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सड़क पर उतरे टाटा मोटर्स के 13 सौ कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:33 AM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
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समझौता शर्तों को लागू नहीं करने के विरोध में टाटा मोटर्स लिमिटेड के हजारों कर्मचारी बुधवार को सड़क पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने शहर में जुलूस निकालकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब से कंपनी खुली है तब से उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया है। कर्मचारी कल से हड़ताल पर रहेंगे।
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उन्होंने मांगों पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान भी कर दिया है।
टाटा मोटर्स कंपनी के स्थायी कर्मचारियों में पिछले कई दिनों से विरोध की चिंगारी सुलग रही थी। कारण था प्रबंधन द्वारा उनका वेतन नहीं बढ़ाया जाना। प्रबंधन से समझौता वार्ता भी हुई लेकिन उनकी मांगों पर गौर नहीं हुआ, जिससे क्षुब्ध कर्मचारियों ने आंदोलन की रणनीति अख्तियार कर ली। आंदोलन को धार देने के मकसद से कर्मचारियों की बैठक भी हुई।
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हालांकि कर्मचारियों की प्रबंधन के साथ वार्ता भी हुई लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन को 16 फरवरी 2016 को वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा गया था, जिसके बाद प्रबंधन से कुछ दौर की वार्ता भी हुई लेकिन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहा जिससे कर्मचारियों में रोष पनपने लगा। फरवरी में ही कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ झण्डा बुलंद करने का मन बना लिया था, लेकिन प्रबंधन के आश्वासनों के झुनझुने के चलते कर्मचारियों का आंदोलन आगे खिसकता रहा।
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प्रबंधन ने नए वित्तीय वर्ष में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का भरोसा दिलाया था लेकिन अप्रैल का महीना आते ही उसे पेंडिंग में डाल दिया जिसने कर्मचारियों में आक्रोश फैला दिया। पहली अप्रैल से कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों ने गुरुवार से कामबंदी का भी ऐलान कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पूरी नहीं होंगी उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
टाटा में पहली बार हुआ आंदोलन
रुद्रपुर। सिडकुल में टाटा मोटर्स की स्थापना के बाद से यह पहला मौका है जब कंपनी के स्थायी कर्मचारियों को सड़क पर उतरना पड़ा है। कंपनी में तकरीबन 13 सौ स्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी अस्थाई भी हैं जिन्हें प्रबंधन ने परमानेंट करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन कर्मचारियों की उम्मीदें धरी की धरी रह गई।
जब से कंपनी खुली है नहीं बढ़ाया गया वेतन
रुद्रपुर। टाटा मोटर्स कंपनी की स्थापना जब से सिडकुल में हुई है तब से किसी भी कर्मचारी का वेतन नहीं बढ़ाया गया है। कर्मचारी 10 साल बाद भी पुराने वेतनमान पर ही काम करने को मजबूर हैं। वेतन नहीं बढ़ाए जाने से भी कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।