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मशीन बताएगी कब करना है दवा का छिड़काव
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर
Updated Mon, 17 Oct 2016 11:57 PM IST
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मानव रहित मशीन का फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम में अचानक बदलाव आने और बीमारियों से फसल को बचाना अब आसान हो सकेगा। पंतनगर विवि के शोध छात्रों ने किसान मेले में एक ऐसी मशीन प्रदर्शित की है, जो किसान को मौसम संबंधी जानकारी देगी, साथ ही फसल में बीमारी, दवा का छिड़काव आदि से भी अवगत कराएगी। ये मशीन कृषि विज्ञान केंद्र का काम भी हल्का करेगी। इस मशीन का प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार किया जा चुका है।
पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्रों की कमी के चलते किसानों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे किसान सही समय पर अच्छी फसल खेतों में नहीं लगा पाते। प्रोजेक्ट हेड प्रज्ञा गोस्वामी ने बताया कि नौ लोगों की टीमों ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है जिसमें नई तकनीक के सहारे किसानों को उनके फसल से संबंधित हर जानकारी प्रदान की जाएगी।
ये मशीन एटीएम की तरह होगी जो पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में स्थापित की जायेगी। इस मशीन के माध्यम से किसान को मशीन की डिस्प्ले में जाकर खेत में लगाई हुई फसल को पूरा ब्यौरा देना होगा। जिसके बाद इंटरनेट के माध्यम से मशीन किसानों को फसल की गुणवत्ता को ओैर बेहतर बनाने के लिए नये दिशा निर्देश देगी। जिसकी मदद से किसान मौसम के अनुकूल फसलों में खाद का छिड़काव, पानी की मात्रा, कीटनाशक दवा का प्रयोग कब और कैसे करना है जान पायेंगे।
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मशीन का प्रोजेक्ट तैयार करने के बाद सबसे बढ़ी चुनौती यह थी कि कम पढ़े-लिखे किसान मशीन कैसे संचालित करेंगे। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसमें एडवांस ऑडियो सिस्टम भी लगाया है। यानी मशीन खुद किसानों से फसल का ब्यौरा मांगेगी और किसानों को दिशा निर्देश के तहत बटन दबाने होंगे जिससे उन्हें संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।
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पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्रों की कमी के चलते किसानों को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाती है। इससे किसान सही समय पर अच्छी फसल खेतों में नहीं लगा पाते। प्रोजेक्ट हेड प्रज्ञा गोस्वामी ने बताया कि नौ लोगों की टीमों ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया है जिसमें नई तकनीक के सहारे किसानों को उनके फसल से संबंधित हर जानकारी प्रदान की जाएगी।
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ये मशीन एटीएम की तरह होगी जो पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में स्थापित की जायेगी। इस मशीन के माध्यम से किसान को मशीन की डिस्प्ले में जाकर खेत में लगाई हुई फसल को पूरा ब्यौरा देना होगा। जिसके बाद इंटरनेट के माध्यम से मशीन किसानों को फसल की गुणवत्ता को ओैर बेहतर बनाने के लिए नये दिशा निर्देश देगी। जिसकी मदद से किसान मौसम के अनुकूल फसलों में खाद का छिड़काव, पानी की मात्रा, कीटनाशक दवा का प्रयोग कब और कैसे करना है जान पायेंगे।
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मशीन का प्रोजेक्ट तैयार करने के बाद सबसे बढ़ी चुनौती यह थी कि कम पढ़े-लिखे किसान मशीन कैसे संचालित करेंगे। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसमें एडवांस ऑडियो सिस्टम भी लगाया है। यानी मशीन खुद किसानों से फसल का ब्यौरा मांगेगी और किसानों को दिशा निर्देश के तहत बटन दबाने होंगे जिससे उन्हें संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी।