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कैलाश नदी का मुहाना बंद कर देवहा में करने का विरोध
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सितारगंज में एसडीएम दफ्तर पर प्रदर्शन करते नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र के ग्रामीण।
- फोटो : SITARGANJ
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सितारगंज। कैलाश नदी का मुहाना बंद कर देवहा नदी में पानी करने का ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने एसडीएम दफ्तर में प्रदर्शन किया और एसडीएम मुक्ता मिश्र को ज्ञापन देकर कैलाश नदी का मुहाना खुलवाने की मांग की।
बुधवार को नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र के कई गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले के चोरगलिया स्थित नंधौर नदी का पानी कैलाश व देवहा नदी में आता है लेकिन कैलाश नदी का मुहाना बंद कर नंधौर का पानी देवहा में छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में देवहा नदी में पोकलैंड व जेसीबी भी चल रही हैं। ऐसे में देवहा नदी उफान पर बह रही है। इससे बिचुवा, भूड़ झाला, बगिया झाला, टुकड़ी, बरकीडांडी, गोला पीपल, ढाक बुझिया, ज्ञानपुर गौड़ी, किशनपुर, हर्रइया, बिचई आदि गांवों को बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
इन गांवों में नदी से कृषि भूमि में कटाव हो रहा है और फसलों को क्षति हो रही है। ग्रामीणों को जानमाल का खतरा भी है। कहा कि अगर ऐसे ही नदी में अत्यधिक पानी छोड़ा गया तो नानकसागर बांध भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है जिससे लाखों की जनसंख्या प्रभावित हो सकती है। वहां बीडीसी सोनिया देवी, जोगा सिंह, ग्राम प्रधान जसविंदर कौर, जयंती देवी, सुरेंद्र सिंह, जंगीर सिंह, देवेंद्र सिंह, सुंदर कौर के अलावा ग्रामीण बलजीत सिंह, बिंदरपाल सिंह, करनैल सिंह, अनोख सिंह, जरनैल सिंह, हरपाल सिंह, गुरदेव सिंह, स्वर्ण सिंह, महेश राना आदि थे।
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बुधवार को नानकमत्ता उप तहसील क्षेत्र के कई गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि नैनीताल जिले के चोरगलिया स्थित नंधौर नदी का पानी कैलाश व देवहा नदी में आता है लेकिन कैलाश नदी का मुहाना बंद कर नंधौर का पानी देवहा में छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में देवहा नदी में पोकलैंड व जेसीबी भी चल रही हैं। ऐसे में देवहा नदी उफान पर बह रही है। इससे बिचुवा, भूड़ झाला, बगिया झाला, टुकड़ी, बरकीडांडी, गोला पीपल, ढाक बुझिया, ज्ञानपुर गौड़ी, किशनपुर, हर्रइया, बिचई आदि गांवों को बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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इन गांवों में नदी से कृषि भूमि में कटाव हो रहा है और फसलों को क्षति हो रही है। ग्रामीणों को जानमाल का खतरा भी है। कहा कि अगर ऐसे ही नदी में अत्यधिक पानी छोड़ा गया तो नानकसागर बांध भी क्षतिग्रस्त होने की संभावना है जिससे लाखों की जनसंख्या प्रभावित हो सकती है। वहां बीडीसी सोनिया देवी, जोगा सिंह, ग्राम प्रधान जसविंदर कौर, जयंती देवी, सुरेंद्र सिंह, जंगीर सिंह, देवेंद्र सिंह, सुंदर कौर के अलावा ग्रामीण बलजीत सिंह, बिंदरपाल सिंह, करनैल सिंह, अनोख सिंह, जरनैल सिंह, हरपाल सिंह, गुरदेव सिंह, स्वर्ण सिंह, महेश राना आदि थे।
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