{"_id":"692d7b5ab9e6b22fa50fc210","slug":"pg-exercise-in-sanskrit-home-science-and-education-subjects-rudrapur-news-c-235-1-ksp1004-135723-2025-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: पीजी ने संस्कृत, गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: पीजी ने संस्कृत, गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय की कवायद
Mon, 01 Dec 2025 04:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 01 Dec 2025 04:56 PM IST
विज्ञापन
प्राचार्य ने निदेशालय को मंजूरी के लिए भेजा प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं संस्कृत, गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए महाविद्यालय प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेज दिया है। इसकी स्वीकृति मिलने पर पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। अभी तक विद्यार्थियों को दूसरे विषय या अन्य जिले में जाकर पीजी करना पड़ता है।
राधेहरि पीजी कॉलेज की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। यहां पर जसपुर, रामनगर, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी, केलाखेड़ा, काशीपुर आदि से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। संस्कृत, गृह विज्ञान, शिक्षा शास्त्र विषय से स्नातक करने के बाद छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों के कॉलेजों में जाना पड़ता है। धनाभाव और दूसरे कारणों से कई विद्यार्थी पढ़ाई के लिए शहर से बाहर नहीं जा पाते हैं।
मजबूरी में कई छात्र पीजी में दूसरा विषय चुन लेते हैं। अब कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा निदेशालय को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है।
कोट:
शिक्षा शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान में छह बैच में 480-480 सीटें हैं। तीनों विषयों में पीजी नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों को दूसरे विषय बदलने पड़ते हैं। तीनों विषयों में पीजी शुरू कराने के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर कॉलेज में प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे। - प्रो. सुमिता श्रीवास्तव, प्राचार्य राधेहरि पीजी कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं संस्कृत, गृह विज्ञान और शिक्षा शास्त्र विषय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए महाविद्यालय प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेज दिया है। इसकी स्वीकृति मिलने पर पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। अभी तक विद्यार्थियों को दूसरे विषय या अन्य जिले में जाकर पीजी करना पड़ता है।
राधेहरि पीजी कॉलेज की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। यहां पर जसपुर, रामनगर, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी, केलाखेड़ा, काशीपुर आदि से छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। संस्कृत, गृह विज्ञान, शिक्षा शास्त्र विषय से स्नातक करने के बाद छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों के कॉलेजों में जाना पड़ता है। धनाभाव और दूसरे कारणों से कई विद्यार्थी पढ़ाई के लिए शहर से बाहर नहीं जा पाते हैं।
विज्ञापन
मजबूरी में कई छात्र पीजी में दूसरा विषय चुन लेते हैं। अब कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा निदेशालय को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है।
कोट:
शिक्षा शास्त्र, संस्कृत, गृह विज्ञान में छह बैच में 480-480 सीटें हैं। तीनों विषयों में पीजी नहीं है। इस कारण विद्यार्थियों को दूसरे विषय बदलने पड़ते हैं। तीनों विषयों में पीजी शुरू कराने के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने पर कॉलेज में प्रवेश शुरू कर दिए जाएंगे। - प्रो. सुमिता श्रीवास्तव, प्राचार्य राधेहरि पीजी कॉलेज
विज्ञापन