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झोपड़ी में लटका मिला फैक्टरी के स्टोर इंजार्च का शव

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 12:24 AM IST
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Sucide by Store Incharge in Kashipur
मृतक फिरोज का फाइल फोटो - फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। शादी के दस दिन बाद गायब हुए युवक का शव 29 दिन बाद बांसखेड़ाखुर्द में हाइवे किनारे स्थित एक झोंपड़ी में लटका मिला। फैक्टरी प्रबंधन ने उस पर 2.20 लाख रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। इसी फैक्टरी में युवक स्टोर इंचार्ज था। मौके से पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उसने फैक्टरी के कुछ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
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वार्ड नंबर 40 कचनालगाजी निवासी खलील अहमद का सबसे छोटा बेटा फिरोज आलम (24) महुआखेड़ागंज की मिर्जा इंटरनेशनल में स्टोर इंचार्ज था। बीते 11 नवंबर को उसका निकाह स्वार (रामपुर) निवासी सईद अहमद की बेटी रानी से हुआ था। फैक्टरी प्रबंधन ने फिरोज पर 2.20 लाख के गबन का आरोप लगाया तो पूछताछ के लिए बुलाने पर 22 नवंबर को वह गायब हो गया। खलेरे भाई रईस अहमद ने 27 नवंबर को काशीपुर कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इधर, फैक्टरी प्रबंधन की तहरीर पर आईटीआई थाने में सात दिसंबर को फिरोज के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज हो गया।
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सोमवार सुबह गिन्नीखेड़ा के प्रधानपति ने पुलिस को हाईवे के किनारे बलविंदर सिंह की फैक्टरी के सामने झोंपड़ी में एक युवक का शव लटके होने की सूचना दी। पैगा चौकी प्रभारी अमित शर्मा ने शव का पोस्टमार्टम कराया। शव 24 से 48 घंटे पुराना बताया गया है। मौके से छह पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें फैक्टरी के दो अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। फिरोज के परिवार में पिता खालिक, तीन भाई कमरुल, इस्लाम, सोनू और एक बहन आयशा नूरी है। घटना को लेकर परिजन दुखी है।
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परिजनों ने लगाया फैक्टरी प्रबंधन पर प्रताड़ना का आरोप
काशीपुर। फिरोज के परिजनों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन ने उसके भाई को बुरी तरह टार्चर किया, जिसकी वजह से उसे काशीपुर छोड़ना पड़ा। भाई इस्लाम का कहना है कि फिरोज की गुमशुदगी के बावजूद फैक्टरी ने उसके खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज करा दिया। मुकदमे के बाद भी फैक्टरी के अधिकारी अपने वकील के साथ उनके घर के चक्कर लगाते रहे और अंजाम भुगतने की धमकी देते रहे।
वकील ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में खींचने की भी धमकी दी। धमकियों से डरकर उन्होंने 14 दिसंबर को एक लाख रुपये की रकम फैक्टरी के खाते में जमा करा दी। इसके बावजूद उन्हें धमकियां मिलती रहीं। वहीं दो कर्मियों ने फिरोज का एक वीडियो भी बनाया था, जिसके जरिये वह उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। वीडियो कैसा था, इस बारे में पुलिस जांच कर रही है।
लोकेशन मिलने पर भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही
काशीपुर। फिरोज को खोजने के लिए पुलिस ने कोई खास प्रयास नहीं किए। पुलिस को ढिकुली (रामनगर) और दिल्ली में फिरोज की लोकेशन मिली। उसके खाते में आठ हजार रुपये थे। उसने एटीएम से एक हजार रुपये ढिकुली में निकाले और शेष रकम दिल्ली जाकर एटीएम से निकाली। दोनों जगह की लोकेशन पुलिस को मिली। उसने कई जगह नौकरी खोजने का प्रयास किया लेकिन कहीं काम नहीं मिला तो मजबूरन उसने खुदकुशी कर ली।

आत्महत्या से पहले फिरोज ने सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें फैक्टरी के दो कर्मियों पर आरोप लगाए गए हैं। अभी तहरीर नहीं मिली हैै। तहरीर प्राप्त होने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रमोहन, एसपी काशीपुर।
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