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Udham Singh Nagar News: जीजीआईसी गदरपुर में शिक्षिकाओं की कमी
Sun, 08 Dec 2024 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 08 Dec 2024 12:28 AM IST
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गदरपुर। जीजीआईसी में लंबे समय से एलटी विज्ञान और एलटी सामाजिक विज्ञान का पद रिक्त है। जीजीआईसी में कक्षा छह से लेकर कक्षा 12 तक करीब 1261 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कक्षा छह में 148, कक्षा सात में 157, कक्षा आठ में 165, कक्षा नौ में 211, कक्षा दस में 176, कक्षा 11 में 216 और कक्षा 12 में 188 छात्राएं शामिल हैं।
जीजीआईसी गदरपुर में लंबे समय से एलटी विज्ञान और एलटी सामाजिक विज्ञान के पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। अर्थशास्त्र, इतिहास और हिंदू की शिक्षिकाओं के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। जीजीआईसी में लेक्चरर के भी दो पद रिक्त हैं। साथ ही कनिष्ठ सहायक और स्वीपर का पद भी रिक्त है। गेस्ट टीचर के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जीजीआईसी में काफी समय से कक्षा कक्षों की भी कमी है। पूर्व में निर्मित दस कक्षों की हालत बेहद जीर्णशीर्ण है जिनको निष्प्रयोजित घोषित कर ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। खुले आसमान के नीचे बैठकर शिक्षण कार्य करना पड़ता है। शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारी रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। छात्राओं को जंगली बंदरों के आतंक का भी सामना करना पड़ता है। कॉलेज प्रबंधन ने ऊपरी मंजिल पर स्थित कक्षा कक्षों को लोहे की जाली लगाकर बंद किया गया है। जंगली बंदर कई छात्राओं और शिक्षिकाओं पर हमले भी कर चुके हैं। जीजीआईसी गदरपुर में स्टाफ के लिए फर्नीचर का भी अभाव है।
रिक्त पदों पर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही शासन स्तर से होती है जिसके लिए विभाग को पत्राचार किया है। छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान न आए। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है। जीजीआईसी परिसर में जल्द ही कक्षों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। रश्मि आर्या, प्रधानाचार्या जीजीआईसी गदरपुर।
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जीजीआईसी गदरपुर में लंबे समय से एलटी विज्ञान और एलटी सामाजिक विज्ञान के पद पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। अर्थशास्त्र, इतिहास और हिंदू की शिक्षिकाओं के अभाव में छात्राओं की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। जीजीआईसी में लेक्चरर के भी दो पद रिक्त हैं। साथ ही कनिष्ठ सहायक और स्वीपर का पद भी रिक्त है। गेस्ट टीचर के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जीजीआईसी में काफी समय से कक्षा कक्षों की भी कमी है। पूर्व में निर्मित दस कक्षों की हालत बेहद जीर्णशीर्ण है जिनको निष्प्रयोजित घोषित कर ताला लगाकर बंद कर दिया गया है। खुले आसमान के नीचे बैठकर शिक्षण कार्य करना पड़ता है। शासन-प्रशासन और विभागीय अधिकारी रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। छात्राओं को जंगली बंदरों के आतंक का भी सामना करना पड़ता है। कॉलेज प्रबंधन ने ऊपरी मंजिल पर स्थित कक्षा कक्षों को लोहे की जाली लगाकर बंद किया गया है। जंगली बंदर कई छात्राओं और शिक्षिकाओं पर हमले भी कर चुके हैं। जीजीआईसी गदरपुर में स्टाफ के लिए फर्नीचर का भी अभाव है।
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रिक्त पदों पर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही शासन स्तर से होती है जिसके लिए विभाग को पत्राचार किया है। छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान न आए। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई है। जीजीआईसी परिसर में जल्द ही कक्षों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। रश्मि आर्या, प्रधानाचार्या जीजीआईसी गदरपुर।
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