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बारूद के ढेर पर बैठे पांच गांवों के लोग ले सकेंगे चैन की सांस  

Fri, 12 Oct 2018 12:04 AM IST
आरडी खान/अमर उजाला/ऊधमसिंह नगर
आरडी खान/अमर उजाला/ऊधमसिंह नगर Updated Fri, 12 Oct 2018 12:04 AM IST
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people of 5 villages will breathe in peace
जसपुर में मिसाइलों को नष्ट करने के स्थान पर गड्ढा खोदते जवान। - फोटो : अमर उजाला
10 वर्षों से बारूद के ढेर पर बैठे पतरामपुर क्षेत्र के लोगों को अब दहशत से निजात मिल जाएगी। मिसाइलें नष्ट करने के लिए पुलिस चौकी से हजीरों स्थित फीका नदी क्षेत्र तक ले जाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मिसाइल नष्ट करने वाले स्थान से एक किमी परिधि को नो मैंस लैंड जोन घोषित कर दिया गया है। यहां से मिसाइलों को विशेष दस्ते के साथ नष्ट करने वाले स्थल तक ले जाया जाएगा। 
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दिसंबर 2004 में हुए विस्फोट के बाद 555 मिसाइलें दबाने के बाद से पुलिस और प्रशासन ने चुप्पी साध ली थी। यहां मिसाइलें दबे होने से पांच गांवों में करीब 20 हजार की आबादी खौफ के साये में जी रही थी। 7 जनवरी 2015 को एनएसजी की टीम मिसाइलों को डिफ्यूज करने के लिए काशीपुर आई थी। यहां से मिसाइलों को पतरामपुर चौकी में दबाया गया था। 
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वर्ष 2007 में पतरामपुर चौकी भवन के लोकार्पण के लिए आए तत्कालीन एसएसपी नीलेश आनंद भरणे के समक्ष ग्रामीणों ने यह मामला उठाया था। तब एनएसजी से इन मिसाइलों को निष्क्रिय करने के लिए संपर्क साधा गया था, लेकिन बजट स्वीकृत न होने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने चार दिसंबर 2017 को पीएचक्यू को पत्र लिखा। शासन से स्वीकृति व बजट अवमुक्त होने के बाद इन मिसाइलों को नष्ट करने के लिए सेना के मुख्यालय से संपर्क किया गया। इसके लिए केंद्रीय आयुध भंडार से इलेक्ट्रिक डेटोनेटर कार्ड डेटोनेटिंग, टीएनटी स्लैब, पीईके व सेफ्टी फ्यूज खरीदे गए थे। 
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पतरामपुर चौकी से हजीरों स्थित फीका क्षेत्र की दूरी करीब पांच किमी है। आसपास के गांवों और झालों को खाली कराया जा रहा है। एहतियातन एक किमी परिधि क्षेत्र को नो मैंस जोन घोषित कर दिया गया है। मिसाइलों को डंपर से मिट्टी के बैग में कवर कर के ले जाया जाएगा। एक दिन में जितनी मिसाइलें बाहर निकाली जाएगी, उसी दिन उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा। इसके लिए कोसी क्षेत्र में स्थल चयनित किया गया है। बृहस्पतिवार को मौसम खराब होने के चलते मिसाइलें निकालने का काम रोकना पड़ा। 

डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी  

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