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Udham Singh Nagar News: चेक बाउंस के दोषी को छह महीने की सजा
Thu, 09 May 2024 02:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 09 May 2024 02:12 AM IST
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रुद्रपुर। तृतीय अपर सीनियर सिविल जज न्यायालय/एसीजेएम ने चेक बाउंस के दोषी को छह महीने के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 3.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसमें 3.45 लाख रुपये वादी को प्रतिकर के रूप में देने होंगे और बचे पांच हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
एच ब्लाॅक गोविंद मंदिर रोड ट्रांजिट कैंप निवासी बादल कुमार ने विजय सिंह निवासी ए 40 वार्ड नंबर तीन ट्रांजिट कैंप के खिलाफ सात जून 2022 को परिवाद दायर किया था। बादल का कहना था कि उन्होंने 19 जनवरी 2021 को पारिवारिक जरूरत के लिए विजय को तीन लाख रुपये दिए थे। विजय ने तीन महीने के भीतर रुपये वापस करने का आश्वासन दिया था। तीन महीने बाद विजय ने धनराशि का भुगतान नहीं किया तो उसने तकादा करना शुरू किया था। 18 अप्रैल 2022 को विजय ने एसबीआई की सिडकुल शाखा का तीन लाख का चेक दिया था, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इस पर उसने विजय को 11 मई 2022 को कानूनी नोटिस भिजवाया लेकिन न तो विजय ने नोटिस का जवाब दिया और न ही धनराशि वापस की। मामले की सुनवाई तृतीय अपर सीनियर सिविल जज /एसीजेएम नदीम अहमद की अदालत में हुई। कोर्ट में परिवादी के अधिवक्ता गिरिराज कुमार ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर विजय पर दोष सिद्ध कर दिया। इस पर न्यायाधीश ने सजा के साथ ही विजय पर अर्थदंड लगाया था। अर्थदंड अदा नहीं करने पर विजय को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। संवाद
एच ब्लाॅक गोविंद मंदिर रोड ट्रांजिट कैंप निवासी बादल कुमार ने विजय सिंह निवासी ए 40 वार्ड नंबर तीन ट्रांजिट कैंप के खिलाफ सात जून 2022 को परिवाद दायर किया था। बादल का कहना था कि उन्होंने 19 जनवरी 2021 को पारिवारिक जरूरत के लिए विजय को तीन लाख रुपये दिए थे। विजय ने तीन महीने के भीतर रुपये वापस करने का आश्वासन दिया था। तीन महीने बाद विजय ने धनराशि का भुगतान नहीं किया तो उसने तकादा करना शुरू किया था। 18 अप्रैल 2022 को विजय ने एसबीआई की सिडकुल शाखा का तीन लाख का चेक दिया था, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इस पर उसने विजय को 11 मई 2022 को कानूनी नोटिस भिजवाया लेकिन न तो विजय ने नोटिस का जवाब दिया और न ही धनराशि वापस की। मामले की सुनवाई तृतीय अपर सीनियर सिविल जज /एसीजेएम नदीम अहमद की अदालत में हुई। कोर्ट में परिवादी के अधिवक्ता गिरिराज कुमार ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर विजय पर दोष सिद्ध कर दिया। इस पर न्यायाधीश ने सजा के साथ ही विजय पर अर्थदंड लगाया था। अर्थदंड अदा नहीं करने पर विजय को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। संवाद
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