इनामी गैंगस्टर की गिरफ्तारी में लापरवाही: तत्कालीन इंस्पेक्टर पर निलंबन की तलवार, आईजी को भेजी संस्तुति
एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की काशीपुर में गिरफ्तारी और आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी मामले में लाइन हाजिर किए गए तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम राठौर पर निलंबन की तलवार लटक गई है।
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एक लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर योगेश भदौड़ा की काशीपुर में गिरफ्तारी और सिर्फ आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी मामले में लाइन हाजिर किए गए तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम राठौर पर अब निलंबन की तलवार लटक गई है। एसएसपी अजय गणपति ने उनके निलंबन की संस्तुति आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती से की है। साथ ही विभागीय जांच एसपी क्राइम अनुषा बडोला को सौंपी गई है।
विक्रम राठौर का ऊधमसिंह नगर से पिथौरागढ़ तबादला हो चुका है लेकिन गैंगस्टर की गिरफ्तारी से जुड़े प्रकरण में विभागीय कार्रवाई का सिलसिला थमा नहीं है। निलंबन की संस्तुति भेजे जाने के बाद अब निगाहें उच्चाधिकारियों के फैसले और विभागीय जांच के नतीजों पर टिकी हैं।
खंडहर के पास पकड़ा गया था इनामी गैंगस्टर
आठ जुलाई को काशीपुर के आईटीआई कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने योगेश मलिक उर्फ योगेश भदौड़ा को गिरफ्तार किया था। चैती मेला मार्ग पर एक खंडहर के पास संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की थी। तलाशी में उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा और तीन कारतूस मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी विक्रम राठौर को लाइन हाजिर कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी।
46 मुकदमों में नाम आने का दावा
मेरठ जिले के भदौड़ा गांव निवासी योगेश भदौड़ा का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आपराधिक मामलों में चर्चा में रहा है। उसके खिलाफ हत्या समेत विभिन्न अपराधों और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े 46 मुकदमों हैं। जेल से रिहाई के बाद न्यायालय में पेश नहीं होने और फरार रहने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
मामले में लापरवाही सामने आने के बाद निलंबन के लिए संस्तुति की गई है। जिले में अपराध से जुड़े मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - अजय गणपति, एसएसपी