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भ्रम न पालें लोग, 12 को भाइयों की कलाई पर बांधे राखी
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काशीपुर में राखी खरीदतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
रुद्रपुर/शांतिपुरी। रक्षाबंधन पर्व को लेकर लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। पंडितों और पुरोहितों ने इसे दूर करते हुए लोगों से 12 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने की अपील की है। पंडितों ने कहा कि 12 की सुबह 7:10 बजे रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी वैकुंठनाथ शास्त्री व शांतिपुरी क्षेत्र के मशहूर कथावाचक पंडित देवीदत्त पांडे शास्त्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित पूर्णिमा में करने का शास्त्रसम्मत विधान है।
इस वर्ष 11 अगस्त को व्यापनी पूर्णिमा में भद्रा दोष है जो कि रात में 8:52 बजे तक रहती है। कहा कि पंचांगकर्ताओं ने भद्रा खत्म होने पर ही रक्षाबंधन मनाना उचित बताया है।
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दूसरे दिन 12 अगस्त को पूर्णिमा 7:10 बजे तक है। पंडित वैकुंठनाथ व देवीदत्त पांडे ने कहा कि पूर्णिमा में ही रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत माना गया है। रक्षाबंधन पर्व को 12 अगस्त को ही गायत्री जयंती के शुभ अवसर पर मनाया जाएगा। संवाद
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लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी वैकुंठनाथ शास्त्री व शांतिपुरी क्षेत्र के मशहूर कथावाचक पंडित देवीदत्त पांडे शास्त्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित पूर्णिमा में करने का शास्त्रसम्मत विधान है।
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इस वर्ष 11 अगस्त को व्यापनी पूर्णिमा में भद्रा दोष है जो कि रात में 8:52 बजे तक रहती है। कहा कि पंचांगकर्ताओं ने भद्रा खत्म होने पर ही रक्षाबंधन मनाना उचित बताया है।
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दूसरे दिन 12 अगस्त को पूर्णिमा 7:10 बजे तक है। पंडित वैकुंठनाथ व देवीदत्त पांडे ने कहा कि पूर्णिमा में ही रक्षाबंधन मनाना शास्त्रसम्मत माना गया है। रक्षाबंधन पर्व को 12 अगस्त को ही गायत्री जयंती के शुभ अवसर पर मनाया जाएगा। संवाद