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स्टाफ की कमी से जूझ रहा प्रदेश की एकमात्र औषधि लैब

Tue, 09 Aug 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Tue, 09 Aug 2016 11:50 PM IST
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Staff only starved state Pharmaceutical Lab
लैब - फोटो : अमर उजाला

राज्य की एकमात्र खाद्य औषधि एवं विश्लेषण प्रयोगशाला (राजकीय लैब) लंबे समय से स्टाफ की कमी से जूझ रही है। विभाग में राजकीय विश्लेषक का पद भी चार महीने से अधिक समय से खाली पड़ा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, जल्द ही काम सुचारु रूप से चलने लगेगा। लेकिन धरातल पर स्थित भिन्न है। यहां पर पूरे प्रदेश के 13 जिलों से आने वाले खाद्य नमूनों की जांच भी निरंतर प्रभावित हो रही है। एक साल से लैब में जांच के लिए नमूने पड़े हैं।

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वर्तमान में इस लैब का चार्ज सीएमओ ऊधमसिंह नगर डा. एचके जोशी को सौंपा गया है, वह भी लैब से संबंधित जानकारी देने में असमर्थता जताते हैं। खास बात यह है कि यहां पर लैब के इंचार्ज के रूप में सीएमओ के नियमित नहीं बैठने से चंद कर्मचारी भी बेलगाम हो चुके हैं। यहां तैनात कर्मचारियों का जब मन आया लैब में टहले और मूड बना तो ड्यूटी समय में ही बाहर खिसक गए। 
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 राजकीय खाद्य औषधि एवं विश्लेषण प्रयोगशाला में खाद्य वस्तुओं की जांच और उनकी रिपोर्ट तैयार की जाती है। प्रदेश की एकमात्र लैब होने के कारण यहां प्रदेश भर के खाद्य सुरक्षा विभागों द्वारा लिए गए सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाता है। 
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लंबे समय से स्टाफ की कमी होने के कारण कई जिलों के खाद्य सुरक्षा विभागों को साल भर बाद भी नमूनों की जांच रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। खाद्य विश्लेषक और राजकीय विश्लेषक का पद खाली होने के कारण नियमित रुप से लैब में अधिकारियों की कुर्सी खाली पड़ी है। जांच के लिये आने वाले खाद्य वस्तुओं का ब्यौरा देने वाला लैब में कोई अधिकारी नहीं है। 


आगामी दीपावली, रक्षाबंधन पर्व के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग फूड सैंपल के नमूने लैब भेजता है। लेकिन लैब में स्थायी रूप से विशेषज्ञ नहीं होने के कारण कार्य कैसे होगा, पता नहीं। वर्तमान में लैब में जो स्टाफ है उसमें कंप्यूटर आपरेटर, लैब असिस्टेंट, कनिष्ठ विश्लेषक के अलावा दो चतुर्थश्रेणी कर्मचारी हैं। इस बारे में जब सीएमओ डा. एचके जोशी से बात की जाती है तो वह कुछ भी बोलने से इंकार कर देते हैं। 

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