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सचिन हत्याकांड के तीन आरोपियों की सजा बरकरार
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काशीपुर में मृतक सचिन गुप्ता की फाइल फोटो।
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। काशीपुर के होटल व्यापारी के बेटे की हत्या के तीन आरोपियों की उम्रकैद की सजा को नैनीताल हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। अदालत ने सजा के खिलाफ दायर की गई आरोपियों की याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
24 नवंबर 2010 को काशीपुर के होटल व्यापारी रहमखानी निवासी राकेश कुमार गुप्ता के युवा बेटे सचिन गुप्ता का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था। उसकी बाइक राजकीय अस्पताल परिसर में खड़ी पाई गई थी। 26 नवंबर को उसका शव मूंढापांडे के पास मुरादाबाद-रामपुर हाईवे पर पड़ा मिला।
पुलिस ने मृतक के मोबाइल डिटेल के आधार पर खालसा निवासी अखिल अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने दो अन्य के साथ मिलकर फिरौती के लिए सचिन की हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने सचिन हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ धारा 364 ए, 302 व 120 बी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन कोतवाल आरएस असवाल ने की।
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पुलिस ने इस हत्याकांड के तीनों आरोपियों अखिल अग्रवाल, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) निवासी जावेद व विमल शर्मा को गिरफ्तार किया था। इस मुकदमे में सुनवाई के बाद रुद्रपुर के अतिरिक्त जिला जज (तृतीय) शयन सिंह ने तीनों आरोपियों को सचिन का अपहरण कर हत्या करने के मामले में दोषी पाया। 22 मार्च 2017 को अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
इस फैसले के खिलाफ आरोपियों ने 29 जून 2017 को नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता हर्षपाल शेखो ने इस याचिका का विरोध कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की। उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय खंड पीठ न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद दो सितंबर को दिए गए फैसले में याचिका को बलहीन मानते हुए खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने एडीजे (तृतीय) रुद्रपुर के फैसले को यथावत रखने के आदेश पारित किए हैं।
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24 नवंबर 2010 को काशीपुर के होटल व्यापारी रहमखानी निवासी राकेश कुमार गुप्ता के युवा बेटे सचिन गुप्ता का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था। उसकी बाइक राजकीय अस्पताल परिसर में खड़ी पाई गई थी। 26 नवंबर को उसका शव मूंढापांडे के पास मुरादाबाद-रामपुर हाईवे पर पड़ा मिला।
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पुलिस ने मृतक के मोबाइल डिटेल के आधार पर खालसा निवासी अखिल अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने दो अन्य के साथ मिलकर फिरौती के लिए सचिन की हत्या करने का जुर्म कबूल लिया। पुलिस ने सचिन हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ धारा 364 ए, 302 व 120 बी का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना तत्कालीन कोतवाल आरएस असवाल ने की।
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पुलिस ने इस हत्याकांड के तीनों आरोपियों अखिल अग्रवाल, ठाकुरद्वारा (मुरादाबाद) निवासी जावेद व विमल शर्मा को गिरफ्तार किया था। इस मुकदमे में सुनवाई के बाद रुद्रपुर के अतिरिक्त जिला जज (तृतीय) शयन सिंह ने तीनों आरोपियों को सचिन का अपहरण कर हत्या करने के मामले में दोषी पाया। 22 मार्च 2017 को अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
इस फैसले के खिलाफ आरोपियों ने 29 जून 2017 को नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता हर्षपाल शेखो ने इस याचिका का विरोध कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की। उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय खंड पीठ न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व आलोक वर्मा ने सुनवाई के बाद दो सितंबर को दिए गए फैसले में याचिका को बलहीन मानते हुए खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने एडीजे (तृतीय) रुद्रपुर के फैसले को यथावत रखने के आदेश पारित किए हैं।