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सार्वजनिक हो सिडकुल जांच आयोग की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/रुद्रपुर।
Updated Tue, 04 Aug 2015 01:47 AM IST
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उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलक्ट्रेट में धरना देकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें सिडकुल में हुई अनियमितता की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
धरनास्थल पर हुई सभा में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिडकुल में हुई अनियमितता की जांच के लिए राज्यपाल ने 28 मई 2007 को एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
आयोग को सिडकुल में भूमि आवंटन, उद्योग लगाने के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया समेत जांच की मांग की गई थी। कहा कि शासन से जांच आयोग की रिपोर्ट 2008 में मांगी गई थी।
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जिस पर आयोग ने बताया था कि अभी जांच चल रही है। केवल आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट शासन को सौंपी है। दोबारा सूचना मांगने पर केवल आयोग के खर्च के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक कर जांच में दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सिडकुल स्थापना की सार्थकता साबित हो सके। वहां जिलाध्यक्ष पूरन चंद भट्ट, आकाश भोटिया, संजय ढौंडियाल, अवतार सिंह, वीरेंद्र सिंह, जसपाल आदि मौजूद थे।
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धरनास्थल पर हुई सभा में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिडकुल में हुई अनियमितता की जांच के लिए राज्यपाल ने 28 मई 2007 को एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
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आयोग को सिडकुल में भूमि आवंटन, उद्योग लगाने के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया समेत जांच की मांग की गई थी। कहा कि शासन से जांच आयोग की रिपोर्ट 2008 में मांगी गई थी।
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जिस पर आयोग ने बताया था कि अभी जांच चल रही है। केवल आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट शासन को सौंपी है। दोबारा सूचना मांगने पर केवल आयोग के खर्च के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक कर जांच में दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सिडकुल स्थापना की सार्थकता साबित हो सके। वहां जिलाध्यक्ष पूरन चंद भट्ट, आकाश भोटिया, संजय ढौंडियाल, अवतार सिंह, वीरेंद्र सिंह, जसपाल आदि मौजूद थे।