{"_id":"6679cc07f149c888332985d3862a33d3","slug":"shilapt-broken-bridge-of-release-hungama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिया लोकार्पण का शिलापट तोड़ा, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिया लोकार्पण का शिलापट तोड़ा, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला खटीमा (ऊधमसिंहनगर)।
Updated Sat, 18 Apr 2015 10:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधायक कार्यालय के पास डा. पीसी पांडे वाली गली में बनी पुलिया का लोकार्पण शिलापट शुक्रवार रात अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया। इससे भड़के भाजपाइयों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं के साथ विधायक पुष्कर सिंह धामी भी बैठ गए। धामी ने कहा कि उनके शिलापट बग्घा चौवन सहित नगरा कालापुल के पास भी तोड़े गए हैं। कार्यकर्ताओं ने सीएम हरीश रावत का भी पुतला फूंका। उधर, कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल के निकट पीएनबी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। फुटेज में एक गाड़ी बैक करते हुए दिखाई दे रही है। रिकार्डिंग स्पष्ट नहीं होने के कारण मामले का खुलासा नहीं हो पाया।
भाजपा कार्यालय के निकट डा. पीसी पांडे वाली गली में बनी पुलिया का करीब दो साल पहले विधायक पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया था। शुक्रवार रात अज्ञात लोगों ने इसके शिलापट को तोड़ दिया। सुबह जब कार्यालय खोलने भाजपा के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे तो उन्होंने शिलापट टूटा देखा। इसके बाद विधायक को सूचना दी गई। खबर फैलते ही दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए। गुस्साए कार्यकर्ता विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री का शुक्रवार को लगा जनता दरबार सरकारी कार्यक्रम न होकर कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम बनकर रह गया। फरियादियों की समस्याओं का निराकरण न होने, जनोपयोगी घोषणा नहीं होने के कारण उन्होंने इसका विरोध जताया। इसलिए शुक्रवार रात कांग्रेसियों के इशारे पर उनके विकास कार्यों के शिलापट तोड़े गए। मंडल अध्यक्ष गोपाल बोरा ने कहा कि कार्यक्रम में खटीमा और नानकमत्ता के भाजपा विधायक का अपमान किया गया। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन बोरा ने शिलापट को तोड़ना सोची समझी चाल बताया।
बाद में मौके पर पहुंचे कोतवाल अजय ध्यानी को मंडल अध्यक्ष गोपाल बोरा ने तहरीर सौंपी। धरने के बाद भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर विरोध जताया। इस अवसर पर अमित पांडे, हिमांशु बिष्ट, सतीश गोयल, महेंद्र दिगारी, सतीश गोयल, गंभीर सिंह धामी, शिवशंकर भाटिया, रमेश जोशी, अमित चिल्कोटी, बल्देव सिंह, ललित जोशी, दीपक तिवारी, कन्हैया, राजपाल सिंह, अजय साहनी, शाहउद्दीन अंसारी, रामू भारती, नरेंद्र भट्ट, बॉबी रावत, सतीश भट्ट, अजय मौर्य, अजय सिंह, रामू भारती, चंदू मुंडेला, श्रीकांत, सूरज बिष्ट, सूरज जोशी, जीशान अहमद, राजेंद्र जेठी, विरेंद्र राणा, बलवंत धामी, कुंदन बोरा, धर्मवीर खोलिया, भवानी भंडारी, बब्लू भंडारी, मन्नू महर, शंकर धामी, इकबाल अहमद आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा कार्यालय के निकट डा. पीसी पांडे वाली गली में बनी पुलिया का करीब दो साल पहले विधायक पुष्कर सिंह धामी ने लोकार्पण किया था। शुक्रवार रात अज्ञात लोगों ने इसके शिलापट को तोड़ दिया। सुबह जब कार्यालय खोलने भाजपा के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे तो उन्होंने शिलापट टूटा देखा। इसके बाद विधायक को सूचना दी गई। खबर फैलते ही दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए। गुस्साए कार्यकर्ता विधायक पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री का शुक्रवार को लगा जनता दरबार सरकारी कार्यक्रम न होकर कांग्रेस पार्टी का कार्यक्रम बनकर रह गया। फरियादियों की समस्याओं का निराकरण न होने, जनोपयोगी घोषणा नहीं होने के कारण उन्होंने इसका विरोध जताया। इसलिए शुक्रवार रात कांग्रेसियों के इशारे पर उनके विकास कार्यों के शिलापट तोड़े गए। मंडल अध्यक्ष गोपाल बोरा ने कहा कि कार्यक्रम में खटीमा और नानकमत्ता के भाजपा विधायक का अपमान किया गया। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन बोरा ने शिलापट को तोड़ना सोची समझी चाल बताया।
विज्ञापन
बाद में मौके पर पहुंचे कोतवाल अजय ध्यानी को मंडल अध्यक्ष गोपाल बोरा ने तहरीर सौंपी। धरने के बाद भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर विरोध जताया। इस अवसर पर अमित पांडे, हिमांशु बिष्ट, सतीश गोयल, महेंद्र दिगारी, सतीश गोयल, गंभीर सिंह धामी, शिवशंकर भाटिया, रमेश जोशी, अमित चिल्कोटी, बल्देव सिंह, ललित जोशी, दीपक तिवारी, कन्हैया, राजपाल सिंह, अजय साहनी, शाहउद्दीन अंसारी, रामू भारती, नरेंद्र भट्ट, बॉबी रावत, सतीश भट्ट, अजय मौर्य, अजय सिंह, रामू भारती, चंदू मुंडेला, श्रीकांत, सूरज बिष्ट, सूरज जोशी, जीशान अहमद, राजेंद्र जेठी, विरेंद्र राणा, बलवंत धामी, कुंदन बोरा, धर्मवीर खोलिया, भवानी भंडारी, बब्लू भंडारी, मन्नू महर, शंकर धामी, इकबाल अहमद आदि थे।
विज्ञापन