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Udham Singh Nagar News: पांच ब्लाॅकों में प्लास्टिक प्रबंधन इकाई को अजैविक कूड़े का इंतजार
Fri, 08 Dec 2023 12:54 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:54 AM IST
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बाजपुर के बरवाला में लगी काम्पेक्टर मशीन देखते जिला पंचायत के एएमए तेज सिंह। संवाद
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रुद्रपुर। ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने की कवायद परवान नहीं चढ़ पा रही है। पांच ब्लाॅकों में स्थापित की गई प्लास्टिक प्रबंधन इकाई और कॉम्पेक्टर मशीन को कूड़े का इंतजार है। ब्लाॅकों को इकाई तक कूड़ा लाने के लिए हाइड्रोलिक वाहन दिए जा चुके हैं लेकिन कूड़ा अब तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए स्वजल परियोजना की ओर से जिले की 200 से अधिक ग्राम पंचायतों में कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर एकत्र होने वाले अजैविक कूड़े को प्लास्टिक प्रबंधन इकाई तक पहुंचाया जाना है। जिले के गदरपुर में सरोवरनगर, बाजपुर में ग्राम बरवाला, काशीपुर में शिव लालपुर, अमरझंडा, सितारंगज में सिसैया और रुद्रपुर के खमिया नंबर एक में प्लास्टिक प्रबंधन इकाई बन चुकी है।
यहां राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के तहत इकाई में कॉम्पेक्टर मशीन भी स्थापित हो चुकी हैं। ग्राम पंचायतों से अजैविक कूड़ा इकाई तक पहुंचाने के लिए ब्लाॅकों को हाइड्रोलिक वाहन भी दिए जा चुके हैं लेकिन ब्लॉकों की ओर से इन वाहनों में चालक और ईधन की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इस वजह से गांवों को प्लास्टिक मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। संवाद
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कोट
जिले में पांच जगहों पर प्लास्टिक प्रबंधन इकाई और उसमें कॉम्पेक्टर मशीन लग चुकी है। इकाई से कॉम्पेक्ट होने वाले प्लास्टिक को रिसाइकिल के लिए लेने को दो कंपनियों से बात हो चुकी है। इकाई के संचालन के लिए जिला पंचायत ने स्टाफ भी रखा है। ब्लाॅकों को कूड़ा भेजने के लिए दो बार पत्र भी भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों से कूड़ा एकत्र कर इकाई तक नहीं लाया जा रहा है। - तेज सिंह, एएमए, जिला पंचायत
ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए स्वजल परियोजना की ओर से जिले की 200 से अधिक ग्राम पंचायतों में कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों पर एकत्र होने वाले अजैविक कूड़े को प्लास्टिक प्रबंधन इकाई तक पहुंचाया जाना है। जिले के गदरपुर में सरोवरनगर, बाजपुर में ग्राम बरवाला, काशीपुर में शिव लालपुर, अमरझंडा, सितारंगज में सिसैया और रुद्रपुर के खमिया नंबर एक में प्लास्टिक प्रबंधन इकाई बन चुकी है।
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यहां राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के तहत इकाई में कॉम्पेक्टर मशीन भी स्थापित हो चुकी हैं। ग्राम पंचायतों से अजैविक कूड़ा इकाई तक पहुंचाने के लिए ब्लाॅकों को हाइड्रोलिक वाहन भी दिए जा चुके हैं लेकिन ब्लॉकों की ओर से इन वाहनों में चालक और ईधन की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इस वजह से गांवों को प्लास्टिक मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। संवाद
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कोट
जिले में पांच जगहों पर प्लास्टिक प्रबंधन इकाई और उसमें कॉम्पेक्टर मशीन लग चुकी है। इकाई से कॉम्पेक्ट होने वाले प्लास्टिक को रिसाइकिल के लिए लेने को दो कंपनियों से बात हो चुकी है। इकाई के संचालन के लिए जिला पंचायत ने स्टाफ भी रखा है। ब्लाॅकों को कूड़ा भेजने के लिए दो बार पत्र भी भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों से कूड़ा एकत्र कर इकाई तक नहीं लाया जा रहा है। - तेज सिंह, एएमए, जिला पंचायत