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अफसरों की फाइलों से बाहर आएगा घोटाले का जिन्न
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हिमांशु खुराना, सीडीओ।
- फोटो : RUDRAPUR
सितारगंज में स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना और मनरेगा में हुए घोटालों की जांच पूरी हो गई है। एसआईटी के अधिकारियों ने जांच की रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट के साथ ही शासन को भेज दी है। जल्द फाइलों से घोटाले का जिन्न सबके सामने आएगा। आशंका है कि शौचालय निर्माण कार्य के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है।
सितारगंज निवासी निखिलेश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अरविंद नगर में 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना और मनरेगा योजना का घोटाला हुआ है। याचिका में कहा गया था कि तत्कालीन प्रधान और बीडीओ ने सरकार अधिकारियों के साथ मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है। शौचालय के लिए मिले 12 हजार रुपये को खर्च करने के बजाय पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया है। इसी तरह सीसी रोड वहां दिखा दी गई, जहां निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है।
इसके अलावा हैंडपंप लगाने में भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप था कि घोटाला होने के बावजूद सरकार इसे नकारती रही। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए 15 दिसंबर 2020 को घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के आदेश दिए थे। आदेश में कहा गया था कि मार्च में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एसआईटी अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्यो की जांच को पूरा बनाकर रिपोर्ट हाईकोर्ट और शासन दोनों को भेज दी गई है।
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सितारगंज में विभिन्न योजनाओं के तहत हुए निर्माण कार्यो की जांच पूरी हो गई है। जांच के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट तैयार कर फाइल हाईकोर्ट और शासन को भेज दी गई है। हिमांशु खुराना, सीडीओ।
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सितारगंज निवासी निखिलेश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अरविंद नगर में 2014 से 2019 के कार्यकाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन, स्वजल योजना और मनरेगा योजना का घोटाला हुआ है। याचिका में कहा गया था कि तत्कालीन प्रधान और बीडीओ ने सरकार अधिकारियों के साथ मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है। शौचालय के लिए मिले 12 हजार रुपये को खर्च करने के बजाय पुराने शौचालय को ही नया दिखा दिया गया है। इसी तरह सीसी रोड वहां दिखा दी गई, जहां निर्माण कार्य हुआ ही नहीं है।
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इसके अलावा हैंडपंप लगाने में भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप था कि घोटाला होने के बावजूद सरकार इसे नकारती रही। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई करते हुए 15 दिसंबर 2020 को घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के आदेश दिए थे। आदेश में कहा गया था कि मार्च में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। एसआईटी अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्यो की जांच को पूरा बनाकर रिपोर्ट हाईकोर्ट और शासन दोनों को भेज दी गई है।
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सितारगंज में विभिन्न योजनाओं के तहत हुए निर्माण कार्यो की जांच पूरी हो गई है। जांच के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट तैयार कर फाइल हाईकोर्ट और शासन को भेज दी गई है। हिमांशु खुराना, सीडीओ।