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पंत विवि : 15 शिक्षकों ने छोड़े प्रशासनिक कार्य
अमर उजाला ब्यूरो पंतनगर
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:15 AM IST
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पंतनगर विश्व विद्यालय के हाल में एकत्रित शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मंगलाराय के इस्तीफे के बाद विवि के प्रशासनिक पदों पर तैनात 15 शिक्षकों ने भी अपने अतिरिक्त दायित्वों से इस्तीफा दे दिया। हालांकि वे शिक्षण कार्य करते रहेंगे। इनमें आठ डीन और तीन निदेशक शामिल हैं। उन्होंने कुलपति के इस्तीफा देने को विवि के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
गौरतलब है कि पंतनगर को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, वेतन और पेंशन सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर पंतनगर विवि शिक्षक समिति बीती 16 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। इस कारण विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य ठप हो गया है। शोध एवं प्रसार कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों के आंदोलन से क्षुब्ध होकर कुलपति डॉ.मंगलाराय ने रविवार रात पद से त्यागपत्र दे दिया था। उन्होंने राज्यपाल से 24 अगस्त से पदमुक्त करने का अनुरोध किया है।
कुलपति के इस्तीफा देने की खबर मिलते ही निदेशक विधि का अतिरिक्त दायित्व संभाल रहे सीएबीएम के शिक्षक डॉ.आशुतोष सिंह ने भी अपने प्रभार से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने शिक्षक समिति की सदस्यता भी छोड़ दी है। उन्होंने कुलपति की कार्यप्रणाली की तारीफ की। कहा कि कुलपति का इस्तीफा देना विवि के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
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इसी बीच अपर निदेशक प्रशासन डॉ.ओम प्रकाश, सहायक निदेशक प्रशासन डॉ.अनिल कुमार और सुरक्षाधिकारी डॉ.अरुण चौधरी ने भी अपने-अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। कहा जा रहा है कि तीनों ने कुलपति के समर्थन में इस्तीफे दिए हैं। हालांकि तीनों शिक्षकों ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से अपने अतिरिक्त पदों से इस्तीफा दिया है। देर शाम विवि के आठ अधिष्ठाताओं एवं तीन निदेशकों ने भी कुलपति डॉ.मंगला राय के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
सामूहिक रूप से कुलपति को इस्तीफा सौंपते हुए उसकी प्रति राज्यपाल को भी भेजी है। इनमें डीन एग्रीकल्चर डॉ.जे कुमार, डीन होमसाइंस डॉ.रीता सिंह रघुवंशी, डीन वेटनरी डॉ.जीके सिंह, डीन सीबीएसएच डॉ.उमा मल्कानिया, डीन टेक्नॉलॉजी डॉ.एचसी शर्मा, डीन फिशरीज डॉ.आईजे सिंह, डीन पीजी डॉ.एनएस मूर्ति, डीन स्टूडेंट्स वेल्फेयर डॉ.एसपी सिंह, डायरेक्टर रिसर्च डॉ.जेपी सिंह, डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ.वाईपीएस डबास, डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट डॉ.करुणा विश्वनावत शामिल हैं। अधिष्ठाताओं एवं निदेशकों ने आंदोलनकारी शिक्षकों के नाम पत्र भेजकर शिक्षण कार्य शुरू करने की अपील की है।
कुलपति डा. मंगलाराय ने अपना त्याग पत्र राजभवन देहरादून भेज दिया है। राजभवन से उन्होंने फोन पर बात भी की। कुलपति ने राज्यपाल से इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें 24 अगस्त तक पदमुक्त करने का अनुरोध किया है। त्यागपत्र देने के बाद सोमवार को कुलपति अपने कार्यालय नहीं आए। वह सरकारी निवास तराई भवन में ही रहे। वहां पहुंचे विवि के अधिकारियों की तरफ भी उन्होंने कोई खास ध्यान नहीं दिया। कुलपति ने इस्तीफे के संबंध में पत्रकारों से भी वार्ता करने से इंकार कर दिया। कुलपति के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.भास्कर तिवारी ने बताया कुलपति अपनी बात परिसरवासियों एवं शासन को बता चुके हैं। इसलिए अब ज्यादा कुछ नहीं कहना है।
कुलपति के इस्तीफा देने के बावजूद हड़ताली शिक्षक आंदोलन और अपनी सभी मांगों पर अडिग हैं। इस्तीफे को भी उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस्तीफा देने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। कुलपति कोई भी हों वह उनकी समस्याओं का समाधान करें। इस बीच शिक्षक समिति ने महाविद्यालयों के सामने जुलूस निकालकर अनंतराव हॉल में सभा की। सभा में आंदोलन की समीक्षा करते हुए इसे जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कुलपति के इस्तीफे को समस्याओं से ध्यान हटाने वाली चाल बताया। इस मौके पर डॉ.पीएन सिंह, डॉ.टीपी सिंह, डॉ.विनय कुमार, डॉ. अजीत कर्नाटक, डॉ.धीर सिंह, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.एसएन तिवारी आदि ने विचार व्यक्त किए।
