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विज्ञान भवन में चलती रही वार्ता, धरने पर डटे रहे तराई के किसान
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गाजीपुर बार्डर धरने पर बाजपुर के जगतार सिंह बाजवा और अन्य किसान।
- फोटो : BAZPUR
रुद्रपुर। किसान आंदोलन के 35वें दिन बुधवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान संगठनों के बीच शाम तक बैठक चलती रही। इस दौरान ऊधमसिंह नगर के सैकड़ों किसान गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर डटे रहे। कई किसान धरनास्थल से ही सरकार और किसानों के बीच हो रही वार्ता और नतीजों को लेकर लगातार फोन से संपर्क में रहे।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में शामिल तराई के सैकड़ों किसान गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार धरना दे रहे हैं। बुधवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बैठक में गाजीपुर बॉर्डर से भी किसान नेता शामिल हुए। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि सातवें दौर की बैठक के शाम तक स्पष्ट नतीजे नहीं मिल सके।
विज्ञान भवन में वरिष्ठ किसान नेताओं व सरकार के बीच कृषि कानूनों और बिजली बिल को लेकर लगातार वार्ता जारी है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य भी किसान आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। विर्क ने कहा कि किसानों के हित में कृषि कानूनों का रद्द होना जरूरी है। तीनों कृषि कानूनों के चलते कृषि क्षेत्र में कारपोरेट का दखल बढ़ जाएगा।
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निजी कंपनी का बहिष्कार, बीएसएनएल में पोर्ट हो रहे सिम
रुद्रपुर। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग निजी मोबाइल सिम कंपनी का बहिष्कार करने में जुटे हैं। इसका फायदा सीधे बीएसएनएल को हो रहा है। औसतर रोजाना 150 से 200 लोग निजी सिम कंपनी से बीएसएनएल में सिम पोर्ट करवा रहे हैं।
देश में सबसे पहले 4जी सेवा लाने वाली कंपनी का 15 दिनों से लोग बहिष्कार करने में जुटे हैं। बड़े उद्योगपति की सिम कंपनी के होने के चलते किसानों के परिवार और किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग इसका बहिष्कार कर रहे हैं। बीएसएनएल के उपमंडल अभियंता अरुण छाबड़ा ने बताया कि पिछले 10 दिनों में 1500 लोगों ने अपने सिम बीएसएनएल में पोर्ट करवाए हैं।
सिम बिकने और नए कनेक्शन लगने से बीएसएनएल की आय में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के आह्वान पर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए चीन की कंपनियों का बहिष्कार किया जा रहा है। जिसके चलते 4जी सेवा शुरू नहीं हो पाई थी। वर्ष 2021 में जल्द बीएसएनएल 4जी सेवा लाने की तैयारी कर रहा है। टेंडर प्रक्रिया के बाद टावरों में 4जी डिवाइस लगाई जाएगी। (संवाद)
गाजीपुर में उठा बाजपुर के बीस गांव की भूमि का मामला
बाजपुर/जसपुर। बाजपुर बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा अपने साथियों के साथ बुधवार को फिर गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन में पहुंचे। उन्होंने बाजपुर क्षेत्र के बलविंदर सिंह कलेर, राजकिशोर, मंदीप सिंह, सौरभ नेगी आदि के साथ धरना दिया। वहीं, उनकी पत्नी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता टम्टा ने महिलाओं के साथ आंदोलन स्थल पर लंगर व्यवस्था में सहयोग किया। सुनीता टम्टा के साथ रेखा सिंह, सुरजीत कौर, मंजीत कौर, जसप्रीत सिंह, गुरमीत कौर, संदीप कौर, किरन कौर भी गाजीपुर पहुंची है।
बता दें कि मुहिम संयोजक जगतार सिंह बाजवा एक महीने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में भागीदारी कर मंगलवार को बाजपुर लौटे थे। बुधवार सुबह फिर गाजीपुर रवाना हो गए। बाजवा ने कहा कि किसानों का आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले चुका है। अब कृषि कानूनों को खारिज कराकर ही किसान अपने घर लौटेंगे। बाजवा ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर धरना स्थल पर बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पहुंचे थे।
टिकैत के समक्ष उन्होंने बाजपुर के बीस गांव की भूमि प्रकरण और 1500 किसानों पर बाजपुर पुलिस ने दर्ज किए मुकदमों को प्रमुखता से रखा है, जिस पर टिकैत ने किसानों की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। भाजपा सरकार किसानों की जमीनों को छिनने की कोशिश कर रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर, जसपुर से किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए 14 किसान बुधवार सुबह वहां पहुंच गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि क्षेत्र के अन्य किसान भी उनके संपर्क में हैं। प्रदेश अध्यक्ष का आदेश मिलते ही उन्हें आने वाले दिनों में किसान आंदोलन के समर्थन में भेजा जाएगा। (संवाद)
