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उत्पीड़न के खिलाफ इंटार्क कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन
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रुद्रपुर के श्रम कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते श्रमिक।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। इंटार्क मजदूर संगठन के पदाधिकारियों और श्रमिकों ने विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को श्रम विभाग कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने के बाद श्रमिकों ने सहायक श्रमायुक्त प्रशांत कुमार को ज्ञापन सौंपा। सिडकुल की सेक्टर-2 में स्थित इंटार्क कंपनी के स्थायी श्रमिकों ने बताया कि वर्ष 2019 के मांगपत्रों पर कंपनी प्रबंधन की ओर से सुनवाई नहीं हो रही है।
इसके साथ ही वर्ष 2018 से श्रमिकों के वेतन में वृद्धि न होने के कारण आर्थिक स्थित बेहद खराब हो गई है। त्रिपक्षीय वार्ताओं के दौरान एक श्रमिक की सेवा समाप्त कर दी जबकि तीन श्रमिकों की कोरोना काल में गेटबंदी कर दी गई। किच्छा प्लांट के निलंबित श्रमिकों की वर्ष 2018 में हुए समझौते पर आजतक कार्य बहाली नहीं की गई है।
वहां राकेश कुमार, पान मोहम्मद, लक्ष्मण सिंह, दलजीत सिंह, सौरभ कुमार, राकेश कुमार, बलवंत सिंह, दिनेश चंद्र व बजाज ऑटोलाइन, मंत्री मेटल्स, रानी मद्रास, माइक्रो मैक्स कंपनी के यूनियन पदाधिकारी भी थे। इधर, कंपनी एचआर हेड बीवी श्रीधर ने कहा कि श्रमिक कंपनी पर दबाव बनाना चाहते हैं। वर्ष 2018 में इनकी दो हजार रुपये की वेतन वृद्धि की गई थी, जबकि वर्ष 2019 में भी इनको वेतन वृद्धि के लिए कहा गया था लेकिन श्रमिकों ने खुद ही वेतन वृद्धि को नहीं स्वीकारा।
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इसके साथ ही वर्ष 2018 से श्रमिकों के वेतन में वृद्धि न होने के कारण आर्थिक स्थित बेहद खराब हो गई है। त्रिपक्षीय वार्ताओं के दौरान एक श्रमिक की सेवा समाप्त कर दी जबकि तीन श्रमिकों की कोरोना काल में गेटबंदी कर दी गई। किच्छा प्लांट के निलंबित श्रमिकों की वर्ष 2018 में हुए समझौते पर आजतक कार्य बहाली नहीं की गई है।
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वहां राकेश कुमार, पान मोहम्मद, लक्ष्मण सिंह, दलजीत सिंह, सौरभ कुमार, राकेश कुमार, बलवंत सिंह, दिनेश चंद्र व बजाज ऑटोलाइन, मंत्री मेटल्स, रानी मद्रास, माइक्रो मैक्स कंपनी के यूनियन पदाधिकारी भी थे। इधर, कंपनी एचआर हेड बीवी श्रीधर ने कहा कि श्रमिक कंपनी पर दबाव बनाना चाहते हैं। वर्ष 2018 में इनकी दो हजार रुपये की वेतन वृद्धि की गई थी, जबकि वर्ष 2019 में भी इनको वेतन वृद्धि के लिए कहा गया था लेकिन श्रमिकों ने खुद ही वेतन वृद्धि को नहीं स्वीकारा।
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