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अग्निपथ योजना के विरोध में फूटा गुस्सा
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अग्निपथ के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन देते युवा। संवाद
- फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर/बाजपुर। अग्निपथ योजना के खिलाफ काशीपुर में भी युवाओं में गुस्सा देखा गया। युवाओं ने सती मंदिर में सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन-यज्ञ किया। उन्होंने तीन सूत्री मांगों के लिए वहां पहुंचे एसडीएम अभय प्रताप सिंह और तहसीलदार अक्षय भट्ट को केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
शनिवार को कई युवा शक्ति पीठ सती मंदिर में एकत्र हुए। युवाओं ने सेना में भर्ती होकर वर्दी पहनने की कामना को लेकर यज्ञ किया। रक्षा राज्यमंत्री और डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में युवाओं ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि इसके कारण देशभर में दो वर्षों से लंबित सैन्य भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इससे उत्तराखंड के हजारों युवा प्रभावित हुए हैं। युवा बहुत हताश और निराश हैं।
तीन वर्ष का कठिन एनसीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कैडेट सी सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुके हैं। पिछले दो वर्षों से भर्ती नहीं आने के कारण कई युवाओं की उम्र सीमा भी पार हो चुकी है। ज्ञापन में रद्द की गई सैन्य भर्ती परीक्षाएं फिर से कराने, भर्तियों की सभी ट्रेडों में आयु सीमा में कम से कम दो वर्ष की छूट दिए जाने और अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की गई। वहां कार्तिक पांडे, अनुज कुमार, प्रकाश सिंह, उमाशंकर, अभिषेक, नरेंद्र सिंह, मनोज सिंह, गिरीश सैनी, आशीष बिष्ट आदि थे। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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बाजपुर में केंद्र सरकार की अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना के विरोध में क्षेत्र के युवाओं ने तहसील में प्रदर्शन कर तहसीलदार यूसुफ अली को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
युवा कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में तहसील दफ्तर पहुंचे। युवाओं ने प्रदर्शन कर तहसीलदार यूसुफ अली को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुरानी भर्ती प्रक्रिया फिर से लागू करने, पिछली भर्ती की परीक्षा तुरंत करवाने, उम्र में तीन साल की छूट देने की मांग की है। मौके पर आदित्य चानना, हरप्रीत सिंह, सूरज सिंह, मुकुल, पंकज आदि शामिल थे। इधर तहसीलदार यूसुफ अली और सीओ वंदना वर्मा ने युवा कार्यकर्ताओं की बैठक कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। संवाद
अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करे सरकार
काशीपुर। केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे है। सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने इस योजना पर दोबारा से विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के युवा सेना में जाने के लिए दिन-रात पसीना बहा कर फिजिकल फिटनेस बनाने में जुटे हैं। ऐसे में अग्निपथ योजना में मात्र चार साल की भर्ती देने से उसके बाद युवा बेरोजगार हो जाएंगे। देश की सेना भी कमजोर हो जाएगी। सरकार को इस योजना पर दोबारा से गंभीरता से
मंथन करना होगा और देश में सुलग रही विरोध की आग को शांत करना होगा।
क्या कहना है पूर्व सैनिकों का
- देश सेवा करने के लिए युवाओं में भारी उत्साह है। युवा सड़कों पर दौड़ कर पसीना बहाते हैं। सरकार ने सेना में भर्ती होने के लिए अग्निपथ योजना लागू की है। इससे सेना भी कमजोर होगी और युवा भी बेरोजगार हो जाएंगे। युवा सेना में जाकर ईमानदारी व मेहनत से कमीशन लेकर अधिकारी के पद तक पहुंच जाता है। अग्निपथ योजना से सेना में जाकर सेवा करने के इच्छुक युवाओं में निराशा है। लंबे समय तक सेवा करने वाले अनुभवी सैनिकों से देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। सरकार को अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बचन सिंह नेगी, सेवानिवृत्त कैप्टन, अध्यक्ष पूर्व सैनिक संगठन विजय पथ
- देश के युवा सेना में जाने के लिए फिट रहने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं लेकिन सरकार की अग्निपथ योजना से युवाओं को भारी झटका लगा है। हम केंद्र सरकार की इस योजना का पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार से पुनर्विचार की अपील करते हैं। योजना के मुताबिक अग्निपथ की सेवा मात्र चार साल की है। इसके बाद युवा का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। सेना के आपरेशन में अग्निवीर जोश और मनोबल से कार्य करने में संकोच करेगा क्योंकि उसे सेवानिवृत्त होने पर पेंशन भी नहीं मिलेगी।
