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साहब! पांच बज गए हैं, ड्यूटी खत्म, हम चलें
अमर उजाला ब्यूरो सितारगंज।
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:12 AM IST
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सितारगंज के नलई गांव में शीतकालीन भ्रमण के तहत कैंप लगाकर समस्याएं सुनते एसडीएम विनोद कुमार।
- फोटो : amar ujala
नलई गांव में बुधवार शाम चार से आठ बजे तक शीतकालीन शिविर लगाया गया। इसमें लगभग 14 विभागों के अधिकारियों के साथ एसडीएम विनोद कुमार मौजूद थे। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है इसका एक नमूना यहां देखने को मिला। चार बजे से शुरू हुए शिविर में पांच बजते ही ऊर्जा निगम के कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने का हवाला देकर चलते बने। एसडीएम भी उन्हें नहीं रोक सके।
शिविर में लोगों ने विभागों की जमकर शिकायतें एसडीएम के सामने रखीं। कहा कि नलई गांव की ढाई हजार की आबादी को 11 साल बाद भी पीने का पानी मयस्सर नहीं हुआ। जबकि यहां पर 2006 में स्वायत्त योजना के तहत 37 लाख की लागत से एक लाख किलोलीटर क्षमता का ओवर हेड टैंक बनाया गया है। बिजली के बिल भी छह माह से विभाग ने बनाकर नहीं दिए। इसके अलावा गांव में तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए थे। जो खराब पड़े हैं।
बताया कि गांव के लोगों के राशन कार्डों का भी नवीनीकरण नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तो गांव में आते ही नहीं हैं। दिव्यांगो को उनके प्रमाण पत्र भी नहीं मिल पा रहे हैं। एसडीएम ने सीएमओ से वार्ता करने के बाद 27 दिसंबर को खटीमा में विकलांगों के प्रमाण पत्र बनवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम पांच बजे ऊर्जा निगम के कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने का समय कहकर चल दिए। इसके बाद शिविर में एसडीएम ने लोगों की समस्याएं सुनीं। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, पूर्ति निरीक्षक केएस देव, सहकारिता एडीओ बलराज सिंह राज, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एबी आर्य आदि थे।
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ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने पांच बजे बाद प्रदेश व्यापी कार्यबहिष्कार का हवाला दिया और वह चले गए। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
-विनोद कुमार, एसडीएम, सितारगंज
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शिविर में लोगों ने विभागों की जमकर शिकायतें एसडीएम के सामने रखीं। कहा कि नलई गांव की ढाई हजार की आबादी को 11 साल बाद भी पीने का पानी मयस्सर नहीं हुआ। जबकि यहां पर 2006 में स्वायत्त योजना के तहत 37 लाख की लागत से एक लाख किलोलीटर क्षमता का ओवर हेड टैंक बनाया गया है। बिजली के बिल भी छह माह से विभाग ने बनाकर नहीं दिए। इसके अलावा गांव में तीन इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए थे। जो खराब पड़े हैं।
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बताया कि गांव के लोगों के राशन कार्डों का भी नवीनीकरण नहीं किया गया है।
ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तो गांव में आते ही नहीं हैं। दिव्यांगो को उनके प्रमाण पत्र भी नहीं मिल पा रहे हैं। एसडीएम ने सीएमओ से वार्ता करने के बाद 27 दिसंबर को खटीमा में विकलांगों के प्रमाण पत्र बनवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम पांच बजे ऊर्जा निगम के कर्मचारी ड्यूटी खत्म होने का समय कहकर चल दिए। इसके बाद शिविर में एसडीएम ने लोगों की समस्याएं सुनीं। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल, पूर्ति निरीक्षक केएस देव, सहकारिता एडीओ बलराज सिंह राज, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एबी आर्य आदि थे।
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ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने पांच बजे बाद प्रदेश व्यापी कार्यबहिष्कार का हवाला दिया और वह चले गए। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
-विनोद कुमार, एसडीएम, सितारगंज