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सरकारी स्कूलों में हर साल घट रहे छात्र

Sun, 16 Jul 2017 11:08 PM IST
मो. यामीन अंसारी सितारगंज। 
मो. यामीन अंसारी सितारगंज।  Updated Sun, 16 Jul 2017 11:08 PM IST
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शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लाख दावे करता हो लेकिन, धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घट रही है। पिछले तीन साल के आंकड़े देखें तो साल-दर-साल विद्यार्थी कम होते जा रहे हैं, जो सर्व शिक्षा अभियान की योजनाओं को गलत साबित कर रहे हैं।

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वर्तमान में सितारगंज तहसील क्षेत्र में 143 राजकीय प्राथमिक स्कूल और 34 राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल संचालित हैं। इनमें से प्राइमरी स्कूल में सृजित 401 पदों में से सिर्फ 357 शिक्षक तैनात हैं, जबकि 44 पद खाली हैं। उच्च प्राथमिक स्कूलों में सृजित 120 पदों में से 73 शिक्षक कार्यरत हैं।
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47 पद खाली हैं। हर वर्ष इन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं। वर्तमान में जन-जन का प्रयास, शिक्षा का विकास योजना चल रही है। योजना के तहत अप्रैल से सितंबर तक हर माह की छह तारीख को रैली निकाली जाती है। स्कूल प्रबंधन समिति की बैठकें होती हैं और प्रत्येक गांव में अभिभावकों से मिलकर उन्हें अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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शिक्षा विभाग द्वारा योजनाओं के नाम पर हर साल भारी रकम खर्च की जाती है। इसके बावजूद स्कूलों में प्रवेश नहीं बढ़ रहे हैं। तीन साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रवेश की संख्या हर साल कम हो रही है लेकिन, शिक्षा विभाग लापरवाह है।

छात्रों के प्रवेश का साल दर साल आंकड़ा
वर्ष 2017
143 प्राथमिक स्कूल-1541
34 उच्च प्राथमिक स्कूल-647
-----------
वर्ष 2016
143 प्राथमिक स्कूल-1878
34 उच्च प्राथमिक स्कूल-819
-----------
वर्ष 2015
143 प्राथमिक स्कूल-2168
34 उच्च प्राथमिक स्कूल-884

 विष्णुनगर का प्राइमरी स्कूल चार साल से बंद 
सितारगंज। छात्र संख्या शून्य होने पर शक्तिफार्म के विष्णुनगर गांव का स्कूल वर्ष 2013-14 में बंद कर दिया गया। वहां तैनात एकमात्र शिक्षक को पास के ही स्कूल में तैनाती दी गई और स्कूल में ताले लगा दिए गए।


आरटीई में बच्चों के निशुल्क प्रवेश होने और बाहरी प्रांतों के मजदूरों के यहां से घरों को लौटने के कारण छात्र संख्या घटती है। विभाग द्वारा छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर हर गांव में चाइल्ड रैंकिंग कराई जा रही है। स्कूलों में सुविधाएं सुधारी जाएंगी। ताकि, सरकारी स्कूल में अधिक बच्चे पढ़ सकें। 
- अशोक कुमार गुसांई
जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) ऊधमसिंह नगर

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