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कुमाऊं में कमजोर पड़ी मिट्टी की ताकत
कीर्तिराज रुमाल रुद्रपुर।
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:38 AM IST
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मिट्टी में सिक्के ढूंढ़ रहे लोग।
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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कुमाऊं मंडल की कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर पड़ रही है। दो वर्षों में सभी जिलों से लिए गए मिट्टी के 66006 नमूनों में से 32511 में पोषक तत्वों की संख्या न्यूनतम स्तर पर मिली है। कृषि विभाग जल्द ही भूमि परीक्षण मंडलीय प्रयोगशाला की यह रिपोर्ट कृषि निदेशालय व केंद्रीय मंत्रालय को भेजेगा।
वर्ष 2015-16 और 16-17 में कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों की कृषि भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की जांच के लिए भूमि परीक्षण मंडलीय प्रयोगशाला में मिट्टी के 66 हजार 6 नमूने जांच के लिए भरे गए थे। इनकी द्विवार्षिक रिपोर्ट में करीब 50 फीसदी नमूनों में पोषक तत्व बेहद कम मात्रा मिले हैं। इसमें ऊधमसिंह नगर जिले से सर्वाधिक 40 हजार 99 नमूने लिए गए थे, जबकि अल्मोड़ा से 8005, बागेश्वर से 2490, नैनीताल से 8598, पिथौरागढ़ से 3851 और चंपावत से 2963 मिट्टी के नमूने भरे गए।
कुल नमूनों में से 32 हजार 511 में मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन, पोटाश व फास्फोरस की उपलब्धता न्यूनतम मात्रा में मिली है। साथ ही सूक्ष्म पोषक तत्वों मैगनीज, जिंक, आयरन, तांबा, सल्फर की मात्रा भी कम मिली है। इससे कृषि विभाग के माथे पर शिकन पड़ गई है। इस द्विवार्षिक रिपोर्ट को जल्द ही कृषि निदेशालय और केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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जिला कुल नमूने न्यूनतम पोषक तत्व
ऊधम सिंह नगर 40,099 28,116
नैनीताल 8,598 1,155
अल्मोड़ा 8,005 1,468
पिथौरागढ़ 3,851 904
चंपावत 2,963 383
बागेश्वर 2,490 485
जिन नमूनों में पोषक तत्व बेहद कम मात्रा में मिले हैं, उस मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि निदेशालय व केंद्रीय कृषि मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही मिट्टी और खेती की समीक्षा की जाएगी।
मोहम्मद ताहिर, सहायक निदेशक
भूमि परीक्षण मंडलीय प्रयोगशाला
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वर्ष 2015-16 और 16-17 में कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों की कृषि भूमि में मौजूद पोषक तत्वों की जांच के लिए भूमि परीक्षण मंडलीय प्रयोगशाला में मिट्टी के 66 हजार 6 नमूने जांच के लिए भरे गए थे। इनकी द्विवार्षिक रिपोर्ट में करीब 50 फीसदी नमूनों में पोषक तत्व बेहद कम मात्रा मिले हैं। इसमें ऊधमसिंह नगर जिले से सर्वाधिक 40 हजार 99 नमूने लिए गए थे, जबकि अल्मोड़ा से 8005, बागेश्वर से 2490, नैनीताल से 8598, पिथौरागढ़ से 3851 और चंपावत से 2963 मिट्टी के नमूने भरे गए।
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कुल नमूनों में से 32 हजार 511 में मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन, पोटाश व फास्फोरस की उपलब्धता न्यूनतम मात्रा में मिली है। साथ ही सूक्ष्म पोषक तत्वों मैगनीज, जिंक, आयरन, तांबा, सल्फर की मात्रा भी कम मिली है। इससे कृषि विभाग के माथे पर शिकन पड़ गई है। इस द्विवार्षिक रिपोर्ट को जल्द ही कृषि निदेशालय और केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजी जाएगी।
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जिला कुल नमूने न्यूनतम पोषक तत्व
ऊधम सिंह नगर 40,099 28,116
नैनीताल 8,598 1,155
अल्मोड़ा 8,005 1,468
पिथौरागढ़ 3,851 904
चंपावत 2,963 383
बागेश्वर 2,490 485
जिन नमूनों में पोषक तत्व बेहद कम मात्रा में मिले हैं, उस मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि निदेशालय व केंद्रीय कृषि मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही मिट्टी और खेती की समीक्षा की जाएगी।
मोहम्मद ताहिर, सहायक निदेशक
भूमि परीक्षण मंडलीय प्रयोगशाला