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जिले के 50 अस्पतालों को पीसीबी ने भेजे नोटिस
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काशीपुर। जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का विवरण नहीं देने और पीसीबी में अब तक प्राधिकार प्राप्ति के लिए आवेदन नहीं करने पर पीसीबी ने जिले के 12 सरकारी अस्पताल समेत 50 अस्पतालों को नोटिस भेजे हैं। यदि इसके बाद भी यदि अस्पताल जानकारी उपलब्ध नहीं कराते हैं तो पीसीबी जुर्माने की कार्रवाई कर सकता है।
दरअसल जिले में कई अस्पताल जैव चिकित्सीय अपशिष्ट को सड़क किनारे या नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंक रहे हैं। इससे गंभीर बीमारियों का खतरा तो बना हुआ ही है, साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा हे।
जैव चिकित्सीय कचरे का सही निस्तारण नहीं होने पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने अभियान चलाकर ऐसे अस्पतालों को चिह्नित किया था जो जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का निस्तारण मानक के अनुसार नहीं कर रहे थे और न ही पीसीबी से प्राधिकार प्राप्ति को आवेदन कर रहे थे।
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इसके बाद पीसीबी ने अस्पतालों को नोटिस देने और जुर्माने की कार्रवाई की थी। इसके बाद जिले के कई अस्पतालों ने पीसीबी को जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पीसीबी में प्राधिकार के लिए आवेदन भी कर दिए।
हालांकि पीसीबी के निरीक्षण में अब भी 50 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का विवरण नहीं दिया है और न ही पीसीबी में आवेदन किया है। इसमें 12 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं, जिन्हें पीसीबी ने नोटिस भेजकर विवरण देने और प्राधिकार प्राप्ति के लिए आवेदन करने को कहा है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि 12 सरकारी समेत जिले के 50 अस्पतालों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि वह विवरण उपलब्ध नहीं कराते है और न ही आवेदन करते हैं तो दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
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दरअसल जिले में कई अस्पताल जैव चिकित्सीय अपशिष्ट को सड़क किनारे या नगर निगम के ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंक रहे हैं। इससे गंभीर बीमारियों का खतरा तो बना हुआ ही है, साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा हे।
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जैव चिकित्सीय कचरे का सही निस्तारण नहीं होने पर उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने अभियान चलाकर ऐसे अस्पतालों को चिह्नित किया था जो जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का निस्तारण मानक के अनुसार नहीं कर रहे थे और न ही पीसीबी से प्राधिकार प्राप्ति को आवेदन कर रहे थे।
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इसके बाद पीसीबी ने अस्पतालों को नोटिस देने और जुर्माने की कार्रवाई की थी। इसके बाद जिले के कई अस्पतालों ने पीसीबी को जैव चिकित्सीय अपशिष्ट की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पीसीबी में प्राधिकार के लिए आवेदन भी कर दिए।
हालांकि पीसीबी के निरीक्षण में अब भी 50 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक जैव चिकित्सीय अपशिष्ट का विवरण नहीं दिया है और न ही पीसीबी में आवेदन किया है। इसमें 12 सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं, जिन्हें पीसीबी ने नोटिस भेजकर विवरण देने और प्राधिकार प्राप्ति के लिए आवेदन करने को कहा है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अनुराग नेगी ने बताया कि 12 सरकारी समेत जिले के 50 अस्पतालों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि वह विवरण उपलब्ध नहीं कराते है और न ही आवेदन करते हैं तो दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। साथ ही जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।