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जांच रुद्रपुर में, इलाज पीलीभीत में मिलेगा: अस्पताल में नहीं मिली दवा, जांच के बाद कहा- गांव जाकर कराओ इलाज

Tue, 16 Dec 2025 12:52 PM IST
हीरा मेहरा शुभम श्रीवास्तव
शुभम श्रीवास्तव Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 16 Dec 2025 12:52 PM IST
सार

रुद्रपुर जिला अस्पताल में एक मरीज के साथ अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हुई। सोमवार को उसकी सारी जांचें अस्पताल में ही हुईं, लेकिन चिकित्सकों ने उसे बताया कि इलाज के लिए उसे 77 किलोमीटर दूर पीलीभीत जाना होगा। जिससे वह हैरान और निराश हो गया।

 

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Testing will be done in Rudrapur but treatment will be done in Pilibhit
रुद्रपुर जिला अस्पताल में रिपोर्ट दिखाता फरयाद हुसैन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पताल रुद्रपुर में सोमवार सुबह इलाज कराने के लिए पहुंचे एक मरीज के तब होश उड़ गए जब चिकित्सकों ने उससे यह कह दिया कि तुम्हारी जांचें तो यहां हो गई हैं लेकिन इसके उपचार के लिए तुम्हें 77 किलोमीटर दूर पीलीभीत जाना पड़ेगा। उसे दवाएं न देकर बैरंग लौटा दिया गया।

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यूपी के पीलीभीत के मुंडरिया गांव निवासी फरयाद हुसैन रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में परिवार के साथ रहते हैं। तीन साल पहले वह नौकरी की तलाश में यहां आए। 11 दिसंबर को भूख नहीं लगने और अधिक थकान महसूस होने पर वह जिला अस्पताल उपचार के लिए गए।

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डाॅ. एमके तिवारी ने उन्हें जांच के लिए लिख दिया। 15 दिसंबर को जब जांच रिपोर्ट आई तो उसमें उन्हें काला पीलिया निकला। फरयाद ने जब डाक्टरों से उपचार के लिए दवा मांगी तो डाक्टरों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि तुम तो यूपी के हो। पीलीभीत में जाकर वहीं इलाज करवाओ। जांच तो हमने कर दी अब तुम्हारा इलाज यूपी के पीलीभीत में चलेगा।

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यह सुनकर वह सोचने लगा कि उसने जांच तो रुद्रपुर में करवा ली अब उपचार के लिए ठंड के इस मौसम में 77 किमी दूर पीलीभीत कैसे जाए। फरयाद ने एक वीडियो प्रसारित कर पैथोलॉजी लैब के एक कर्मचारी पर जांच करने के लिए 500 रुपये शुल्क लेने का भी आरोप लगाया है। 

यहां ऐसा नहीं होता है कि अन्य प्रदेश के लोगों को दवा न दी जाए या उनसे जांच के नाम पर पैसा लिया जाए। सभी रोगियों को समान रूप से उपचार दिया जाता है फिर भी अगर ऐसा है तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। -आरके सिन्हा, पीएमएस

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