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Udham Singh Nagar News: फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में साक्ष्य जुटाने में लगी एसटीएफ और एसओजी

Wed, 24 Jun 2026 12:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Wed, 24 Jun 2026 12:52 AM IST
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STF and SOG engaged in gathering evidence in fake arms license case
काशीपुर। फर्जी लाइसेंस से शस्त्र खरीदने के मामले में एसटीएफ और एसओजी की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए साक्ष्य जुटाने में लग गई हैं। टीमों को यूपी, हरियाणा और पंजाब के जिलों से कई अहम इनपुट मिले हैं। जिलेवार संदिग्ध लाइसेंसों की सूचियां तैयार कर सत्यापन के लिए बाहरी राज्यों के संबंधित जिलों को भेजी गई हैं। साक्ष्य मिलने पर काशीपुर और कुंडा थानों में दर्ज प्राथमिकी में नए नाम विवेचना में शामिल किए जाएंगे।
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जनवरी 2026 में देहरादून के प्रेमनगर थाने में फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र खरीदे जाने का मामला दर्ज हुआ था। एसटीएफ ने इस मामले की परतें उधेड़ी तो कई हैरत करने वाली जानकारियां सामने आईं। उत्तराखंड के चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में सैकड़ों की संख्या में बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए जाने के इनपुट मिले हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के आदेश पर कुमाऊं की एसटीएफ ने मामले की पुष्टि होने पर अकेले काशीपुर में ही 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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एसटीएफ ने इस मामले में काशीपुर से छह गिरफ्तारियां की हैं जबकि दो गिरफ्तारियां सितारगंज से हुईं हैं। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अलीगढ़ के बाद पंजाब के तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर और हरियाणा के गुरुग्राम, सिरसा, नूंह तथा रोहतक जिलों से फर्जी लाइसेंस बनाए जाने की सूचनाएं एसटीएफ को मिली हैं। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि टीमें इन जिलों से पत्राचार करने में लगी हैं। जल्द ही बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
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राजनीति लाभ-हानि की भी होने लगी गुणा भाग
फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के मामले में कार्रवाई को लेकर राजनीतिक नफा-नुकसान की भी चर्चा होने लगी है। चर्चा है कि कार्रवाई रोकने के लिए कुछ लोग सत्ता में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों से संपर्क साध रहे हैं। फर्जी लाइसेंस प्रकरण में जिन प्रभावशाली लोगों के नाम चर्चा में आ रहे हैं, वही लोग चुनाव में चंदा देते हैं और वहीं लोग चुनाव के लिए संसाधन भी उपलब्ध कराते हैं। अगर ऐसे लोगों पर कार्रवाई होती है तो राजनीतिक समीकरण बन बिगड़ सकते हैं। ऐसे में कुछ दिनों से इस मामले की जांच में जुटी एजेंसियों की सुस्ती भी चर्चा में है।
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