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अतिक्रमण हटाने की गुजारिश, नहीं माने तो चलेगी जेसीबी
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सितारगंज में पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व विधायक नारायण पाल।
- फोटो : SITARGANJ
सितारगंज। नगर के मुख्य बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन फिर अलर्ट हो गया है। सौंदर्यीकरण के लिए सड़कों के चौड़ीकरण की जद में आ रही दुकानों और मकानों को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने चार दिसंबर की तारीख तय की है। हालांकि, प्रशासन की प्रस्तावित तिथि से एक दिन पहले यानी तीन दिसंबर को कोतवाली में बैठक होगी। सीओ ने बताया कि बैठक के दौरान पहले तो सभी से स्वयं अतिक्रमण हटाने की गुजारिश की जाएगी और स्वयं न हटाने पर जेसीबी चलेगी। लोनिवि से नगर में मुनादी भी कराई जा रही है।
लोनिव के अपर सहायक अभियंता सतपाल सिंह ने बताया कि सड़क संरचना सुरक्षा अधिनियम 2014 के तहत लोनिवि की ओर से बीते एक और दो जनवरी को नगर में 35 फुट चौड़ी सड़क बनाने के लिए अतिक्रमण हटाया गया। नगरवासियों ने इसका विरोध किया और हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने नौ जनवरी को अभियान पर स्टे जारी कर डीएम, एसडीएम व लोनिवि के ईई को नोटिस जारी कर दो से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए। यह भी कहा था कि जवाब दाखिल न करने पर अवमानना नोटिस जारी किया जाएगा। इस पर डीएम, एसडीएम व ईई ने कोर्ट में जवाब दाखिल किया तो कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने को लेकर आई आपत्तियों का निस्तारण करने के आदेश दिए।
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18 सितंबर को आपत्तियों का निस्तारण कर कोर्ट को रिपोर्ट दी। इसके बाद डीएम ने अतिक्रमण हटाने के लिए चार दिसंबर की तारीख तय की है। इस दिन से नगर में अमरिया चौराहा, मुख्य बाजार और मुख्य चौराहा से अंबेडकर चौराहा तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। बताया कि इससे पहले सोमवार को कोतवाली में शाम चार बजे तहसील स्तरीय समिति की बैठक रखी गई है। इसमें एसडीएम विवेक प्रकाश व सीओ सुरजीत कुमार और लोनिवि के अधिकारी फैसला लेंगे। बताया कि नगर में अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है।
अतिक्रमण के नाम पर लोगों का शोषण : पाल
सितारगंज। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर 663 व्यापारी और अन्य नगरवासियों का शोषण कर रहा है। ठेकेदार को पोषित करने के लिए गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। सोमवार को रुद्रपुर में डीएम और हल्द्वानी में कमिश्नर से मुलाकात की जाएगी और तीन दिसंबर को हल्द्वानी ओपन यूनिवर्सिटी में आ रही राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मिलेंगे।
रविवार शाम को नगर के गोगना मेडिकल स्टोर पर पूर्व विधायक पाल ने व्यापारियों से मुलाकात की और फिर पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि नगर के सौंदर्यीकरण का 28 नवंबर तक कार्य पूरा होना था। इसके लिए लिए ठेकेदार को काफी हद तक भुगतान भी दे दिया गया। कहा कि नगर के ही अबरार अहमद का अभी एक महीने का स्टे है। उसे संज्ञान में लेना चाहिए।
आरोप लगाया कि प्रशासन ने न तो व्यापारियों और न ही पालिकाध्यक्ष को विश्वास में लिया है। बिना वार्ता के ही चार दिसंबर से अतिक्रमण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है। प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटी में भी पालिकाध्यक्ष या किसी व्यापारी को शामिल किया गया और न ही पालिका ईओ ही इस कमेटी में हैं।