हड़ताली शिक्षक प्रशासनिक पदों पर तैनात शिक्षकों से अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि वे शिक्षक हैं और शिक्षण के अलावा दूसरा कार्य नहीं करेंगे। सोमवार को चार शिक्षकों ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा तो दिया, लेकिन किसी ने भी हड़ताली शिक्षकों के समर्थन की बात नहीं की। डा. आशुतोष ने तो कुलपति के समर्थन में इस्तीफा देने का ऐलान किया। डॉ.आशुतोष के इस्तीफा देने और उनके वक्तव्य से गुस्साए आंदोलनरत शिक्षकों ने उनके इस्तीफे की प्रति की प्रशासन भवन में होली जलाई।
गौरतलब है कि पंतनगर को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, वेतन और पेंशन सहित 21 सूत्रीय मांगों को लेकर पंतनगर विवि शिक्षक समिति बीती 16 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। इस कारण विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य ठप हो गया है। शोध एवं प्रसार कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षकों के आंदोलन से क्षुब्ध होकर कुलपति डॉ.मंगलाराय ने रविवार रात पद से त्यागपत्र दे दिया था। उन्होंने राज्यपाल से 24 अगस्त से पदमुक्त करने का अनुरोध किया है।
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कुलपति के इस्तीफा देने की खबर मिलते ही निदेशक विधि का अतिरिक्त दायित्व संभाल रहे सीएबीएम के शिक्षक डॉ.आशुतोष सिंह ने भी अपने प्रभार से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने शिक्षक समिति की सदस्यता भी छोड़ दी है। उन्होंने कुलपति की कार्यप्रणाली की तारीफ की। कहा कि कुलपति का इस्तीफा देना विवि के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
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इसी बीच अपर निदेशक प्रशासन डॉ.ओम प्रकाश, सहायक निदेशक प्रशासन डॉ.अनिल कुमार और सुरक्षाधिकारी डॉ.अरुण चौधरी ने भी अपने-अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। कहा जा रहा है कि तीनों ने कुलपति के समर्थन में इस्तीफे दिए हैं। हालांकि तीनों शिक्षकों ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों से अपने अतिरिक्त पदों से इस्तीफा दिया है। देर शाम विवि के आठ अधिष्ठाताओं एवं तीन निदेशकों ने भी कुलपति डॉ.मंगला राय के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
सामूहिक रूप से कुलपति को इस्तीफा सौंपते हुए उसकी प्रति राज्यपाल को भी भेजी है। इनमें डीन एग्रीकल्चर डॉ.जे कुमार, डीन होमसाइंस डॉ.रीता सिंह रघुवंशी, डीन वेटनरी डॉ.जीके सिंह, डीन सीबीएसएच डॉ.उमा मल्कानिया, डीन टेक्नॉलॉजी डॉ.एचसी शर्मा, डीन फिशरीज डॉ.आईजे सिंह, डीन पीजी डॉ.एनएस मूर्ति, डीन स्टूडेंट्स वेल्फेयर डॉ.एसपी सिंह, डायरेक्टर रिसर्च डॉ.जेपी सिंह, डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ.वाईपीएस डबास, डायरेक्टर ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट डॉ.करुणा विश्वनावत शामिल हैं। अधिष्ठाताओं एवं निदेशकों ने आंदोलनकारी शिक्षकों के नाम पत्र भेजकर शिक्षण कार्य शुरू करने की अपील की है।
कुलपति डा. मंगलाराय ने अपना त्याग पत्र राजभवन देहरादून भेज दिया है। राजभवन से उन्होंने फोन पर बात भी की। कुलपति ने राज्यपाल से इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें 24 अगस्त तक पदमुक्त करने का अनुरोध किया है। त्यागपत्र देने के बाद सोमवार को कुलपति अपने कार्यालय नहीं आए। वह सरकारी निवास तराई भवन में ही रहे। वहां पहुंचे विवि के अधिकारियों की तरफ भी उन्होंने कोई खास ध्यान नहीं दिया। कुलपति ने इस्तीफे के संबंध में पत्रकारों से भी वार्ता करने से इंकार कर दिया। कुलपति के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.भास्कर तिवारी ने बताया कुलपति अपनी बात परिसरवासियों एवं शासन को बता चुके हैं। इसलिए अब ज्यादा कुछ नहीं कहना है।
कुलपति के इस्तीफा देने के बावजूद हड़ताली शिक्षक आंदोलन और अपनी सभी मांगों पर अडिग हैं। इस्तीफे को भी उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस्तीफा देने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। कुलपति कोई भी हों वह उनकी समस्याओं का समाधान करें। इस बीच शिक्षक समिति ने महाविद्यालयों के सामने जुलूस निकालकर अनंतराव हॉल में सभा की। सभा में आंदोलन की समीक्षा करते हुए इसे जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कुलपति के इस्तीफे को समस्याओं से ध्यान हटाने वाली चाल बताया। इस मौके पर डॉ.पीएन सिंह, डॉ.टीपी सिंह, डॉ.विनय कुमार, डॉ. अजीत कर्नाटक, डॉ.धीर सिंह, डॉ.सुनील कुमार, डॉ.एसएन तिवारी आदि ने विचार व्यक्त किए।
हड़ताली शिक्षक प्रशासनिक पदों पर तैनात शिक्षकों से अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि वे शिक्षक हैं और शिक्षण के अलावा दूसरा कार्य नहीं करेंगे। सोमवार को चार शिक्षकों ने प्रशासनिक पदों से इस्तीफा तो दिया, लेकिन किसी ने भी हड़ताली शिक्षकों के समर्थन की बात नहीं की। डा. आशुतोष ने तो कुलपति के समर्थन में इस्तीफा देने का ऐलान किया। डॉ.आशुतोष के इस्तीफा देने और उनके वक्तव्य से गुस्साए आंदोलनरत शिक्षकों ने उनके इस्तीफे की प्रति की प्रशासन भवन में होली जलाई।