{"_id":"621151b1ba64330d425dda38","slug":"people-can-got-arm-in-changing-weather-kashipur-news-hld4542005101","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम बदलने से बिगड़ रही सेहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम बदलने से बिगड़ रही सेहत
विज्ञापन
डॉ. जसवीर सिंह साहनी।
- फोटो : KASHIPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। कोरोना संक्रमण के बीच बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही स्वास्थ्य बिगाड़ सकती है। दिन में गर्मी तो रात के समय ठंड होने से स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहने की जरूरत है। यदि जरा सी भी लापरवाही बरती तो सेहत के लिए भारी पड़ सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक वर्तमान मौसम के तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव के कारण शरीर अपने आप को मौसम के मुताबिक एकदम से ढाल नहीं पाता है जिससे लोग बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।
सर्दी के बाद गर्मी का सीजन शुरू होने के दौरान प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में लोगों को सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत आम बात है। इस बदलते मौसम में वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं जो कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपने चपेट में ले लेता है। बुजुर्गों व बच्चों के साथ विशेष सावधानी बरती चाहिए। फरवरी में कभी सर्द और कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार, गले में दर्द, थकान जैसे बीमारियां लोगों को परेशान करती हैं।
एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में फ्लू ओपीडी चिकित्सक डॉ. जसवीर सिंह साहनी ने बताया कि इस मौसम में दिन में कम से कम एक स्वेटर या कोई गर्म कपड़ा अवश्य पहनना चाहिए। डॉ. साहनी ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन सरकारी अस्पताल में 60 से 70 लोग बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
बदलते मौसम में बरतें सावधानियां
डॉ. जसवीर सिंह साहनी ने बताया कि बदलते मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए क्योंकि इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मौसमी फलों व सब्जियों का अधिक प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इस मौसम में ठंडे पेय पदार्थ आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पिज्जा, बर्गर, चाट, तली-भुनी चीजें और खुले व कटे रखे फल नहीं खाना चाहिए। दिन में पर्याप्त पानी पिएं। सुबह की सैर के साथ-साथ योगा भी करें। वहीं फेफड़े से संबंधित मरीजों को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए। साथ ही स्वयं किसी दवा का प्रयोग नहीं करें और चिकित्सक से परामर्श लें। संवाद
विज्ञापन
सर्दी के बाद गर्मी का सीजन शुरू होने के दौरान प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में लोगों को सर्दी, जुकाम व बुखार की शिकायत आम बात है। इस बदलते मौसम में वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ते हैं जो कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी अपने चपेट में ले लेता है। बुजुर्गों व बच्चों के साथ विशेष सावधानी बरती चाहिए। फरवरी में कभी सर्द और कभी गर्म मौसम होने के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार, गले में दर्द, थकान जैसे बीमारियां लोगों को परेशान करती हैं।
विज्ञापन
एलडी भट्ट सरकारी अस्पताल में फ्लू ओपीडी चिकित्सक डॉ. जसवीर सिंह साहनी ने बताया कि इस मौसम में दिन में कम से कम एक स्वेटर या कोई गर्म कपड़ा अवश्य पहनना चाहिए। डॉ. साहनी ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन सरकारी अस्पताल में 60 से 70 लोग बदलते मौसम से होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
बदलते मौसम में बरतें सावधानियां
डॉ. जसवीर सिंह साहनी ने बताया कि बदलते मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए क्योंकि इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मौसमी फलों व सब्जियों का अधिक प्रयोग करना चाहिए। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इस मौसम में ठंडे पेय पदार्थ आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पिज्जा, बर्गर, चाट, तली-भुनी चीजें और खुले व कटे रखे फल नहीं खाना चाहिए। दिन में पर्याप्त पानी पिएं। सुबह की सैर के साथ-साथ योगा भी करें। वहीं फेफड़े से संबंधित मरीजों को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए। साथ ही स्वयं किसी दवा का प्रयोग नहीं करें और चिकित्सक से परामर्श लें। संवाद