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Udham Singh Nagar News: जुलाई से अस्पताल नहीं पहुंचे दंत चिकित्सक
Mon, 19 Oct 2026 11:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:47 PM IST
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काशीपुर। करीब साढ़े तीन महीने से एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में दंत चिकित्सक की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक बीमारी के चलते अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने से मरीजों को निजी अस्पताल या क्लीनिकों में महंगा इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 600 से 700 मरीज आते हैं। इनमें 50-60 मरीज दांत रोग के भी शामिल होते हैं। जुलाई से दंत रोग विशेषज्ञ अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इसका खामियाजा दांत की जांच कराने के लिए आ रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना दंत रोगी दांत दर्द, मसूड़ों में सूजन और दांत निकलवाने के लिए पहुंचते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल में सहायक तकनीशियन कक्ष खोलकर बैठते हैं। वह मरीज के दांत की सफाई कर देते हैं। दूसरे चिकित्सक से दर्द की सामान्य दवा लिखवा देते है लेकिन अधिक दिक्कत होने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। ग्राम पैगा निवासी रवि, काली बस्ती निवासी रिजवान, नीझड़ा निवासी राजेश्वरी ने बताया कि दांत में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल आए थे। चिकित्सक कक्ष में नहीं मिल रहे हैं। तकनीशियन उनके बीमार होने की बात कह रहे हैं। विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
तकनीशियन डीएन पांडे का कहना है कि अस्पताल में दंत विभाग का पूरा सेटअप, चेयर और मशीनें मौजूद हैं। एक्सरे भी होते हैं। चिकित्सक बीमार चल रहे हैं।
कोट:
29 जून से दंत रोग विशेषज्ञ नहीं आ रहे हैं। वह मेडिकल पर चल रहे हैं। उनका ऑपरेशन हुआ है। स्वस्थ्य होने पर अस्पताल में अपनी सेवा देंगे। -डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
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अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 600 से 700 मरीज आते हैं। इनमें 50-60 मरीज दांत रोग के भी शामिल होते हैं। जुलाई से दंत रोग विशेषज्ञ अस्पताल नहीं आ रहे हैं। इसका खामियाजा दांत की जांच कराने के लिए आ रहे लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना दंत रोगी दांत दर्द, मसूड़ों में सूजन और दांत निकलवाने के लिए पहुंचते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ता है। अस्पताल में सहायक तकनीशियन कक्ष खोलकर बैठते हैं। वह मरीज के दांत की सफाई कर देते हैं। दूसरे चिकित्सक से दर्द की सामान्य दवा लिखवा देते है लेकिन अधिक दिक्कत होने पर मरीज को रेफर कर दिया जाता है। ग्राम पैगा निवासी रवि, काली बस्ती निवासी रिजवान, नीझड़ा निवासी राजेश्वरी ने बताया कि दांत में दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल आए थे। चिकित्सक कक्ष में नहीं मिल रहे हैं। तकनीशियन उनके बीमार होने की बात कह रहे हैं। विभाग को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
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तकनीशियन डीएन पांडे का कहना है कि अस्पताल में दंत विभाग का पूरा सेटअप, चेयर और मशीनें मौजूद हैं। एक्सरे भी होते हैं। चिकित्सक बीमार चल रहे हैं।
कोट:
29 जून से दंत रोग विशेषज्ञ नहीं आ रहे हैं। वह मेडिकल पर चल रहे हैं। उनका ऑपरेशन हुआ है। स्वस्थ्य होने पर अस्पताल में अपनी सेवा देंगे। -डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
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