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Udham Singh Nagar News: पुलिस के पास ठिकाना नहीं, धर्मशाला-एसडीएम आवास में चल रहीं चौकियां
Sun, 22 Mar 2026 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:16 AM IST
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रुद्रपुर। सेवा, सुरक्षा और समर्पण। इस भाव से काम करने वाली पुलिस पर जनता की सुरक्षा और अपराधियों पर नकेल कसने का दबाव रहता है लेकिन उनकी सुविधाओं के बारे में कोई नहीं सोचता। ऊधम सिंह नगर को देख लीजिए। रुद्रपुर से लेकर गदरपुर व काशीपुर तक पुलिस चौकियां धर्मशाला, पुराने एसडीएम आवास और तहसील के भवनों पर चल रही हैं। राहत ये है कि इन्हें किराया नहीं चुकाना पड़ रहा है।
जिले में 48 चौकी-कोतवाली हैं। इसमें कुछ की हालत चिंताजनक है। गदरपुर कोतवाली के अंतर्गत आने वाली सकैनिया रिपोर्टिंग पुलिस चौकी सालों से मंदिर की धर्मशाला में चल रही है। आईटीआई की पैगा रिपोर्टिंग चौकी राजस्व विभाग की जमीन पर है। कुंडा थाने के अंदर आने वाली सूर्या रिपोर्टिंग पुलिस चौकी 2000 से सूर्या फैक्टरी के दिए भवन में है।
जसपुर थाने की नादेही पुलिस चौकी नादेही चीनी मील के दिए भवन में चल रही है। काशीपुर की टांडा उज्जैन पुलिस चौकी 2008 से तहसील के भवन में चल रही। नानकमत्ता की प्रतापपुर पुलिस चौकी 2013 से सिचाई विभाग के भवन में चल रही है। ट्रांजिट कैंप कोतवाली के पास अपनी जमीन है, लेकिन आज तक भवन नहीं बना। यह भी सरकारी भूमि पर है। जिसकी डीपीआर पीएचक्यू को भेजी गई है।
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नजूल की भूमि पर है कोतवाली
रुद्रपुर कोतवाली 1956 से नजूल की भूमि पर। इसी कोतवाली के अंदर आने वाली आदर्श कॉलोनी व बाजार चौकी भी नजूल की जमीन पर हैं। इधर, ट्रांजिट कैंप थाने के अंदर आने वाली आवास विकास चौकी भी कई वर्षों से नजूल की भूमि पर ही है।
मैंने पुलिस वेलफेयर को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें पता चला था कि कुछ चौकी-कोतवाली के पास अपनी जमीन नहीं है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियाें के कुछ नए आवास बने हैं कई और आवास के लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। जल्द व्यवस्था में बदलाव नजर आएगा।
-अजय गणपति, एसएसपी।
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जिले में 48 चौकी-कोतवाली हैं। इसमें कुछ की हालत चिंताजनक है। गदरपुर कोतवाली के अंतर्गत आने वाली सकैनिया रिपोर्टिंग पुलिस चौकी सालों से मंदिर की धर्मशाला में चल रही है। आईटीआई की पैगा रिपोर्टिंग चौकी राजस्व विभाग की जमीन पर है। कुंडा थाने के अंदर आने वाली सूर्या रिपोर्टिंग पुलिस चौकी 2000 से सूर्या फैक्टरी के दिए भवन में है।
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जसपुर थाने की नादेही पुलिस चौकी नादेही चीनी मील के दिए भवन में चल रही है। काशीपुर की टांडा उज्जैन पुलिस चौकी 2008 से तहसील के भवन में चल रही। नानकमत्ता की प्रतापपुर पुलिस चौकी 2013 से सिचाई विभाग के भवन में चल रही है। ट्रांजिट कैंप कोतवाली के पास अपनी जमीन है, लेकिन आज तक भवन नहीं बना। यह भी सरकारी भूमि पर है। जिसकी डीपीआर पीएचक्यू को भेजी गई है।
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नजूल की भूमि पर है कोतवाली
रुद्रपुर कोतवाली 1956 से नजूल की भूमि पर। इसी कोतवाली के अंदर आने वाली आदर्श कॉलोनी व बाजार चौकी भी नजूल की जमीन पर हैं। इधर, ट्रांजिट कैंप थाने के अंदर आने वाली आवास विकास चौकी भी कई वर्षों से नजूल की भूमि पर ही है।
मैंने पुलिस वेलफेयर को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें पता चला था कि कुछ चौकी-कोतवाली के पास अपनी जमीन नहीं है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके अलावा कर्मचारियाें के कुछ नए आवास बने हैं कई और आवास के लिए प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। जल्द व्यवस्था में बदलाव नजर आएगा।
-अजय गणपति, एसएसपी।