कहा कि हाईकोर्ट के आदेश तक का किसी को पता नहीं है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी जाना पड़ा तो वहां तक पैरवी की जाएगी। बसपा नगराध्यक्ष इकशाद अहमद पटौदी ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। चार दिसंबर को अतिक्रमण ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध में 300 से अधिक परिवार सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। वहां जिपं सदस्य उत्तम आचार्य, राकेश गोगना, अजीत सिंह, रवि रस्तोगी आदि थे।
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लोनिव के अपर सहायक अभियंता सतपाल सिंह ने बताया कि सड़क संरचना सुरक्षा अधिनियम 2014 के तहत लोनिवि की ओर से बीते एक और दो जनवरी को नगर में 35 फुट चौड़ी सड़क बनाने के लिए अतिक्रमण हटाया गया। नगरवासियों ने इसका विरोध किया और हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
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हाईकोर्ट ने नौ जनवरी को अभियान पर स्टे जारी कर डीएम, एसडीएम व लोनिवि के ईई को नोटिस जारी कर दो से तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए। यह भी कहा था कि जवाब दाखिल न करने पर अवमानना नोटिस जारी किया जाएगा। इस पर डीएम, एसडीएम व ईई ने कोर्ट में जवाब दाखिल किया तो कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने को लेकर आई आपत्तियों का निस्तारण करने के आदेश दिए।
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18 सितंबर को आपत्तियों का निस्तारण कर कोर्ट को रिपोर्ट दी। इसके बाद डीएम ने अतिक्रमण हटाने के लिए चार दिसंबर की तारीख तय की है। इस दिन से नगर में अमरिया चौराहा, मुख्य बाजार और मुख्य चौराहा से अंबेडकर चौराहा तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। बताया कि इससे पहले सोमवार को कोतवाली में शाम चार बजे तहसील स्तरीय समिति की बैठक रखी गई है। इसमें एसडीएम विवेक प्रकाश व सीओ सुरजीत कुमार और लोनिवि के अधिकारी फैसला लेंगे। बताया कि नगर में अतिक्रमण स्वयं हटाने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है।
अतिक्रमण के नाम पर लोगों का शोषण : पाल
सितारगंज। पूर्व विधायक नारायण पाल ने कहा कि प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर 663 व्यापारी और अन्य नगरवासियों का शोषण कर रहा है। ठेकेदार को पोषित करने के लिए गरीबों को उजाड़ा जा रहा है। सोमवार को रुद्रपुर में डीएम और हल्द्वानी में कमिश्नर से मुलाकात की जाएगी और तीन दिसंबर को हल्द्वानी ओपन यूनिवर्सिटी में आ रही राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से मिलेंगे।
रविवार शाम को नगर के गोगना मेडिकल स्टोर पर पूर्व विधायक पाल ने व्यापारियों से मुलाकात की और फिर पत्रकारों से बातचीत की। कहा कि नगर के सौंदर्यीकरण का 28 नवंबर तक कार्य पूरा होना था। इसके लिए लिए ठेकेदार को काफी हद तक भुगतान भी दे दिया गया। कहा कि नगर के ही अबरार अहमद का अभी एक महीने का स्टे है। उसे संज्ञान में लेना चाहिए।
आरोप लगाया कि प्रशासन ने न तो व्यापारियों और न ही पालिकाध्यक्ष को विश्वास में लिया है। बिना वार्ता के ही चार दिसंबर से अतिक्रमण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना न्यायोचित नहीं है। प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटी में भी पालिकाध्यक्ष या किसी व्यापारी को शामिल किया गया और न ही पालिका ईओ ही इस कमेटी में हैं।
कहा कि हाईकोर्ट के आदेश तक का किसी को पता नहीं है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी जाना पड़ा तो वहां तक पैरवी की जाएगी। बसपा नगराध्यक्ष इकशाद अहमद पटौदी ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। चार दिसंबर को अतिक्रमण ध्वस्तीकरण अभियान के विरोध में 300 से अधिक परिवार सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। वहां जिपं सदस्य उत्तम आचार्य, राकेश गोगना, अजीत सिंह, रवि रस्तोगी आदि थे।