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Udham Singh Nagar News: निजामगढ़ में कुर्बानगाह स्थल को लेकर चल रहे विवाद का निकला हल
Sat, 07 Jun 2025 12:59 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 07 Jun 2025 12:59 AM IST
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जसपुर। निजामगढ़-मनोरथपुर गांव में कुर्बानगाह स्थल को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया। एडीएम और एसपी की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है। इस बार जिरासत के खेत में कुर्बानी होगी।
एडीएम पंकज उपाध्याय और एसपी अभय सिंह ने शुक्रवार को गांव स्थित कुर्बानगाह स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। समझौते के अनुसार इस वर्ष जिरासत के खेत में कुर्बानी की रस्म अदा की जाएगी। बता दें कि निजामगढ़-मनोरथपुर प्रथम गांव की कुर्बानगाह स्थल को लेकर विवाद चल रहा था। गांव निवासी रियासत खां के खेत में 100 गज की जगह पर ग्रामीण अपने पशुओं की ईद-उल-अजहा के दिन कुर्बानी करते चले आ रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद से उनके पुत्र जिरासत एवं सज्जाद खां ही खेत की देखरेख करते हैं। जिरासत अपने खेत में कुर्बानी नहीं करने देना चाहते थे, लेकिन शुक्रवार को अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें मना लिया गया। एडीएम ने बताया कि जिरासत के पूर्ववर्ती खेत पर कुर्बानी करने पर समझौता हुआ है। वहां एसडीएम चतर सिंह, तहसीलदार शुभांगी, सरफराज अहमद, सरदार खां आदि थे।
कुर्बानगाह से जुड़े हैं पांच गांवों के ग्रामीण
जसपुर। कुर्बानगाह कमेटी के सदर सरदार खां ने बताया कि निजामगढ़-मनोरथपुर प्रथम गांव की कुर्बानगाह से क्षेत्र के पांच गांव जुड़े हुए हैं। इनमें मेघावाला, बढ़ियोवाला, आमका, पतरामपुर एवं हजीरों गांव शामिल हैं। इन गांवों के ग्रामीण ईद-उल-अजहा के मौके पर सदियों से कुर्बानी करते चले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कमेटी ने गांव में ही दो बीघा जमीन कुर्बान गाह के लिए खरीदी है, लेकिन उस पर भी लोग आपत्ति जता रहे हैं। उन्होंने इस मामले में अब हाईकोर्ट की शरण ली है।
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एडीएम पंकज उपाध्याय और एसपी अभय सिंह ने शुक्रवार को गांव स्थित कुर्बानगाह स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। समझौते के अनुसार इस वर्ष जिरासत के खेत में कुर्बानी की रस्म अदा की जाएगी। बता दें कि निजामगढ़-मनोरथपुर प्रथम गांव की कुर्बानगाह स्थल को लेकर विवाद चल रहा था। गांव निवासी रियासत खां के खेत में 100 गज की जगह पर ग्रामीण अपने पशुओं की ईद-उल-अजहा के दिन कुर्बानी करते चले आ रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद से उनके पुत्र जिरासत एवं सज्जाद खां ही खेत की देखरेख करते हैं। जिरासत अपने खेत में कुर्बानी नहीं करने देना चाहते थे, लेकिन शुक्रवार को अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें मना लिया गया। एडीएम ने बताया कि जिरासत के पूर्ववर्ती खेत पर कुर्बानी करने पर समझौता हुआ है। वहां एसडीएम चतर सिंह, तहसीलदार शुभांगी, सरफराज अहमद, सरदार खां आदि थे।
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कुर्बानगाह से जुड़े हैं पांच गांवों के ग्रामीण
जसपुर। कुर्बानगाह कमेटी के सदर सरदार खां ने बताया कि निजामगढ़-मनोरथपुर प्रथम गांव की कुर्बानगाह से क्षेत्र के पांच गांव जुड़े हुए हैं। इनमें मेघावाला, बढ़ियोवाला, आमका, पतरामपुर एवं हजीरों गांव शामिल हैं। इन गांवों के ग्रामीण ईद-उल-अजहा के मौके पर सदियों से कुर्बानी करते चले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि कमेटी ने गांव में ही दो बीघा जमीन कुर्बान गाह के लिए खरीदी है, लेकिन उस पर भी लोग आपत्ति जता रहे हैं। उन्होंने इस मामले में अब हाईकोर्ट की शरण ली है।
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