जगमोहन सिंह नेगी, सेवानिवृत्त कैप्टन
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शनिवार को कई युवा शक्ति पीठ सती मंदिर में एकत्र हुए। युवाओं ने सेना में भर्ती होकर वर्दी पहनने की कामना को लेकर यज्ञ किया। रक्षा राज्यमंत्री और डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन में युवाओं ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा कि इसके कारण देशभर में दो वर्षों से लंबित सैन्य भर्ती परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इससे उत्तराखंड के हजारों युवा प्रभावित हुए हैं। युवा बहुत हताश और निराश हैं।
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तीन वर्ष का कठिन एनसीसी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कैडेट सी सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुके हैं। पिछले दो वर्षों से भर्ती नहीं आने के कारण कई युवाओं की उम्र सीमा भी पार हो चुकी है। ज्ञापन में रद्द की गई सैन्य भर्ती परीक्षाएं फिर से कराने, भर्तियों की सभी ट्रेडों में आयु सीमा में कम से कम दो वर्ष की छूट दिए जाने और अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की गई। वहां कार्तिक पांडे, अनुज कुमार, प्रकाश सिंह, उमाशंकर, अभिषेक, नरेंद्र सिंह, मनोज सिंह, गिरीश सैनी, आशीष बिष्ट आदि थे। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात रही।
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बाजपुर में केंद्र सरकार की अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना के विरोध में क्षेत्र के युवाओं ने तहसील में प्रदर्शन कर तहसीलदार यूसुफ अली को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
युवा कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में तहसील दफ्तर पहुंचे। युवाओं ने प्रदर्शन कर तहसीलदार यूसुफ अली को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुरानी भर्ती प्रक्रिया फिर से लागू करने, पिछली भर्ती की परीक्षा तुरंत करवाने, उम्र में तीन साल की छूट देने की मांग की है। मौके पर आदित्य चानना, हरप्रीत सिंह, सूरज सिंह, मुकुल, पंकज आदि शामिल थे। इधर तहसीलदार यूसुफ अली और सीओ वंदना वर्मा ने युवा कार्यकर्ताओं की बैठक कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। संवाद
अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करे सरकार
काशीपुर। केंद्र सरकार द्वारा अग्निपथ योजना को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे है। सेना से सेवानिवृत्त अधिकारियों ने इस योजना पर दोबारा से विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के युवा सेना में जाने के लिए दिन-रात पसीना बहा कर फिजिकल फिटनेस बनाने में जुटे हैं। ऐसे में अग्निपथ योजना में मात्र चार साल की भर्ती देने से उसके बाद युवा बेरोजगार हो जाएंगे। देश की सेना भी कमजोर हो जाएगी। सरकार को इस योजना पर दोबारा से गंभीरता से
मंथन करना होगा और देश में सुलग रही विरोध की आग को शांत करना होगा।
क्या कहना है पूर्व सैनिकों का
- देश सेवा करने के लिए युवाओं में भारी उत्साह है। युवा सड़कों पर दौड़ कर पसीना बहाते हैं। सरकार ने सेना में भर्ती होने के लिए अग्निपथ योजना लागू की है। इससे सेना भी कमजोर होगी और युवा भी बेरोजगार हो जाएंगे। युवा सेना में जाकर ईमानदारी व मेहनत से कमीशन लेकर अधिकारी के पद तक पहुंच जाता है। अग्निपथ योजना से सेना में जाकर सेवा करने के इच्छुक युवाओं में निराशा है। लंबे समय तक सेवा करने वाले अनुभवी सैनिकों से देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। सरकार को अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बचन सिंह नेगी, सेवानिवृत्त कैप्टन, अध्यक्ष पूर्व सैनिक संगठन विजय पथ
- देश के युवा सेना में जाने के लिए फिट रहने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं लेकिन सरकार की अग्निपथ योजना से युवाओं को भारी झटका लगा है। हम केंद्र सरकार की इस योजना का पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार से पुनर्विचार की अपील करते हैं। योजना के मुताबिक अग्निपथ की सेवा मात्र चार साल की है। इसके बाद युवा का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। सेना के आपरेशन में अग्निवीर जोश और मनोबल से कार्य करने में संकोच करेगा क्योंकि उसे सेवानिवृत्त होने पर पेंशन भी नहीं मिलेगी।
जगमोहन सिंह नेगी, सेवानिवृत्त कैप्टन