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Udham Singh Nagar News: 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी, मगर फैकल्टी का टोटा अब भी चुनौती
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रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज को लंबे इंतजार के बाद 100 एमबीबीएस सीटों की सौगात मिल गई है लेकिन फैकल्टी का टोटा अब भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। मानकों पर 80 फैकल्टी होनी चाहिए जबकि कॉलेज के पास अभी 51 ही हैं। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एनएमसी को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति दे दी जाए।
कॉलेज ने सत्र 2026-27 के लिए आवेदन किया था जिसे 12 जुलाई को एमएआरबी ने खारिज कर दिया। 27 जुलाई को प्रथम अपील भी 19 अगस्त को खारिज हो गई। इसके बाद 11 सितंबर को केंद्र में द्वितीय अपील की गई। 25 सितंबर को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में पाया गया कि कॉलेज में 51 फैकल्टी कार्यरत हैं। तब भी मानक से 29 कम हैं। बैठक में यह भी माना गया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीनिकल सुविधाओं और उपकरणों में काफी सुधार हुआ है। चूंकि यूजी काउंसलिंग एडवांस स्टेज में है इसलिए अनुमति अगले सत्र के लिए दी गई। हालांकि कई मानकों पर अभी भी काम पूरा नहीं हो सका है।
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केंद्र से सैद्धांतिक अनुमति मिलना बड़ी उपलब्धि है। रिक्त फैकल्टी पदों को भरने और इंफ्रास्ट्रक्चर को एनएमसी मानकों के अनुरूप मजबूत करने पर काम तेज कर दिया गया है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य।
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कॉलेज ने सत्र 2026-27 के लिए आवेदन किया था जिसे 12 जुलाई को एमएआरबी ने खारिज कर दिया। 27 जुलाई को प्रथम अपील भी 19 अगस्त को खारिज हो गई। इसके बाद 11 सितंबर को केंद्र में द्वितीय अपील की गई। 25 सितंबर को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में पाया गया कि कॉलेज में 51 फैकल्टी कार्यरत हैं। तब भी मानक से 29 कम हैं। बैठक में यह भी माना गया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीनिकल सुविधाओं और उपकरणों में काफी सुधार हुआ है। चूंकि यूजी काउंसलिंग एडवांस स्टेज में है इसलिए अनुमति अगले सत्र के लिए दी गई। हालांकि कई मानकों पर अभी भी काम पूरा नहीं हो सका है।
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केंद्र से सैद्धांतिक अनुमति मिलना बड़ी उपलब्धि है। रिक्त फैकल्टी पदों को भरने और इंफ्रास्ट्रक्चर को एनएमसी मानकों के अनुरूप मजबूत करने पर काम तेज कर दिया गया है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य।
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