कमिश्नर की बैठक में बखेड़ा: विधायक अरोरा और ठुकराल में जमकर तकरार, हंगामे के बाद बैठक टली; जानें पूरा मामला
रुद्रपुर में एसआईआर बैठक के दौरान कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की मौजूदगी में विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच जमकर तू-तू-मैं-मैं हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि माहौल गरमा गया और भाजपा नेता धरने पर बैठ गए।
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रुद्रपुर कलक्ट्रेट में राजनीतिक पार्टियों के साथ चल रही बैठक में जमकर बखेड़ा हुआ। कुमाऊं कमिश्नर के सामने विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक में जमकर तकरार हो गई। तू-तू-मैं-मैं के बाद नौबत एक-दूसरे से हाथापाई तक आ गई। अधिकारियों ने किसी तरह दोनों को रोक कर बीच-बचाव किया। हंगामे के बाद बैठक को टलना पड़ा। कांग्रेसियों ने कलक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की। वहीं भाजपाई सभागार के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में दोपहर 12:30 बजे कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने राजनीतिक दलों के साथ एसआईआर के मुद्दे पर बैठक रखी थी। इसमें आपत्तियों और उनके निस्तारण पर चर्चा होनी थी। बैठक शुरू होते की कमिश्नर के समक्ष सबसे पहले किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आठ हजार आपत्तियों का विषय रखा। उनका कहना था कि किच्छा में भाजपाइयों की ओर से जो आपत्तियां लगी हैं, उनके सभी प्रमाण उनके पास हैं।
इतने में शुक्ला के पक्ष में रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा भी बोल पड़े। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर में भी आपत्तियां लगी हैं लेकिन कांग्रेसी आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों को धमका रहे हैं। इतना कहते ही सामने बैठे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का पारा चढ़ गया। उनका आरोप था कि भाजपा नेताओं की तरफ से कांग्रेसियों को गुंडा कहा गया। ठुकराल ने कहा कि जब वह इसका विरोध करने उठे तो विधायक अरोरा ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जिस पर उन्हें गुस्सा आ गया।
इस बीच दोनों के बीच जमकर कहासुनी हो गई और हाथापाई तक की नौबत आ गई। एडीएम कौस्तुभ मिश्रा तथा एसडीएम मनीष बिष्ट ने किसी तरह ठुकराल को काबू कर समझाया और कुर्सी पर बैठाया। वहीं दूसरी ओर एडीएम पंकज उपाध्याय व अन्य ने विधायक शिव अरोरा को समझाया। हंगामे के बीच माहौल गरमा गया। बैठक को 10 मिनट में बिना किसी चर्चा के खत्म करना पड़ा। इसके बाद विधायक शिव अरोरा के समर्थन में भाजपाई सभागार के धरने पर बैठ गए। देर शाम तक उनका धरना जारी रहा।
मैं राज्य आंदोलनकारी हूं जो जिस तरीके से बात करेगा, उसे उसी तरह से जवाब दिया जाएगा। अभद्रता पहले विधायक ने की। अधिकारियों तक का सम्मान नहीं किया गया। विधायक सत्ता के नशे में चूर हो गए हैं। - राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक
मैं शांतिपूर्ण तरीके से कमिश्नर के सामने अपनी बात रख रहा था। इसी बीच ठुकराल अपनी मर्यादा खो बैठे। उन्होंने न केवल सरकारी काम में बाधा डाली बल्कि विधायक के पद की भी गरिमा भंग की। प्रशासन को उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। - शिव अरोरा, विधायक, रुद्रपुर
पूर्व विधायक ठुकराल ने बैठक का मजाक उड़ाया। वह अपनी बात को सही तरीके से कह सकते थे। विधायक शिव अरोरा से इस तरह का व्यवहार अमर्यादित है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - राजेश शुक्ला, पूर्व विधायक
मैं अपनी बात को साक्ष्य के साथ कुमाऊं कमिश्नर के समक्ष रखकर आ गया। किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला को अपनी जुबान पर लगाम लगानी होगी अन्यथा ठीक नहीं होगा। मैं पांच बार का विधायक हूं। मेरे लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग हो रहा है वह ठीक नहीं हैं। - तिलक राज बेहड़, विधायक, किच्छा
सत्ता पक्ष के धरने से राजनीति का अखाड़ा बना कलक्ट्रेट
रुद्रपुर कलक्ट्रेट परिसर सोमवार को करीब सात घंटे तक राजनीति का अखाड़ा बना रहा। दोपहर 12:30 बजे शुरू हुआ हंगामा शाम सात बजे बाद तक जारी रहा। हंगामे के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, दायित्वधारी रामपाल सिंह, विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के साथ कई भाजपाई धरने पर बैठ गए। देर शाम तक अधिकारी भाजपाइयों को मनाने और धरना समाप्त कराने में लगे रहे लेकिन भाजपाई पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर शाम तक हंगामे के बीच कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत और डीएम नितिन सिंह भदौरिया भी कार्यालय में रहे। वहीं, दोपहर में कांग्रेस ने नारेबाजी की। हालांकि, कुछ देर के हंगामे के बाद कांग्रेसी नेता और उनके समर्थक चले गए।
मुझ पर हमला करने का प्रयास हुआ : अरोरा
विधायक शिव अरोरा का कहना है कि एसआईआर बैठक में सबको अपनी बात रखनी थी। जब मैं अपनी बात कहने लगा तो ठुकराल बौखला गए। मुझ पर हमले का प्रयास किया। अवसाद में भरा व्यक्ति बिना किसी वजह से लड़ रहा था। आपत्तियों का विरोध करना है तो अधिकारियों से करें। यहां लड़ने और गालीगलौज की कोई जरूरत नहीं थी।
कार्रवाई की मांग पर अड़े लेकिन तहरीर नहीं दी
धरना पूर्व विधायक राजकुमार पर कार्रवाई के लिए चल रहा था। इस पर अधिकारियों ने तहरीर मांग ली लेकिन भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से तहरीर नहीं दी गई। भाजपाइयों का कहना था कि सरकारी बैठक के दौरान हंगामा हुआ है, ऐसे में अधिकारियों को सरकारी कार्य में बांधा की प्राथमिकी दर्ज करानी चाहिए।
उल्टा चोर कोतवाल को डाटे
विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक नारायण पाल का इस पूरे हंगामे पर कहना है कि उल्टा चोर कोतवाल को डाटे। भाजपाई अपनी सरकार में आंदोलन कर रहे हैं। पहले खुद बैठक में कांग्रेस को गुंडा और अपशब्द बोल रहे हैं, उसके बाद खुद धरने पर बैठ रहे हैं।