{"_id":"5b4ce61b4f1c1be94b8b517f","slug":"pantnagar-university-and-pcra-came-together-for-fuel-conservation","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंधन संरक्षण के लिए साथ आए पंत विवि और पीसीआरए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंधन संरक्षण के लिए साथ आए पंत विवि और पीसीआरए
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊध्ामसिंह नगर
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
Pantnagar University
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंतनगर विश्वविद्यालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पेट्रोलियम संरक्षण एवं अनुसंधान संघ (पीसीआरए) के बीच सोमवार को पंतनगर विवि के कुलपति प्रो. एके मिश्रा की उपस्थिति में एक समझौते हस्ताक्षर हुए। एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान ईंधन संरक्षण के लिए मिलकर काम करेंगे। समझौते पर विश्वविद्यालय की तरफ से निदेशक शोध डॉ. एसएन तिवारी और पीसीआरए की ओर से मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक एवं निदेशक नवीन गुलाठी ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन के तहत दोनों संस्थान विश्वविद्यालय फार्म, विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों, विभिन्न शोध केंद्रों में प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर्स और कृषि मशीनरी में प्रयुक्त होने वाले प्राइम मूवर में डीजल की खपत कम करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इससे ईंधन की बचत होगी। इसके लिए पीसीआरए ईंधन की बचत से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण देगा। समझौते पर कार्य करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से संयुक्त निदेशक शोध डॉ. आरएन पटेरिया समन्वयक का काम करेंगे।
इस मौके पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक एवं उत्तराखंड प्रदेश समन्वयक नीरज गुप्ता, पंतनगर विवि के अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी डॉ. एचसी शर्मा, संयुक्त निदेशक शोध डॉ. डीवी सिंह आदि थे।
विज्ञापन
समझौते के अंतर्गत पीसीआरए कृषि कार्यशालाओं एवं किसान मेलों के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षित करेगा। इसका सीधा असर कृषि लागत को कम करने में होगा और प्रति हेक्टेयर आमदनी में वृद्धि होगी। यह पहल किसानों की आय दोगुनी करने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस संयुक्त सहयोग से डीजल खपत और धन की बचत होगी। वर्तमान एवं भविष्य में बाजारों में आने वाले ईंधन कुल के उपकरणों और उत्पादों को किसानों द्वारा अपनाने में भी सहायता मिलेगी।- डॉ. आरएन पटेरिया, संयुक्त निदेशक शोध एवं एमओयू के समन्वयक।
विज्ञापन
इस समझौता ज्ञापन के तहत दोनों संस्थान विश्वविद्यालय फार्म, विश्वविद्यालय के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों, विभिन्न शोध केंद्रों में प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर्स और कृषि मशीनरी में प्रयुक्त होने वाले प्राइम मूवर में डीजल की खपत कम करने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। इससे ईंधन की बचत होगी। इसके लिए पीसीआरए ईंधन की बचत से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण देगा। समझौते पर कार्य करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से संयुक्त निदेशक शोध डॉ. आरएन पटेरिया समन्वयक का काम करेंगे।
विज्ञापन
इस मौके पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक एवं उत्तराखंड प्रदेश समन्वयक नीरज गुप्ता, पंतनगर विवि के अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी डॉ. एचसी शर्मा, संयुक्त निदेशक शोध डॉ. डीवी सिंह आदि थे।
विज्ञापन
समझौते के अंतर्गत पीसीआरए कृषि कार्यशालाओं एवं किसान मेलों के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षित करेगा। इसका सीधा असर कृषि लागत को कम करने में होगा और प्रति हेक्टेयर आमदनी में वृद्धि होगी। यह पहल किसानों की आय दोगुनी करने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस संयुक्त सहयोग से डीजल खपत और धन की बचत होगी। वर्तमान एवं भविष्य में बाजारों में आने वाले ईंधन कुल के उपकरणों और उत्पादों को किसानों द्वारा अपनाने में भी सहायता मिलेगी।- डॉ. आरएन पटेरिया, संयुक्त निदेशक शोध एवं एमओयू के समन्वयक।