{"_id":"396bf581c7835886b157a221b1e1d06c","slug":"ten-days-accumulated-in-the-account-of-the-sidkul-million-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस दिन में ही सिडकुल के खाते में जमा हुए चार करोड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस दिन में ही सिडकुल के खाते में जमा हुए चार करोड़
ब्यूूराे, अमर उजाला, रुद्रपुर।
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:46 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला की खबर ने सिडकुल प्रशासन का काम बेहद आसान कर दिया है। करीब दस दिन में ही सिडकुल के खाते में चार करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हो गई है।
विज्ञापन
यह धनराशि उद्यमियों की ओर से मेंटीनेंस और लीज शुल्क के रूप में जमा कराई गई है। इससे सिडकुल के अफसर राहत महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा बकाया भुगतान जमा कराने के और 125 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इनसे करीब नौ करोड़ से अधिक की वसूली होनी है।
विज्ञापन
सिडकुल पंतनगर में पांच सौ से अधिक फैक्ट्रियां उत्पादन कर रही हैं। नियमानुसार हर फैक्ट्री को प्रति वर्ष मेंटीनेंस शुल्क के रूप में 4.62 रुपये प्रति वर्ग मीटर और जमीन का लीज शुल्क के रुप मेें पांच रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमा कराने होते हैं। लेकिन फैक्ट्री मालिक ऐसा नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
इस पर हाल के दिनों में सिडकुल कार्यालय की ओर से 150 फैक्ट्रियों को नोटिस भेजा गया था। मगर उद्यमी जमा कराने में आनाकानी कर रहे थे। इसके बाद इस मुद्दे को 23 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
सिडकुल आरएम जीपी दुर्गापाल ने बताया कि खबर का व्यापक असर हुआ है। दस दिन में ही चार करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हो चुकी है।
इसके अलावा 125 फैक्ट्रियों को और नोटिस देकर बकाया भुगतान के निर्देश दिए गए हैं। इन पर करीब नौ करोड़ का बकाया है। कहा कि बकाया भुगतान न करने वाली फैक्ट्री प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ब्याज सहित वसूली की जाएगी।