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फिर एनजीटी में पहुंचा हिमालयन फूड पार्क का प्रकरण
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काशीपुर। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आनंद स्वरुप रस्तौगी ने महुआखेड़ागंज स्थित हिमालय फूड पार्क के खिलाफ पीसीबी के नियमों की अनदेखी करने और ग्रीन बेल्ट विकसित न करने को लेकर याचिका दायर की है। एनजीटी ने इस पर सुनवाई 24 अगस्त की तिथि नियत की है।
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आनंद रस्तौगी ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता उदित बंसल के माध्यम से एनजीटी में याचिका (402/ 2022) प्रस्तुत कर कहा कि महुआखेड़ागंज स्थित हिमालयन फूड पार्क 56 एकड़ में विकसित किया गया है। यहां स्थापित इकाइयां ईटीपी व एसटीपी के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। याचिका में फूड पार्क की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता एडवोकेट रस्तौगी का कहना है कि पूर्व में पीसीबी अधिकारियों ने भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। कहा कि पार्क की खामियों को लेकर आर्यनगर निवासी विजय मल्होत्रा ने आरटीआई में सूचना मांगी थी लेकिन दबाव में उसने आगे पैरवी नहीं की।
अधिवक्ता की याचिका पर एनजीटी की प्रधान पीठ ने तथ्यों का जवाब देने के लिए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किया है। जिस पर सुनवाई 24 अगस्त को होगी। वहीं, हिमालयन फूड पार्क के एमडी अश्वनी छाबड़ा ने कहा कि पार्क में पीसीबी के मानकों के अनुरूप ईटीपी और एसटीपी प्लांट लगे हैं और ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। सभी इकाईयां पीसीबी के मानकों के अनुरूप स्थापित की गई है। छाबड़ा ने बताया कि नवंबर, 2020 में विस्तृत जांच के बाद हिमालयन फूड पार्क को क्लीन चिट मिल चुकी है।
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बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आनंद रस्तौगी ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता उदित बंसल के माध्यम से एनजीटी में याचिका (402/ 2022) प्रस्तुत कर कहा कि महुआखेड़ागंज स्थित हिमालयन फूड पार्क 56 एकड़ में विकसित किया गया है। यहां स्थापित इकाइयां ईटीपी व एसटीपी के मानकों का पालन नहीं कर रही हैं। याचिका में फूड पार्क की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता एडवोकेट रस्तौगी का कहना है कि पूर्व में पीसीबी अधिकारियों ने भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। कहा कि पार्क की खामियों को लेकर आर्यनगर निवासी विजय मल्होत्रा ने आरटीआई में सूचना मांगी थी लेकिन दबाव में उसने आगे पैरवी नहीं की।
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अधिवक्ता की याचिका पर एनजीटी की प्रधान पीठ ने तथ्यों का जवाब देने के लिए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किया है। जिस पर सुनवाई 24 अगस्त को होगी। वहीं, हिमालयन फूड पार्क के एमडी अश्वनी छाबड़ा ने कहा कि पार्क में पीसीबी के मानकों के अनुरूप ईटीपी और एसटीपी प्लांट लगे हैं और ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है। सभी इकाईयां पीसीबी के मानकों के अनुरूप स्थापित की गई है। छाबड़ा ने बताया कि नवंबर, 2020 में विस्तृत जांच के बाद हिमालयन फूड पार्क को क्लीन चिट मिल चुकी है।
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