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Rudrapur News: गैस आपूर्ति ठप...80 कंपनियों में संकट, मुरादाबाद में पीएनजी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से समस्या

Wed, 13 Aug 2025 10:41 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 13 Aug 2025 10:41 AM IST
सार

मुरादाबाद में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से सिडकुल पंतनगर के 80 कंपनियों में संकट गहरा गया है। 60 कंपनियों को प्लांट बंद करने पड़े हैं।

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the crisis has deepened in 80 companies of SIDCUL Pantnagar Due to damage to the PNG pipeline in Moradabad
रुद्रपुर में डीएम से मिलते सिडकुल सोसायटी के पदाधिकारी और कंपनी प्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से सिडकुल पंतनगर के 80 कंपनियों में संकट गहरा गया है। 60 कंपनियों को प्लांट बंद करने पड़े हैं। आपूर्ति सुचारू होने पर छाए अनिश्चितता के बादलों के बीच कंपनियों ने वैकल्पिक व्यवस्था एलपीजी और सीएनजी कैप्सूल मंगवाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। आपूर्ति बंद होने से कंपनियों को रोजाना 200 से 300 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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गेल इंडिया की पाइप लाइन से रुद्रपुर के ग्राम छतरपुर प्लांट तक पीएनजी आती है। यहां से इंडिया ऑयल-अडाणी गैस की ओर से सिडकुल की 80 कंपनियों में पीएनजी की सप्लाई की जाती है। इसके अलावा काशीपुर में चार कंपनियों में पीएनजी की सप्लाई होती है। रविवार को मुरादाबाद में रामगंगा नदी के बीच से गुजर रही पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति ठप पड़ी है। इससे पीनएनी आधारित कंपनियाें में काम बंद हो रहा है। मंगलवार को आटो और फूड इंडस्ट्री से जुड़ी 80 कंपनियों में उत्पादन प्रभावित रहा। कंपनियों को अपने प्लांट बंद कर कर्मचारियों की छुट्टी करनी पड़ी है। सिडकुल इंटर प्रिनियोर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने बताया कि सोमवार को किसी तरह इंडस्ट्री चल रही थ लेकिन मंगलवार को पीएनजी नहीं होने से प्लांट बंद कर दिए गए हैं। समस्या मुरादाबाद में पाइप लाइन फटने की है और यह समस्या बड़ी होने जा रही है। नदी में बाढ़ आने की वजह से लाइन ठीक नहीं हो पा रही है।

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उपजे संकट से राहत दिलाने की मांग
सिडकुल में पीएनजी आपूर्ति बाधित होने से गहराए संकट के बाद सिडकुल इंटरप्रिनियोर वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारी और कंपनियों के अधिकारियों ने डीएम नितिन सिंह भदौरिया से मुलाकात की। उन्होंने पीएनजी बंद होने से कंपनियों में पड़ रहे प्रभाव की जानकारी दी और हस्तक्षेप कर समस्या के निदान के लिए ठोस कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो कंपनियों की स्थिति खराब हो जाएगी। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एलपीजी या सीएनजी की व्यवस्था के लिए जरूरी औपचारिकताएं और लाइसेंस प्रक्रिया जल्द देने की मांग की। डीएम ने प्रभारी डीएसओ और संबंधित अधिकारियों को कंपनियों की जरूरत के मुताबिक अनुमति संबंधी कार्यवाहियों पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वहां पर आरएम मनीष बिष्ट, अध्यक्ष श्रीकर सिन्हा, सचिव गजेंद्र सिंह, अरून टोंक, अमरीश चौहान, आलोक सिंह, रमाकांत पांडे, रविशरण, सुधीर मिश्रा, संजय जोशी, राजेश मिश्रा, मनमोहन अधिकारी सहित अनेक मौजूद रहे। 

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रोजाना 200 से 300 करोड़ का इंडस्ट्री को हो रहा नुकसान
सिडकुल इंटरप्रिनियोर सोसायटी ने पीएनजी आपूर्ति बंद होने से उपजे हालातों पर गहरी चिंता जताई है। अध्यक्ष श्रीकर सिन्हा ने कहा कि फिलहाल 60 कंपनियां बंद हैं और इनके पीछे कई कंपनियां बंद हुई होंगी। इसका आकलन नहीं किया गया है। चार हजार वाहन बजाज प्रतिदिन बना रहे हैं और ऐसे ही टाटा व अन्य कंपनियां हैं। सचिव गजेंद्र सिंह ने कहा कि पीएनजी सप्लाई बंद होने से इंडस्ट्री को रोजाना 200 से 300 करोड़ का नुकसान हो रहा है। हर दिन सरकार को करीब 15 करोड़ के जीएसटी का नुकसान हो रहा है। बजाज कंपनी और इसकी वेंडर कंपनियां बंद हैं। 80 कंपनियां सीधे प्रभावित हैं। कहा कि अब यह साफ नहीं हो पाया है कि सप्लाई में कब तक राहत मिल पाएगी। अगर जल्द समस्या नहीं सुलझी तो प्लांट बंद हाे जाएंगे। इसका असर कर्मचारियों की रोजी रोटी पर प्रभाव पड़ेगा। अकेले बजाज की टायर ए, दो व तीन वेंडर तक प्रभावित होंगी। ऑटोमोबाइल और फूड सेक्टर प्रभावित हो रहा है। 

आठ कंपनियों ने अनुमति के लिए किया आवेदन
पीएनजी आपूर्ति पर छाए अनिश्चितता के बादल नहीं छंटने पर कंपनियां एलपीजी व सीएनजी कैप्सूल का सहारा लेने जा रही है। श्रीकर सिन्हा ने बताया कि कंपनियों की ओर से बाहर से एलपीजी व सीएनजी कैप्सूल मंगवाने के लिए आवेदन किया गया है। 15 दिनों के लिए अनुमति मांगी गई है। एलपीजी और सीएनजी कैप्सूल के लिए बरेली सहित विभिन्न जगहों पर कंपनियों से प्रभावित कंपनियां बात कर रही है। प्रभारी डीएसओ विनोद तिवारी ने बताया कि आठ कंपनियों ने अनुमति के लिए आवेदन किया है और अनुमति की फाइल डीएम को भेजी गई है। 

पीएनजी सप्लाई बाधित होने की विषम परिस्थितियां आ गई हैं। मुरादाबाद के प्रशासन से संपर्क में हैं। वहां पर बाढ़ की स्थिति है। कई बार परिस्थितियां आ जाती है। संबंधित अधिकारियों ने त्वरित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। जल्द ही सप्लाई रिस्टोर हो जाएगी। कंपनियों के प्रतिनिधियों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर डीएसओ व संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।- नितिन सिंह भदौरिया, डीएम

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