किसान बेटियों का धरना 21 वें दिन रहा जारी
बाजपुर। किसान आंदोलन के समर्थन में शहीद भगत सिंह चौक पर चल रहे किसान बेटियों का धरना बुधवार को 21वें दिन जारी रहा। किसान बेटियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कृषि कानूनों को खारिज कर देना चाहिए। वहां प्रभजोत कौर, अमनदीप कौर, अर्शदीप कौर, सपनदीप कौर, खुशप्रीत कौर, मंजीत कौर आदि थे। (संवाद)
जमाखोरी को बढ़ावा मिलने के साथ होगी बेतहाशा महंगाई
सितारगंज। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर क्षेत्र के किसानों का आंदोलन जारी है। कठंगरी गांव के युवा किसान बलजिंदर सिंह मान ने केंद्र सरकार के इन तीनों कानूनों को किसानों के खिलाफ बताया। कहा कि किसानों पर कृषि कानून थोपे हैं, जो किसानों के हित में नहीं है।
इससे सिर्फ जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसका उपभोक्ता पर बुरा असर पड़ेगा और महंगाई भी बढ़ जाएगी। इधर, पंजाब के मशहूर गायक-गायिका भी आंदोलन में शिरकत कर अपने गीतों से किसानों की दुर्दशा बयां कर रहे हैं। यूथ एवं महिला कांग्रेस के युवा और महिलाएं भी समर्थन में डटे हैं।
बुधवार को गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल किसानों ने कहा कि आज किसान की हालत मजदूर से भी बदतर हो गई है। सरकार उनकी जमीनों पर कारपोरेट घरानों का कब्जा कराना चाहती है। इसीलिए, सरकार ने इन काले कानूनों को थोपा है। 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे युवा किसान बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके साथ तराई के अन्य किसान नेता कुलदीप सिंह भुल्लर, तेजेंद्र सिंह विर्क, मिंटू बाजवा समेत 11 सदस्यों ने भी भूख हड़ताल की थी।
बताया कि यहां पंजाब के किसानों के अलावा पंजाबी गायक कलाकार गालिब बढ़ैच, कनवर ग्रेवाल, सोनिया मान, रूपिंदर हांडा आई हैं, जो आंदोलन में प्रतिभाग कर रहे प्रदर्शनकारियों में ऊर्जा संचार का काम कर रहे हैं। ये सभी गायक-गायिकाएं अपने गीतों के माध्यम सरकार को किसान की दशा-दुर्दशा बता रहे हैं। कहा कि जब तक कानून वापस नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
वहां सुमित्तर भुल्लर, सुखचैन सिंह, गुरसेवक सिंह, साहब सिंह, हरजीत सिंह, दलवीर सिंह के अलावा महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या, मंजू तिवारी, आशा बिष्ट, बवीता उप्रेती आदि थे। (संवाद)
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कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में शामिल तराई के सैकड़ों किसान गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार धरना दे रहे हैं। बुधवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बैठक में गाजीपुर बॉर्डर से भी किसान नेता शामिल हुए। तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने बताया कि सातवें दौर की बैठक के शाम तक स्पष्ट नतीजे नहीं मिल सके।
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विज्ञान भवन में वरिष्ठ किसान नेताओं व सरकार के बीच कृषि कानूनों और बिजली बिल को लेकर लगातार वार्ता जारी है। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन में लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। महिलाएं और परिवार के अन्य सदस्य भी किसान आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। विर्क ने कहा कि किसानों के हित में कृषि कानूनों का रद्द होना जरूरी है। तीनों कृषि कानूनों के चलते कृषि क्षेत्र में कारपोरेट का दखल बढ़ जाएगा।
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निजी कंपनी का बहिष्कार, बीएसएनएल में पोर्ट हो रहे सिम
रुद्रपुर। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग निजी मोबाइल सिम कंपनी का बहिष्कार करने में जुटे हैं। इसका फायदा सीधे बीएसएनएल को हो रहा है। औसतर रोजाना 150 से 200 लोग निजी सिम कंपनी से बीएसएनएल में सिम पोर्ट करवा रहे हैं।
देश में सबसे पहले 4जी सेवा लाने वाली कंपनी का 15 दिनों से लोग बहिष्कार करने में जुटे हैं। बड़े उद्योगपति की सिम कंपनी के होने के चलते किसानों के परिवार और किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग इसका बहिष्कार कर रहे हैं। बीएसएनएल के उपमंडल अभियंता अरुण छाबड़ा ने बताया कि पिछले 10 दिनों में 1500 लोगों ने अपने सिम बीएसएनएल में पोर्ट करवाए हैं।
सिम बिकने और नए कनेक्शन लगने से बीएसएनएल की आय में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के आह्वान पर वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए चीन की कंपनियों का बहिष्कार किया जा रहा है। जिसके चलते 4जी सेवा शुरू नहीं हो पाई थी। वर्ष 2021 में जल्द बीएसएनएल 4जी सेवा लाने की तैयारी कर रहा है। टेंडर प्रक्रिया के बाद टावरों में 4जी डिवाइस लगाई जाएगी। (संवाद)
