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गन्ना विकास समितियों के लिए साफ्टवेयर लांच
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सॉफ्टवेयर की लॉचिंग के मौके पर मौजूद गन्नामंत्री सौरभ बहुगुणा, गन्ना एवं चीनी उद्योग आयुक्त हंस?
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। गन्ना पर्चियों के निर्गमन, वितरण, गन्ना मूल्य का ससमय भुगतान, ऋण वितरण कार्य में पारदर्शिता एवं मितव्ययता के दृष्टिगत देहरादून में सहकारी गन्ना विकास समितियों के लिए साफ्टवेयर लांच किया गया।
राज्य में संचालित आठ चीनी मिलों में 14 सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से गन्ना आपूर्ति का कार्य किया जा रहा है। गन्ना कृषकों की ओर से इन समितियों के माध्यम से ऋण के रूप में उर्वरक, रसायन, कीटनाशक, गन्ना बीज प्राप्त किया जाता है। साथ ही गन्ना किसानों को गन्ना सप्लाई के लिए गन्ना पर्चियां, गन्ना मूल्य भुगतान भी समितियों के माध्यम से किया जाता है। इन सभी कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एचडीएफसी बैंक व वाईबरेंट आईटी सॉल्यूशन लिमिटेड से निशुल्क अनुबंध कर गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने समितियों के लिए साफ्टवेयर लांच किया।
इस दौरान बताया कि साफ्टवेयर लांच होने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। अब गन्ना कृषकों को समय पर गन्ना पर्चियां, गन्ना मूल्य भुगतान की सूचना के साथ गन्ना कृषकों को विभागीय जानकारी मिल सकेगी। वहीं समितियों को साफ्टवेयर लांच होने से 20-25 लाख की बचत होगी। इससे समितियों की बैलेंस शीट समय पर अपडेट रहेगी। इस मौके गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सचिव विजय कुमार यादव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखंड आयुक्त हंसा दत्त पांडे, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के अपर सचिव उदयराज के अलावा एचडीएफसी बैंक के तकनीकी प्रतिनिधि विपिन त्रिपाठी, रोहित थपलियाल, बकुल सिक्का, तनुज रमन, विकास सकलानी आदि मौजूद रहे।
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राज्य में संचालित आठ चीनी मिलों में 14 सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से गन्ना आपूर्ति का कार्य किया जा रहा है। गन्ना कृषकों की ओर से इन समितियों के माध्यम से ऋण के रूप में उर्वरक, रसायन, कीटनाशक, गन्ना बीज प्राप्त किया जाता है। साथ ही गन्ना किसानों को गन्ना सप्लाई के लिए गन्ना पर्चियां, गन्ना मूल्य भुगतान भी समितियों के माध्यम से किया जाता है। इन सभी कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एचडीएफसी बैंक व वाईबरेंट आईटी सॉल्यूशन लिमिटेड से निशुल्क अनुबंध कर गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने समितियों के लिए साफ्टवेयर लांच किया।
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इस दौरान बताया कि साफ्टवेयर लांच होने से किसानों को काफी लाभ मिलेगा। अब गन्ना कृषकों को समय पर गन्ना पर्चियां, गन्ना मूल्य भुगतान की सूचना के साथ गन्ना कृषकों को विभागीय जानकारी मिल सकेगी। वहीं समितियों को साफ्टवेयर लांच होने से 20-25 लाख की बचत होगी। इससे समितियों की बैलेंस शीट समय पर अपडेट रहेगी। इस मौके गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सचिव विजय कुमार यादव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखंड आयुक्त हंसा दत्त पांडे, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के अपर सचिव उदयराज के अलावा एचडीएफसी बैंक के तकनीकी प्रतिनिधि विपिन त्रिपाठी, रोहित थपलियाल, बकुल सिक्का, तनुज रमन, विकास सकलानी आदि मौजूद रहे।
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