गई। (संवाद)
गैंग का सरगना है मोनू
रुद्रपुर। एसपी सिटी ममता बोहरा ने बताया कि गैंग का सरगना मोनू निवासी सिरौली बरेली है। मोनू गेस्ट हाउस का संचालक है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कारोबार बंद होने पर उसने गलत काम करना शुरू कर दिया। अपना गैंग बनाकर उसने युवतियों और युवकों को शामिल किया। इसके बाद उन लोगों को टारगेट किया जाता था, जिससे वह आसानी से मोटी रकम वसूल कर सकते थे। (संवाद)
कुलविंदर के घर में चलता था धंधा
रुद्रपुर। कुलविंदर सिंह के घर शांति विहार कॉलोनी में हनी ट्रैप का काला धंधा चलता था। सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि कुलविंदर का दो मंजिला मकान है। पहली मंजिल पर दो कमरे लंबे समय से खाली हैं, जबकि दूसरे मंजिल पर उसका परिवार रहता है। जिस दिन युवतियां युवकों को झांसे में लेकर कमरे में आती थीं वह उस दिन अपने परिजनों को घर से बाहर रिश्तेदारी या अन्य जगह भेज देता था। परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं थी। (संवाद)
यामीन नहीं, जाहिद ने दिखाई हिम्मत
रुद्रपुर। हनी ट्रैप में फंसा यामीन परिवार और समाज के डर से पूरे मामले को दबाने की कोशिश में रहा। यामीन के दोस्त जाहिद को यह बात जैसे ही पता लगी तो उसने यामीन को बताया कि इसका समाधान पुलिस को बताकर ही निकलेगा। जाहिद ने यामीन के साथ सीओ सिटी अमित कुमार से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। यह सुनकर सीओ भी हैरान रह गए। उन्होंने आरोपियों को पकड़कर मामले का खुलासा किया। (संवाद)
पुलिस की वर्दी में सभी अटैचमेंट लगाकर आता था दीवान
रुद्रपुर। पीड़ित युवकों को दबाव में लेने के लिए गैंग ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। युवतियों के चाचा और मकान मालिक बनने के अलावा एक युवक पुलिस कर्मी बनकर पहुंचता था। वह कालाढूंगी में रहने वाला दीवान सिंह था। दीवान पुलिस की वर्दी में सभी अटैचमेंट लगाकर पहुंचता था। उसने डीएस पोखरियाल नाम का बैज भी लगा रखा था, जिसमें ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव अंकित था। (संवाद)
पूर्व में भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं
रुद्रपुर। कुछ समय पहले पुलिस ने ऐसे ही एक मामले का भंडाफोड़ कर एक महिला सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दो दिन पहले ही काशीपुर में लड़की बनकर बनकर युवक और तहेरे भाई के साथ मारपीट कर बाइक लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर तीन आरोपियों को जेल भेजा था। (संवाद)