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आलू और गेंहूं पर आफत बनकर बरसी बरसात
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर)
Updated Tue, 03 Mar 2015 12:00 AM IST
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तराई में दूसरे दिन भी लगातार तेज बरसात हुई। इससे तमाम स्थानों पर जलभराव के साथ ही जनजीवन भी अस्त-व्यस्त रहा। वहीं किसानों की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। तेज बरसात ने आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। गेहूं और आलू का उत्पादन प्रभावित होने के आसार भी बढ़ गए हैं। हालांकि सर्वे के बाद ही असली आंकड़े सामने आ सकेंगे।
रविवार को तराई में झमाझम बरसात हुई थी। इसके बाद बारिश थमने की संभावना की थी, लेकिन सोमवार को भी दिनभर तेज बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सड़कों और गलियों में पानी भर गया, वहीं जल निकासी के दावों की पोल भी खुलती नजर आई। तेज बारिश से फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि बरसात थमी नहीं तो नुकसान बढ़ सकता है, वहीं किसान भी लगातार हो रही बरसात से परेशान हैं। मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि बरसात के कारण गेहूं के फसल के गिरने की सूचना मिली है, हालांकि अभी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। इसके लिए सर्वे कराने के निर्देश न्याय पंचायत प्रभारियों को दे दिए गए हैं। मंगलवार तक रिपोर्ट आने की संभावना है। बताया कि यदि खेतों में अधिक जलभराव हुआ तो इससे दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने किसानों को खेतों में जल निकास व्यवस्था दुरुस्त रखने का सुझाव दिया है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि इस समय आलू खुदाई का समय है, मगर अभी तक आलू खोदा नहीं गया है। अब जबकि लगातार तेज बारिश हो रही है और खेतों में पानी जमा हो गया है, तो इससे फसल को नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा प्याज और भिंडी के बीजों को भी क्षति का अनुमान है। बताया कि यह बारिश सिर्फ बागवानी के लिहाज से अच्छी है, क्योंकि नमी बनी रहने के कारण फलदार पेड़ों में अधिक फूल आएंगे। इससे उत्पादन में भी इजाफा हो सकेगा।
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रविवार को तराई में झमाझम बरसात हुई थी। इसके बाद बारिश थमने की संभावना की थी, लेकिन सोमवार को भी दिनभर तेज बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सड़कों और गलियों में पानी भर गया, वहीं जल निकासी के दावों की पोल भी खुलती नजर आई। तेज बारिश से फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि बरसात थमी नहीं तो नुकसान बढ़ सकता है, वहीं किसान भी लगातार हो रही बरसात से परेशान हैं। मुख्य कृषि अधिकारी पीके सिंह ने बताया कि बरसात के कारण गेहूं के फसल के गिरने की सूचना मिली है, हालांकि अभी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। इसके लिए सर्वे कराने के निर्देश न्याय पंचायत प्रभारियों को दे दिए गए हैं। मंगलवार तक रिपोर्ट आने की संभावना है। बताया कि यदि खेतों में अधिक जलभराव हुआ तो इससे दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उन्होंने किसानों को खेतों में जल निकास व्यवस्था दुरुस्त रखने का सुझाव दिया है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी रतन सिंह ने बताया कि इस समय आलू खुदाई का समय है, मगर अभी तक आलू खोदा नहीं गया है। अब जबकि लगातार तेज बारिश हो रही है और खेतों में पानी जमा हो गया है, तो इससे फसल को नुकसान होने की आशंका है। इसके अलावा प्याज और भिंडी के बीजों को भी क्षति का अनुमान है। बताया कि यह बारिश सिर्फ बागवानी के लिहाज से अच्छी है, क्योंकि नमी बनी रहने के कारण फलदार पेड़ों में अधिक फूल आएंगे। इससे उत्पादन में भी इजाफा हो सकेगा।
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