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अमितवा और शिशिर को मिला गोल्ड मेडल
अमर उजाला ब्यूरो ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 18 Mar 2016 11:27 PM IST
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दीक्षांत समारोह को संबोधित करते नारायणमूर्ति
- फोटो : amar ujala
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कुंडेश्वरी के एस्कार्ट फार्म में शुक्रवार को आयोजित आईआईएम के चौथे दीक्षांत समारोह में 139 छात्र-छात्राओं को डिप्लोमा की उपाधियां दी गईं। पीजीपी (पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) में कोलकाता के अमितवा चौधुरी गोल्ड मेडलिस्ट, दिल्ली के केशव कुमार मिश्रा सिल्वर मेडलिस्ट रहे। जबकि दिल्ली के देवेंद्र यादव ब्रांज मेडलिस्ट के साथ-साथ ओवर ऑल परफार्मेंस में गोल्ड मेडलिस्ट रहे।
वहीं ईपीजीपीएम (एक्जीक्वूटिव पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) डिप्लोमा में काशीपुर के शिशिर श्रीवास्तव गोल्ड मेडलिस्ट और मोहाली चंडीगढ़ नरेंद्र जीत सिंह सिल्वर मेडलिस्ट रहे।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंफोसिस के फाउंडर एनआर नारायणमूर्ति ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन भारत के लिए कई अवसर लाया है। छात्रों को इसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कई उदाहरण देकर छात्रों को बेहतर लीडर बनने के टिप्स दिए। कहा कि मैनेजर को उच्चतम लीडर होना चाहिए।
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मुर्थी ने उपाधि प्राप्त छात्रों व उनके परिजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि छात्रों को शिक्षा हमेशा जारी रखनी चाहिए। बदलते दौर में नई तकनीकियों में बदलाव होते जा रहे हैं। जिसके लिए छात्रों को हमेशा शिक्षा से जुड़ा रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल मैनेजर बनना चाहिए लेकिन अपने स्थानीय कल्चर को कभी नहीं भूलना चाहिए। आईआईएम के चेयरमैन ध्रुव एम स्वहेनी ने कहा कि नए दौर में प्रबंधन की महत्ता बढ़ गई है। काशीपुर आईआईएम के छात्र इन चुनौतियों पर विजय पाने के लिए तैयार हैं।
कार्यक्रम के दौरान पीजीपी डिप्लोमा के 107 छात्रों और ईपीजीपीएम के 32 छात्रों को डिप्लोमा की उपाधि गई है। वहां डायरेक्टर गौतम सिन्हा, बहरुल इस्लाम, एसके वर्मा आदि मौजूद थे।