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Udham Singh Nagar News: दिल्ली, हरिद्वार, दून जाने वाली बसों का डायवर्ट रूट तय नहीं
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काशीपुर। शहरवासियों के लिए रोडवेज बस स्टेशन आरओबी बनने के बाद से मात्र शोपीस बनकर रह गया है। बस स्टेशन तक रोडवेज बसें नहीं पहुंच पाने के कारण अधिकतर बसें डायवर्ट रूट से आने-जाने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
नगर के बीचोंबीच बना रोडवेज बस स्टेशन शहरवासियों के लिए वरदान साबित हो रहा था। डिपो में प्रतिदिन कई रूटों और कई शहरों के लिए 40-50 बसें आती-जाती थीं। शहरवासियों को भी बस स्टेशन पहुंचने के लिए परेशानी नहीं होती थी।
वर्ष 2017 में जब महाराणा प्रताप चौक से बाजपुर रोड पर रोडवेज के सामने आरओबी का निर्माण शुरू हुआ तब से यह मात्र शोपीस बन गया है। प्रशासन ने बसों की आवाजाही के लिए रूट डायवर्ट लागू कर दिया। इसमें रुद्रपुर और मुरादाबाद रूट से आने वाली बसें टांडा तिराहा से चैती चौराहा होकर और रामनगर, देहरादून रूट से आने वाली बसें नया ढेला पुल से स्टेडियम होकर आने-जाने लगीं।
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लगभग एक साल पहले आरओबी पर यातायात शुरू होने के बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली थी। लगभग तीन महीने पहले आरओबी क्षतिग्रस्त होने के बाद से आरओबी से बसों, डंपरों, ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद करने से यात्रियों को दिक्कत होने लगी।
शहरवासियों ने बताया कि अब रोडवेज बस चालक अपनी सुविधा अनुसार डायवर्ट रूट से बसों का ले जाने लगे हैं। सवारियां टांडा उज्जैन तिराहा पर बस का इंतजार करती हैं तो बस स्टेडियम की ओर से या मुख्य चौराहा पर सर्विस रोड से निकल जाती है।
ऐसे में कई-कई घंटे बसों का इंतजार करना मजबूरी बन चुका है। साथ ही यात्रियों की जेब पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। उधर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी हरेंद्र नितवाल ने बताया कि सीनियर सिटीजन व एमएसटी होल्डर कई बार बस चालकों से कहते हैं जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
स्टेडियम की ओर से कई बार इसलिए नहीं जाते हैं क्योंकि रामनगर की ओर से जाने वाली बसों के चालक आरोप लगाते हैं कि वे उनकी सवारियों को ले जाते हैं।
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नगर के बीचोंबीच बना रोडवेज बस स्टेशन शहरवासियों के लिए वरदान साबित हो रहा था। डिपो में प्रतिदिन कई रूटों और कई शहरों के लिए 40-50 बसें आती-जाती थीं। शहरवासियों को भी बस स्टेशन पहुंचने के लिए परेशानी नहीं होती थी।
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वर्ष 2017 में जब महाराणा प्रताप चौक से बाजपुर रोड पर रोडवेज के सामने आरओबी का निर्माण शुरू हुआ तब से यह मात्र शोपीस बन गया है। प्रशासन ने बसों की आवाजाही के लिए रूट डायवर्ट लागू कर दिया। इसमें रुद्रपुर और मुरादाबाद रूट से आने वाली बसें टांडा तिराहा से चैती चौराहा होकर और रामनगर, देहरादून रूट से आने वाली बसें नया ढेला पुल से स्टेडियम होकर आने-जाने लगीं।
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लगभग एक साल पहले आरओबी पर यातायात शुरू होने के बाद यात्रियों को कुछ राहत मिली थी। लगभग तीन महीने पहले आरओबी क्षतिग्रस्त होने के बाद से आरओबी से बसों, डंपरों, ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह बंद करने से यात्रियों को दिक्कत होने लगी।
शहरवासियों ने बताया कि अब रोडवेज बस चालक अपनी सुविधा अनुसार डायवर्ट रूट से बसों का ले जाने लगे हैं। सवारियां टांडा उज्जैन तिराहा पर बस का इंतजार करती हैं तो बस स्टेडियम की ओर से या मुख्य चौराहा पर सर्विस रोड से निकल जाती है।
ऐसे में कई-कई घंटे बसों का इंतजार करना मजबूरी बन चुका है। साथ ही यात्रियों की जेब पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। उधर डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी हरेंद्र नितवाल ने बताया कि सीनियर सिटीजन व एमएसटी होल्डर कई बार बस चालकों से कहते हैं जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हो रही है।
स्टेडियम की ओर से कई बार इसलिए नहीं जाते हैं क्योंकि रामनगर की ओर से जाने वाली बसों के चालक आरोप लगाते हैं कि वे उनकी सवारियों को ले जाते हैं।