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Udham Singh Nagar News: 12 करोड़ का हुआ था मूल्यांकन, साढ़े छह करोड़ में दे दिया काम : ठुकराल
Fri, 23 May 2025 01:13 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
Published by: हीरा मेहरा
Updated Fri, 23 May 2025 01:13 PM IST
सार
पूर्व विधायक ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे तराई बीज विकास निगम के भवनाें के ध्वस्तीकरण की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। एयरपोर्ट विस्तारीकरण के चलते टीडीसी को शिफ्ट किया जाना है। भवनों को तोड़ने का ठेका गुपचुप तरीके से हो गया।
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पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आ रहे तराई बीज विकास निगम (टीडीसी) के भवनाें के ध्वस्तीकरण की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने एक फर्म को राजनीतिक दबाव में काम देने के लिए प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर सरकारी खजाने को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। टीडीसी के जीएम ने नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया कराने की बात कही है।
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बृहस्पतिवार को सिटी क्लब में पत्रकार वार्ता में ठुकराल ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण के चलते टीडीसी को शिफ्ट किया जाना है। टीडीसी के भवनों को तोड़ने का ठेका गुपचुप तरीके से हो गया। किसी भी समाचार पत्र में इसकी कोई निविदा नहीं निकाली गयी। इसके चलते निविदा प्रक्रिया में कोई भी स्थानीय ठेकेदार भाग नहीं ले पाया। आरोप लगाया कि मात्र तीन ठेकेदारों ने इस निविदा में भाग लिया और तीनों आपस में मिले थे। साजिश के तहत यह पूरा काम एक ही व्यक्ति को दे दिया गया। चार लाटों में जो काम दिया गया है उसका सरकारी मूल्यांकन करीब 12 करोड़ से अधिक निकाली गयी थी। मिलीभगत के चलते इस काम को मात्र 6 करोड़ 49 लाख 73 हजार रुपये में दे दिया गया। यह एक फर्म को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राजनैतिक दबाव में यह घोटाला किया गया। इसमें कोई पारदर्शिता नहीं अपनाई गयी थी।
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कहा कि मटकोटा स्थित टीडीसी के बीज विधायन संयत्र को भी तोड़ा जा रहा है, जबकि यहां पर कुछ वर्ष ही पूर्व करोड़ों की नई मशीनें लगाई गई थीं। इसके अलावा बाजपुर में स्थित बीज विधायन संयत्र को उखाड़ा गया है। इसका सीधा संकेत है कि टीडीसी को समाप्त किया जा रहा है। कहा कि टीडीसी में घोटाला करने वालों का शीघ्र ही पूरा पर्दाफाश करेंगे। इस मामले में एमडी और जीएम से मुलाकात के साथ ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रकरण रखेंगे। उन्होंने न्यायालय से भी इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया।
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