गाजीपुर में उठा बाजपुर के बीस गांव की भूमि का मामला
बाजपुर/जसपुर। बाजपुर बचाओ मुहिम के संयोजक जगतार सिंह बाजवा अपने साथियों के साथ बुधवार को फिर गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन में पहुंचे। उन्होंने बाजपुर क्षेत्र के बलविंदर सिंह कलेर, राजकिशोर, मंदीप सिंह, सौरभ नेगी आदि के साथ धरना दिया। वहीं, उनकी पत्नी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुनीता टम्टा ने महिलाओं के साथ आंदोलन स्थल पर लंगर व्यवस्था में सहयोग किया। सुनीता टम्टा के साथ रेखा सिंह, सुरजीत कौर, मंजीत कौर, जसप्रीत सिंह, गुरमीत कौर, संदीप कौर, किरन कौर भी गाजीपुर पहुंची है।
बता दें कि मुहिम संयोजक जगतार सिंह बाजवा एक महीने गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में भागीदारी कर मंगलवार को बाजपुर लौटे थे। बुधवार सुबह फिर गाजीपुर रवाना हो गए। बाजवा ने कहा कि किसानों का आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले चुका है। अब कृषि कानूनों को खारिज कराकर ही किसान अपने घर लौटेंगे। बाजवा ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर धरना स्थल पर बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पहुंचे थे।
टिकैत के समक्ष उन्होंने बाजपुर के बीस गांव की भूमि प्रकरण और 1500 किसानों पर बाजपुर पुलिस ने दर्ज किए मुकदमों को प्रमुखता से रखा है, जिस पर टिकैत ने किसानों की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। भाजपा सरकार किसानों की जमीनों को छिनने की कोशिश कर रही है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर, जसपुर से किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए 14 किसान बुधवार सुबह वहां पहुंच गए हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि क्षेत्र के अन्य किसान भी उनके संपर्क में हैं। प्रदेश अध्यक्ष का आदेश मिलते ही उन्हें आने वाले दिनों में किसान आंदोलन के समर्थन में भेजा जाएगा। (संवाद)
किसान बेटियों का धरना 21 वें दिन रहा जारी
बाजपुर। किसान आंदोलन के समर्थन में शहीद भगत सिंह चौक पर चल रहे किसान बेटियों का धरना बुधवार को 21वें दिन जारी रहा। किसान बेटियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कृषि कानूनों को खारिज कर देना चाहिए। वहां प्रभजोत कौर, अमनदीप कौर, अर्शदीप कौर, सपनदीप कौर, खुशप्रीत कौर, मंजीत कौर आदि थे। (संवाद)
जमाखोरी को बढ़ावा मिलने के साथ होगी बेतहाशा महंगाई
सितारगंज। दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर क्षेत्र के किसानों का आंदोलन जारी है। कठंगरी गांव के युवा किसान बलजिंदर सिंह मान ने केंद्र सरकार के इन तीनों कानूनों को किसानों के खिलाफ बताया। कहा कि किसानों पर कृषि कानून थोपे हैं, जो किसानों के हित में नहीं है।
इससे सिर्फ जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इसका उपभोक्ता पर बुरा असर पड़ेगा और महंगाई भी बढ़ जाएगी। इधर, पंजाब के मशहूर गायक-गायिका भी आंदोलन में शिरकत कर अपने गीतों से किसानों की दुर्दशा बयां कर रहे हैं। यूथ एवं महिला कांग्रेस के युवा और महिलाएं भी समर्थन में डटे हैं।
बुधवार को गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल किसानों ने कहा कि आज किसान की हालत मजदूर से भी बदतर हो गई है। सरकार उनकी जमीनों पर कारपोरेट घरानों का कब्जा कराना चाहती है। इसीलिए, सरकार ने इन काले कानूनों को थोपा है। 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे युवा किसान बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनके साथ तराई के अन्य किसान नेता कुलदीप सिंह भुल्लर, तेजेंद्र सिंह विर्क, मिंटू बाजवा समेत 11 सदस्यों ने भी भूख हड़ताल की थी।
बताया कि यहां पंजाब के किसानों के अलावा पंजाबी गायक कलाकार गालिब बढ़ैच, कनवर ग्रेवाल, सोनिया मान, रूपिंदर हांडा आई हैं, जो आंदोलन में प्रतिभाग कर रहे प्रदर्शनकारियों में ऊर्जा संचार का काम कर रहे हैं। ये सभी गायक-गायिकाएं अपने गीतों के माध्यम सरकार को किसान की दशा-दुर्दशा बता रहे हैं। कहा कि जब तक कानून वापस नहीं हो जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
वहां सुमित्तर भुल्लर, सुखचैन सिंह, गुरसेवक सिंह, साहब सिंह, हरजीत सिंह, दलवीर सिंह के अलावा महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्या, मंजू तिवारी, आशा बिष्ट, बवीता उप्रेती आदि थे। (संवाद)

गाजीपुर बॉर्डर पर 35वें दिन चल रहे आंदोलन में सितारगंज के किसानों के साथ यूथ व महिला कांग्रेस के यु- फोटो : SITARGANJ

गाजीपुर बॉर्डवर पर धरने पर बैठे ऊधम सिंह नगर क किसान।- फोटो : RUDRAPUR

जसपुर से गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे किसान।- फोटो : KASHIPUR

बाजपुर शहीद भगत सिंह चैक पर धरना देती किसान बेटिया।- फोटो : BAZPUR